देश के सामने नई स्वास्थ्य चुनौती
भारत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान लोगों की जीवनशैली तेजी से बदली है। काम का बढ़ता दबाव, लंबे समय तक बैठकर काम करना, जंक फूड का अधिक सेवन और शारीरिक गतिविधि में कमी के कारण मोटापा और मधुमेह (डायबिटीज) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
हाल ही में जारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि पहले की तुलना में अधिक लोग अधिक वजन, मोटापे और बढ़े हुए ब्लड शुगर की समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे आने वाले समय के लिए गंभीर चुनौती मान रहे हैं।
क्या कहते हैं नए आंकड़े?
ताज़ा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के अनुसार देश में अधिक वजन और मोटापे से प्रभावित लोगों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। साथ ही ऐसे लोगों की संख्या भी बढ़ी है जिनका ब्लड शुगर स्तर सामान्य से अधिक पाया गया या जो मधुमेह की दवा ले रहे हैं। यह संकेत देता है कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां अब तेजी से बढ़ रही हैं।
मोटापा बढ़ने के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा किसी एक कारण से नहीं बल्कि कई आदतों के कारण बढ़ता है।
- लंबे समय तक बैठे रहना।
- रोजाना व्यायाम या पैदल चलने की कमी।
- जंक फूड और मीठे पेय पदार्थों का अधिक सेवन।
- पर्याप्त नींद न लेना।
- मानसिक तनाव और अनियमित दिनचर्या।
- मोबाइल और कंप्यूटर पर अधिक समय बिताना।
मधुमेह क्यों बन रही बड़ी समस्या?
मधुमेह ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर रक्त में मौजूद शुगर को सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाता। यदि समय रहते इसका पता न चले तो हृदय, किडनी, आंखों और नसों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता मोटापा, कम शारीरिक गतिविधि और असंतुलित खानपान मधुमेह के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
किन लोगों को अधिक सावधान रहने की जरूरत?
- 30 वर्ष से अधिक आयु के लोग।
- जिनके परिवार में पहले से मधुमेह का इतिहास हो।
- अधिक वजन वाले व्यक्ति।
- कार्यालय में लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले कर्मचारी।
- कम शारीरिक श्रम करने वाले लोग।
- उच्च रक्तचाप या हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति।
बचाव के आसान उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर मोटापा और मधुमेह के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
- प्रतिदिन कम से कम 30–45 मिनट पैदल चलें या व्यायाम करें।
- घर का ताजा और संतुलित भोजन करें।
- जंक फूड, तले हुए खाद्य पदार्थ और मीठे पेय कम लें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- रोज 7–8 घंटे की अच्छी नींद लें।
- समय-समय पर ब्लड शुगर और वजन की जांच कराते रहें।
कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए विशेष सलाह
आज अधिकांश कर्मचारी कई घंटे लगातार कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करते हैं। वहीं विद्यार्थी भी पढ़ाई और मोबाइल के कारण कम शारीरिक गतिविधि कर पाते हैं। इसलिए हर 45–60 मिनट बाद कुछ मिनट टहलना, हल्का व्यायाम करना और आंखों को आराम देना लाभदायक हो सकता है।
परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण
स्वस्थ जीवनशैली केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। यदि परिवार के सभी सदस्य नियमित व्यायाम करें, पौष्टिक भोजन लें और मीठे तथा पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का सीमित उपयोग करें तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है।
निष्कर्ष- भारत में मोटापा और मधुमेह के बढ़ते मामले यह संकेत देते हैं कि अब स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना पहले से अधिक जरूरी हो गया है। नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, समय पर स्वास्थ्य जांच और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर इन बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। छोटी-छोटी अच्छी आदतें भविष्य में बड़े स्वास्थ्य लाभ दे सकती हैं।
डिस्क्लेमर- यह लेख जनहित में स्वास्थ्य संबंधी उपलब्ध जानकारी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षणों पर आधारित सरल भाषा में तैयार किया गया है। यह केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
आधिकारिक स्रोत:
यह ब्लॉग हाल के NFHS-6 में सामने आए मोटापा और बढ़े हुए ब्लड शुगर के रुझानों पर आधारित जनहित जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है।