उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारंभ: 3 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों का बढ़ेगा मानदेय तथा मिलेगा बीमा और डिजिटल सुरक्षा तंत्र।
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उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारंभ: 3 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों का बढ़ेगा मानदेय तथा मिलेगा बीमा और डिजिटल सुरक्षा तंत्र।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने 02 सितंबर 2026 को लखनऊ के लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारंभ किया, जिसके तहत प्रदेश के 3 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों और उनके परिवारों के करीब 17-20 लाख सदस्यों की भर्ती, उपस्थिति, भुगतान, कटौती और शिकायत निवारण की पूरी व्यवस्था अब एक डिजिटल पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से संचालित होगी। इस पहल में मानदेय को लगभग दोगुना बढ़ाकर 20,000 से 40,000 रुपये तक निर्धारित किया गया है, हर माह 5 तारीख तक सीधे बैंक खाते में भुगतान, नियमित ईपीएफ-ईएसआई अंशदान, अनधिकृत कटौती पर रोक, तथा भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से 20 से 50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं शामिल हैं।

📅 4 सितंबर 2026 ·👁 106 views

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्स कर्मियों के संबंध में लिया गया बड़ा निर्णय।

02 सितंबर 2026 को लखनऊ स्थित लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यू0पी0सी0ओ0एस0) का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में निगम की वेबसाइट और डिजिटल पोर्टल का उद्घाटन हुआ, निगम के लोगो का अनावरण किया गया और कुछ आउटसोर्स कर्मियों को प्रतीकात्मक डेमो चेक भी प्रदान किए गए।

यह आदेश प्रदेश के उन लाखों आउटसोर्स कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण है जो अलग-अलग सरकारी विभागों, अस्पतालों, सचिवालय और अन्य कार्यालयों में एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत हैं। अभी तक इनकी भर्ती, भुगतान, कटौती और शिकायत निवारण की प्रक्रिया बिखरी हुई और कई बार अपारदर्शी रहती थी।

इस लेख में हम आपको बताएंगे कि इस निगम के गठन से क्या बदलाव आएगा, किसे इसका लाभ मिलेगा, मानदेय और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े क्या प्रावधान किए गए हैं और आगे इसकी प्रक्रिया क्या रहेगी — यह सब आधिकारिक विज्ञप्ति (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उ0प्र0) के आधार पर।


एक नजर में महत्वपूर्ण जानकारी

बिंदु

विवरण

विषय

उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारंभ।

जारीकर्ता

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश

कार्यक्रम की तिथि व स्थान

02 सितंबर 2026, लोक भवन, लखनऊ।

मुख्य अतिथि

मा० मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी

अन्य उपस्थित गणमान्य

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान, प्रबंध निदेशक UPCOS अमृता सोनी, मुख्य महाप्रबंधक SBI दीपेश राज

लाभार्थी

प्रदेश के 3 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मी और उनके परिवारों के लगभग 17–20 लाख सदस्य

मुख्य बदलाव

भर्ती, उपस्थिति, भुगतान, कटौती व शिकायत निवारण अब एक ही डिजिटल पोर्टल के माध्यम से

आदेश संख्या एवं दिनांक

विज्ञप्ति में उल्लेख नहीं है

लागू होने की तिथि

विज्ञप्ति में स्पष्ट प्रभावी तिथि नहीं दी गई है; निगम का शुभारंभ 02 सितंबर 2026 से हो चुका है।

इस शासनादेश/विज्ञप्ति में क्या कहा गया है?

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि सरकार और कर्मचारी का संबंध केवल वेतन और कार्य का नहीं, बल्कि विश्वास और जिम्मेदारी का भी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से अब भर्ती से लेकर भुगतान और सेवा सुरक्षा तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाएगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।

निगम के उद्देश्यों में मुख्य रूप से यह बताया गया कि आउटसोर्स वर्कफोर्स को संगठित (Organized), कुशल (Skilled), सुरक्षित (Secure) और सम्मानजनक (Dignified) वर्कफोर्स में बदला जाएगा। भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और योग्यता तथा मेरिट पर आधारित होगी, साथ ही राज्य सरकार की आरक्षण नीति का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

पहले यह व्यवस्था तीन अलग-अलग खेमों — कर्मचारी, एजेंसी और सरकार — में बंटी हुई थी, जिससे कर्मचारी को अपनी समस्या के लिए अलग-अलग दरवाजों पर जाना पड़ता था और समय पर वेतन व सामाजिक सुरक्षा की कोई स्पष्ट गारंटी नहीं थी।


किसे लाभ मिलेगा?

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार निम्न वर्ग इस व्यवस्था से लाभान्वित होंगे:-

• प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों, सचिवालय, चिकित्सालयों आदि में कार्यरत आउटसोर्स कर्मी

• सफाई कर्मी, पंप ऑपरेटर सहित शासन की विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े आउटसोर्स कार्मिक

• ऐसे कर्मियों के परिवार, जिन्हें दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य सुरक्षा और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा

• विज्ञप्ति के अनुसार, कुल मिलाकर 3 लाख से अधिक आउटसोर्स कार्मिक और उनके परिवारों के करीब 17 से 20 लाख सदस्य इस व्यवस्था से जुड़े हैं।


किसे लाभ नहीं मिलेगा?

