क्या है छात्रों की मुख्य मांग
राजकीय डा० बृजकिशोर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, देवकाली, अयोध्या में छात्र-छात्राओं ने 10 सितंबर 2026 को अपने इंटर्नशिप भत्ते/स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग को लेकर कॉलेज के मुख्य द्वार पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं की प्रमुख मांग है कि वर्तमान में मिल रहे ₹7,500 प्रतिमाह इंटर्नशिप भत्ते/स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी मांग को लेकर नारेबाजी की और इंटर्नशिप भत्ते में वृद्धि किए जाने की मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें मिलने वाला वर्तमान स्टाइपेंड उनके महत्वपूर्ण चिकित्सा दायित्वों के अनुरूप नहीं है तथा अन्य चिकित्सा पद्धतियों के इन्टर्न छात्रों से काफी कम है, इसलिए इसे बढ़ाकर ₹25 हजार प्रतिमाह किया जाना चाहिए।
ओपीडी प्रभावित होने की बात सामने आई
धरना प्रदर्शन के दौरान चिकित्सा महाविद्यालय की ओपीडी के संचालन पर भी असर पड़ने की बात सामने आई। छात्रों ने अपनी मांग पूरी होने तक शांतिपूर्ण तरीके से धरना जारी रखने की बात कही। प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी महाविद्यालय परिसर में उपस्थित हुए। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में महाविद्यालय के प्राचार्य, प्रो० आशीष कुमार सिंह ने छात्र-छात्राओं से बातचीत की और उनकी मांगों को लेकर आवश्यक प्रक्रिया अपनाने की बात कही।
पुलिस प्रशासन एवं प्राचार्य ने ज्ञापन देने की अपील की

प्राचार्य एवं पुलिस प्रशासन की ओर से छात्र-छात्राओं को समझाया गया कि वे अपनी मांगों के संबंध में लिखित ज्ञापन प्रशासन को उपलब्ध कराएं। छात्रों को आश्वस्त किया गया कि उनके ज्ञापन को नियमानुसार संबंधित उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा, ताकि उनकी मांग पर उचित स्तर पर विचार किया जा सके। हालांकि, बातचीत के बाद भी छात्र-छात्राओं ने अपना शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन जारी रखा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे शांतिपूर्ण तरीके से संवैधानिक दायरे में अपना शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
इंटर्नशिप भत्ते में वृद्धि की मांग पर टिकी नजर
छात्र-छात्राओं की ओर से इंटर्नशिप भत्ते/स्टाइपेंड को ₹7,500 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह किए जाने की मांग की जा रही है। अब देखना होगा कि छात्र-छात्राओं के ज्ञापन पर शासन एवं संबंधित उच्चाधिकारी क्या निर्णय लेते हैं। फिलहाल महाविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं का धरना जारी है और उनकी मांग को लेकर आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
नोट: यह समाचार उपलब्ध जानकारी और प्रदर्शन के दौरान सामने आए पक्षों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी प्रशासनिक या शासन स्तर के निर्णय की आधिकारिक पुष्टि होने पर समाचार को उसके अनुसार अपडेट किया जा सकता है।