उत्तर प्रदेश के ऊर्जा निगमों में काम करने वाले आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए अच्छी खबर है। पावर कॉरपोरेशन ने फैसला लिया है कि अब आउटसोर्स कर्मी 60 वर्ष की उम्र तक काम कर सकेंगे। अभी तक सिर्फ 55 वर्ष तक ही काम पर रखा जाता था। इसी तरह जिन कर्मियों को हटा दिया गया था, उन्हें भी शर्तों के साथ दोबारा काम पर रखा जाएगा। इस फैसले से 50 हजार से अधिक कर्मियों को फायदा मिलने की बात कही गई है।
फैसला कब और कैसे हुआ?
यह निर्णय 6 अक्तूबर को पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों और निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के बीच आउटसोर्स कर्मियों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई।
मुख्य बातें
आउटसोर्स कर्मियों की कार्य-अवधि की उम्र सीमा 55 से बढ़ाकर 60 वर्ष।
पूर्व में हटाए गए कर्मियों को शर्तों के साथ दोबारा काम पर रखने का फैसला।
50 हजार से अधिक कर्मियों को लाभ।
एजेंसियों के साथ अनुबंध में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
60 वर्ष तक काम जारी रखने की प्रक्रिया
कर्मियों को 60 वर्ष तक काम जारी रखने के लिए कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
स्वास्थ्य प्रमाणपत्र: पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर से स्वास्थ्य और फिटनेस का प्रमाणपत्र बनवाकर संबंधित आउटसोर्स एजेंसी को देना होगा।
लिखित घोषणा: कर्मचारी को लिखित रूप में बताना होगा कि वह काम करने में सक्षम और इच्छुक है।
एजेंसी से कॉरपोरेशन तक: एजेंसी ऐसे कर्मचारियों की जानकारी कॉरपोरेशन को उपलब्ध कराएगी।
अनुबंध में संशोधन: इसके बाद इस निर्णय के अनुरूप आउटसोर्स एजेंसियों के साथ होने वाले अनुबंधों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

हटाए गए कर्मियों की वापसी की शर्तें
प्रबंधन ने पूर्व में हटाए गए आउटसोर्स कर्मियों को फिर से काम पर रखने का भी निर्णय लिया है। हालांकि यह सभी के लिए नहीं है। सिर्फ उन्हीं कर्मचारियों को वापस रखने पर विचार किया जाएगा जिनके खिलाफ पूर्व कार्यकाल में इनमें से कोई शिकायत न मिली हो:
कर्तव्य पालन में शिथिलता
उपभोक्ताओं से गलत व्यवहार
अनुशासनहीनता
बिजली चोरी में संलिप्तता
धन उगाही
अनुचित आचरण
बिलिंग संबंधी कदाचार
कर्मचारी को दोबारा रखने से पहले संबंधित डिस्कॉम उसके पूर्व कार्यकाल के अभिलेखों का सत्यापन करेगा।
फैसले का उद्देश्य
इस पहल का उद्देश्य पात्र कर्मचारियों को अवसर देने के साथ-साथ कार्य की गुणवत्ता, अनुशासन और उपभोक्ता सेवाओं के मानकों को बनाए रखना है। अनुभवी कर्मियों के काम करते रहने से बिजली व्यवस्था के संचालन में भी मदद मिलेगी।
कर्मचारी क्या तैयारी रखें?
अपनी आउटसोर्स एजेंसी से आदेश की प्रति और प्रक्रिया की जानकारी लें।
उम्र 55 वर्ष के करीब हो तो समय रहते मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र बनवा लें।
लिखित घोषणा-पत्र निर्धारित प्रारूप में जमा करें।
हटाए गए कर्मी अपने पूर्व कार्यकाल के दस्तावेज और संबंधित डिस्कॉम का संपर्क तैयार रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्र. आउटसोर्स बिजली कर्मी अब कितनी उम्र तक काम कर सकेंगे?
उ. 60 वर्ष तक, पहले यह सीमा 55 वर्ष थी।
प्र. इसके लिए कौन-सा प्रमाणपत्र जरूरी है?
उ. पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर का स्वास्थ्य एवं फिटनेस प्रमाणपत्र और काम के लिए सक्षम व इच्छुक होने की लिखित घोषणा।
प्र. क्या हटाए गए सभी कर्मचारी वापस आएंगे?
उ. नहीं, सिर्फ वही जिनके खिलाफ पूर्व कार्यकाल में कोई शिकायत नहीं मिली और जिनके अभिलेख सत्यापित हो जाएंगे।
प्र. फैसला किसने लिया?
उ. 6 अक्तूबर को पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष की मौजूदगी में हुई बैठक में।
निष्कर्ष
उम्र सीमा 60 वर्ष होने से हजारों आउटसोर्स बिजली कर्मियों को रोजगार की सुरक्षा मिलेगी, लेकिन इसके लिए मेडिकल फिटनेस और अनुशासन की शर्तें पूरी करनी होंगी। आदेश की प्रक्रिया और ताजा अपडेट के लिए shasnadeshupdates.com देखते रहें।
नोट: यह लेख समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। लागू होने की तिथि और अंतिम प्रक्रिया के लिए कॉरपोरेशन या डिस्कॉम के आधिकारिक आदेश देखें।