उपलब्ध आधिकारिक विज्ञप्ति में ऐसी किसी श्रेणी का स्पष्ट उल्लेख नहीं है जिसे इस व्यवस्था से बाहर रखा गया हो। इस विषय पर स्पष्ट जानकारी संबंधित आधिकारिक दस्तावेज या निगम के पोर्टल पर ही उपलब्ध हो सकेगी।


पहले क्या व्यवस्था थी, अब क्या बदलाव हुआ?

पहले की व्यवस्था

अब की व्यवस्था (UPCOS के अंतर्गत)

कर्मचारी, एजेंसी और सरकार — तीन अलग खेमों में बंटी व्यवस्था।

निगम के माध्यम से एकीकृत, डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था।

कई कर्मियों को निर्धारित मानदेय (जैसे 11,000, 8,000 या 9,000 रुपये) से भी कम राशि मिलने की शिकायतें।

विभिन्न श्रेणियों में 20,000 रुपये से लेकर अधिक तक, बड़े पदों के लिए 40,000 रुपये तक मानदेय निर्धारित।

एजेंसी द्वारा मानदेय से अनधिकृत कटौती की शिकायतें।

अब मानदेय से कोई अनधिकृत कटौती नहीं होगी; सर्विस चार्ज सरकार अलग से एजेंसी को देगी।

वेतन के समय व सामाजिक सुरक्षा की स्पष्ट गारंटी न होना।

हर माह अधिकतम 5 तारीख तक सीधे बैंक खाते में भुगतान; ईपीएफ व ईएसआई का नियमित अंशदान।

मनमाने ढंग से सेवा से हटाए जाने की शिकायतें।

निर्धारित प्रक्रिया के बिना सेवा समाप्ति संभव नहीं; सरकार को सूचना देना अनिवार्य।

ऑफलाइन/असंगठित शिकायत निवारण।

पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने, स्टेटस देखने और समयबद्ध समाधान की सुविधा।

ध्यान रहे कि यह तुलना विज्ञप्ति में उल्लिखित 2017 से पूर्व की स्थिति और वर्तमान घोषित व्यवस्था के आधार पर है; पुरानी व्यवस्था के विस्तृत सरकारी आदेश की जानकारी इस दस्तावेज़ में उपलब्ध नहीं है।


कर्मचारियों/लाभार्थियों पर क्या असर पड़ेगा?

घोषित व्यवस्था के अनुसार आउटसोर्स कर्मियों के जीवन में व्यावहारिक स्तर पर निम्न बदलाव आने की संभावना है:-

• मानदेय समय पर और तय राशि में सीधे बैंक खाते में मिलेगा

• ईपीएफ और ईएसआई का अंशदान नियमित रूप से जमा होगा, जिससे भविष्य की सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी

• दुर्घटना, अग्निकांड या अन्य आकस्मिक स्थिति में परिवार को आर्थिक सहायता मिलेगी

• मनमाने ढंग से नौकरी से हटाए जाने का डर कम होगा, क्योंकि निर्धारित प्रक्रिया अनिवार्य होगी

• शिकायत के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने के बजाय डिजिटल पोर्टल पर एक ही जगह समाधान मिल सकेगा


उदाहरण से समझिए

विज्ञप्ति के अनुसार विभिन्न श्रेणियों में मानदेय 20,000 रुपये से शुरू होकर बड़े पदों के लिए 40,000 रुपये तक निर्धारित किया गया है, जबकि पहले कुछ कर्मियों का निर्धारित मानदेय 11,000, 8,000 या 9,000 रुपये तक था। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी सामान्य श्रेणी के आउटसोर्स कर्मचारी का मानदेय पहले 11,000 रुपये निर्धारित था, तो नई व्यवस्था के तहत यह "लगभग दोगुना" बढ़ाए जाने की बात कही गई है — यानी संबंधित श्रेणी में नई निर्धारित राशि तक। सटीक राशि कर्मचारी की श्रेणी, शैक्षिक योग्यता और पद पर निर्भर करेगी, जिसकी पूरी श्रेणीवार सूची निगम के पोर्टल पर उपलब्ध हो सकती है।

इसी तरह, दुर्घटना बीमा के मामले में विज्ञप्ति के अनुसार वेतन श्रेणी के अनुसार परिवार को 20 लाख रुपये से लेकर 40 या 50 लाख रुपये तक का कवर मिलेगा। यानी बीमा राशि भी कर्मचारी की वेतन श्रेणी पर निर्भर करेगी, जिसका विस्तृत वर्गीकरण मूल दस्तावेज में नहीं दिया गया है।


महत्वपूर्ण शर्तें और सावधानियां

• मानदेय में वृद्धि और सुविधाओं के साथ-साथ कर्मियों की जिम्मेदारी भी बढ़ी है — विज्ञप्ति में स्पष्ट कहा गया है कि कर्मियों को अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ पालन करना होगा।

• किसी कर्मचारी के विरुद्ध शिकायत मिलने पर जांच होगी, और शिकायत सही पाए जाने पर ही नियमानुसार कार्रवाई होगी।

• सेवा समाप्ति से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा और सरकार को इसकी सूचना देनी होगी।

• ईएसआई अस्पताल में जरूरी सुविधा उपलब्ध न होने पर आयुष्मान भारत जैसी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।


अब क्या करना होगा ?

