शासनादेश का संक्षिप्त परिचय
यह आदेश उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा अनुभाग-4 की ओर से विशेष सचिव यतीन्द्र कुमार द्वारा निदेशक, मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को भेजा गया है। पत्र का विषय स्पष्ट रूप से "प्रदेश के विद्यालयों में प्रधानमंत्री पोषण योजना के अन्तर्गत कार्यरत रसोइयों के मानदेय में वृद्धि के संबंध में" रखा गया है। यह आदेश मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण द्वारा भेजे गए पत्रांक म0भो0प्रा0/1292/2026-27, दिनांक 07 अगस्त 2026 के संदर्भ में जारी किया गया है।
महत्वपूर्ण जानकारी
विभाग | बेसिक शिक्षा अनुभाग-4, उत्तर प्रदेश शासन |
|---|---|
जारीकर्ता | यतीन्द्र कुमार, विशेष सचिव, उ0प्र0 शासन |
प्राप्तकर्ता | निदेशक, मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ |
आदेश संख्या | मु0म0-07/अरसठ-4-2026 |
स्थान एवं तारीख | लखनऊ, 22 अगस्त 2026 (डिजिटल हस्ताक्षर के अनुसार) |
विषय | प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों के मानदेय में वृद्धि |
संदर्भ पत्र | म0भो0प्रा0/1292/2026-27, दिनांक 07-08-2026 |
शासनादेश में क्या निर्णय लिया गया ?
शासन ने विषय पर सम्यक विचार करने के बाद यह निर्णय लिया है कि प्रदेश के विद्यालयों में प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों के मानदेय में माह सितंबर 2026 से 1000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की जाएगी। इस वृद्धि के बाद रसोइयों को अब 3000 रुपये प्रतिमाह मानदेय के रूप में मिलेंगे। यह बढ़ी हुई राशि वर्ष में 10 माह के लिए देय होगी। सितंबर 2026 माह के मानदेय का भुगतान अक्टूबर 2026 में किया जाएगा, जिसमें यह वृद्धि लागू रहेगी।
किसे लाभ/प्रभाव होगा ?
इस आदेश का सीधा लाभ उत्तर प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रधानमंत्री पोषण योजना (पूर्व में मध्यान्ह भोजन योजना) के अंतर्गत कार्यरत सभी रसोइयों को मिलेगा। प्रदेशभर में बड़ी संख्या में रसोइया इस योजना के तहत विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करते हैं, और यह वृद्धि सीधे उनकी आय में सुधार लाएगी।
मुख्य बिंदु
मानदेय में वृद्धि | 1000 रुपये प्रतिमाह |
|---|---|
नया मानदेय | 3000 रुपये प्रतिमाह |
वृद्धि लागू होने का माह | सितंबर 2026 |
भुगतान माह | अक्टूबर 2026 |
वर्ष में कुल कितने माह देय | 10 माह |
Note- आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
रसोइयों के लिए इसका क्या मतलब है ?
इस निर्णय से रसोइयों के मासिक मानदेय में सीधी और उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। पहले जो मानदेय मिल रहा था, उसमें अब 1000 रुपये अतिरिक्त जुड़ेंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह मानदेय पूरे 12 महीने के बजाय वर्ष में 10 माह के लिए ही देय है, जैसा कि आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
जरूरी शर्तें या निर्देश
शासनादेश में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारी शासन द्वारा लिए गए इस निर्णय के अनुसार तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करें। इस आदेश की प्रतिलिपि सूचना एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु महानिदेशक स्कूल शिक्षा, शिक्षा निदेशक (बेसिक), सचिव बेसिक शिक्षा परिषद, वित्त नियंत्रक (समग्र शिक्षा तथा मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण), समस्त मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) और समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि यह वृद्धि पूरे प्रदेश में समान रूप से लागू हो सके।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार का यह आदेश प्रधानमंत्री पोषण योजना से जुड़े रसोइयों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत लेकर आया है। मानदेय में 1000 रुपये की वृद्धि के बाद अब रसोइयों को 3000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे, जो सितंबर 2026 से प्रभावी होगा और अक्टूबर 2026 में भुगतान के साथ लागू होगा। यह कदम विद्यालयों में भोजन तैयार करने वाले इन कर्मियों की मेहनत को मान्यता देने और उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: रसोइयों के मानदेय में कितनी वृद्धि की गई है?
उत्तर: रसोइयों के मानदेय में 1000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है।
प्रश्न 2: वृद्धि के बाद रसोइयों को कुल कितना मानदेय मिलेगा?
उत्तर: वृद्धि के बाद रसोइयों को 3000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।
प्रश्न 3: यह वृद्धि कब से लागू होगी?
उत्तर: यह वृद्धि माह सितंबर 2026 से लागू होगी, जिसका भुगतान अक्टूबर 2026 में किया जाएगा।
प्रश्न 4: यह मानदेय वर्ष में कितने महीनों के लिए मिलता है?
उत्तर: यह मानदेय वर्ष में 10 माह के लिए देय है।
प्रश्न 5: यह आदेश किसने जारी किया है?
उत्तर: यह आदेश उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा अनुभाग-4 की ओर से विशेष सचिव यतीन्द्र कुमार द्वारा जारी किया गया है।
मूल शासनादेश/Official Document
यह जानकारी उत्तर प्रदेश शासन, बेसिक शिक्षा अनुभाग-4 द्वारा जारी आधिकारिक शासनादेश (संख्या मु0म0-07/अरसठ-4-2026) पर आधारित है।
Disclaimer
यह लेख उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी आधिकारिक शासनादेश के आधार पर तैयार किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी आधिकारिक कार्यवाही से पहले संबंधित विभाग या कार्यालय से मूल आदेश की पुष्टि अवश्य कर लें।