क्या कहा गया है आदेश में?
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि भर्ती विज्ञापन दिनांक 15 दिसंबर 2016 के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों की जनपदवार मेरिट सूची तैयार की जाए। यह सूची उपलब्ध रिक्त पदों के अनुरूप केवल मेरिट के आधार पर बनाई जाएगी।
किन अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ?
नई चयन सूची में निम्न श्रेणी के अभ्यर्थियों को शामिल किया जाएगा—
सुप्रीम कोर्ट में अपील करने वाले अभ्यर्थी (Appellants)।
हस्तक्षेपकर्ता (Intervenors)।
उच्च न्यायालय में लंबित याचिकाओं के याचिकाकर्ता।
वे अभ्यर्थी जिनकी याचिकाएं पूर्व में निस्तारित हो चुकी हैं, लेकिन जो संबंधित आदेशों से प्रभावित हैं।
चयन प्रक्रिया कैसे होगी?
परिषद ने स्पष्ट किया है कि चयन सूची तैयार करते समय 26 दिसंबर 2016 की अधिसूचना, आरक्षण संबंधी प्रावधानों तथा उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 के प्रावधानों का पूर्ण पालन किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से जिला चयन समिति के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।
महत्वपूर्ण निर्देश
सभी जिलों को 10 जून 2026 तक चयन सूची तैयार करने की कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसी भी प्रकार की शिथिलता या अनियमितता के लिए संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं सदस्य सचिव उत्तरदायी होंगे।
मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में अगस्त 2026 में प्रस्तावित है, इसलिए न्यायालय को प्रगति से अवगत कराया जाएगा।
संक्षेप में- 12460 सहायक अध्यापक भर्ती से जुड़े पात्र अभ्यर्थियों के लिए यह आदेश महत्वपूर्ण राहत लेकर आया है। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मेरिट आधारित जनपदवार चयन सूची तैयार कर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया को गति दी जाएगी।
Disclaimer- यह लेख केवल सूचना एवं जनहित के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी पत्र एवं माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के आधार पर सरल भाषा में प्रस्तुत की गई है। लेख का उद्देश्य पाठकों तक महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाना मात्र है। किसी भी प्रकार की कानूनी, प्रशासनिक अथवा नियुक्ति संबंधी अंतिम एवं प्रमाणिक जानकारी के लिए संबंधित विभाग द्वारा जारी मूल शासनादेश/पत्र एवं न्यायालय के आधिकारिक आदेशों का अवलोकन अवश्य करें। यदि भविष्य में संबंधित आदेशों में कोई संशोधन, स्पष्टीकरण या नया निर्देश जारी होता है, तो उसी को अंतिम और मान्य माना जाएगा। इस लेख के आधार पर लिया गया कोई भी व्यक्तिगत निर्णय पाठक की स्वयं की जिम्मेदारी होगी।