आधिकारिक विज्ञप्ति में कर्मचारियों के लिए किसी विशिष्ट आवेदन प्रक्रिया, अंतिम तिथि या फॉर्म का उल्लेख नहीं है। सामान्य तौर पर आउटसोर्स कर्मियों को निम्न बातों पर ध्यान देना उपयोगी रहेगा:-

1- निगम के डिजिटल पोर्टल और वेबसाइट पर अपनी सेवा संबंधी जानकारी नियमित रूप से जांचते रहें

2- बैंक खाता, ईपीएफ और ईएसआई से जुड़ी जानकारी अद्यतन (updated) रखें

3- किसी भी अनधिकृत कटौती या समस्या की स्थिति में पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें

4- एजेंसी और विभाग स्तर पर होने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें, क्योंकि विस्तृत प्रक्रिया संबंधी दिशा-निर्देश आगे जारी किए जा सकते हैं

इस विषय में अगर कोई अलग से विस्तृत शासनादेश या नियमावली जारी होती है, तो उसकी जानकारी संबंधित विभाग के आधिकारिक स्रोत से ही लें।


महत्वपूर्ण सवाल-जवाब (FAQ)

1. उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) क्या है?

उत्तर- यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक निगम है, जो प्रदेश के आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती, उपस्थिति, भुगतान, कटौती और शिकायत निवारण की पूरी व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी तरीके से संचालित करेगा।

2. निगम का शुभारंभ कब और कहां हुआ?

उत्तर- इसका शुभारंभ 02 सितंबर 2026 को लखनऊ स्थित लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया।

3. मानदेय कितना बढ़ाया गया है?

उत्तर- विज्ञप्ति के अनुसार विभिन्न श्रेणियों में मानदेय लगभग दोगुना किया गया है, जो 20,000 रुपये से शुरू होकर बड़े पदों के लिए 40,000 रुपये तक निर्धारित है।

4. मानदेय कब तक बैंक खाते में आएगा?

उत्तर- प्रत्येक माह का पारिश्रमिक अधिकतम 5 तारीख तक सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में भेजा जाएगा।

5. क्या एजेंसी अब मनमानी कटौती कर सकेगी?

उत्तर- नहीं। विज्ञप्ति के अनुसार अब आउटसोर्स एजेंसी कर्मचारी के मानदेय से कोई अनधिकृत कटौती नहीं कर सकेगी; सर्विस चार्ज सरकार अलग से एजेंसी को देगी।

6. दुर्घटना की स्थिति में कितनी बीमा राशि मिलेगी?

उत्तर- वेतन के अनुसार निर्धारित श्रेणी में किसी दुर्घटना या आकस्मिक घटना की स्थिति में परिवार को 20 लाख रुपये से लेकर 40 और 50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।

7. स्वास्थ्य सुविधा किस प्रकार मिलेगी?

उत्तर- कर्मियों को ईएसआई के माध्यम से उपचार की सुविधा मिलेगी। जहां ईएसआई अस्पताल में आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, वहां आयुष्मान भारत जैसी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ा जाएगा।

8. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ हुए समझौते का क्या महत्व है?

उत्तर- निगम और SBI के बीच हुए एमओयू के माध्यम से आउटसोर्स कर्मियों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं जैसे जीरो बैलेंस खाता और परिवार के सदस्यों के लिए विशेष योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।


निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मियों के लिए भर्ती, भुगतान, कटौती और शिकायत निवारण को एक ही डिजिटल व्यवस्था के तहत लाने की दिशा में उठाया गया कदम है। मानदेय में लगभग दोगुनी वृद्धि, समय पर भुगतान, ईपीएफ-ईएसआई का नियमित अंशदान और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं इस व्यवस्था का मुख्य आधार हैं। पाठकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि आवेदन प्रक्रिया, पात्रता की विस्तृत श्रेणी और सटीक राशि से जुड़ी अद्यतन जानकारी के लिए निगम के आधिकारिक पोर्टल पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा, क्योंकि प्रस्तुत विज्ञप्ति में सभी तकनीकी विवरण शामिल नहीं हैं।


आधिकारिक स्रोत

यह जानकारी सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति "मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया" (दिनांक 02 सितंबर 2026, लखनऊ) पर आधारित है। उक्त विज्ञप्ति सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के आधिकारिक वेबसाइट https://www.information.up.gov.in पर उपलब्ध है।

आवेदन, पात्रता और प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत व अद्यतन जानकारी के लिए संबंधित विभाग/निगम के आधिकारिक वेबसाइट से ही पुष्टि करें।

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