8 अगस्त को होगा 42वें भोजपुरी महोत्सव का आयोजन
शासनादेश के अनुसार 42वें भोजपुरी महोत्सव का आयोजन 08 अगस्त 2026 को विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह, लोक निर्माण मुख्यालय, लखनऊ में किया जाएगा। इस आयोजन के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए कलाकारों को प्रायोजित किए जाने का प्रस्ताव शासन के समक्ष रखा गया था, जिसके आधार पर ₹6.45 लाख की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
सरकार ने दी ₹6.45 लाख की वित्तीय मंजूरी
उत्तर प्रदेश शासन ने 42वें भोजपुरी महोत्सव के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए कुल ₹6,45,000 की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। शासनादेश में इस राशि को स्वीकृत करते हुए धनराशि अवमुक्त करने की अनुमति निर्धारित शर्तों एवं प्रतिबंधों के अधीन दी गई है।
स्वीकृत राशि का आहरण और उपयोग शासनादेश में निर्धारित शर्तों, वित्तीय नियमों तथा संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाना है।
किन कलाकारों के लिए मानदेय स्वीकृत है?
शासनादेश में तीन प्रमुख कलाकारों के नाम और उनके मानदेय का उल्लेख किया गया है—
1. सुश्री कल्पना पटवारी (मुंबई)
श्रेणी – अतिविशिष्ट श्रेणी/प्रथम
प्रस्तुति – भोजपुरी गायन
मानदेय – ₹5,00,000
2. श्री गोपाल राय (बलिया)
श्रेणी – विशिष्ट श्रेणी/प्रथम
प्रस्तुति – भोजपुरी लोक गायन
मानदेय – ₹1,00,000
3. श्री सुरेश प्रसाद कुशवाहा (लखनऊ)
श्रेणी – बी हाई श्रेणी/द्वितीय
प्रस्तुति – लोक गायन
मानदेय – ₹45,000
भुगतान कैसे किया जाएगा?
शासनादेश के अनुसार स्वीकृत धनराशि का भुगतान वास्तविक बिल/बाउचर के आधार पर किया जाएगा। साथ ही, समस्त कार्यों का भौतिक सत्यापन कर निर्धारित मानकों का अनुपालन करते हुए नियमानुसार भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कलाकारों के मानदेय एवं आवागमन भत्ते का भुगतान 27 दिसंबर 2022 के शासनादेश में निहित व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा।
किन शर्तों के साथ जारी हुई स्वीकृति?
• स्वीकृत धनराशि का आहरण एवं उपयोग निर्धारित वित्तीय नियमों के अनुसार किया जाएगा।
• स्वीकृत राशि का उपयोग केवल आवंटित मदों में किया जाएगा, अन्य मदों में इसका उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
• कलाकारों के मानदेय एवं आवागमन भत्ते का भुगतान 27 दिसंबर 2022 के शासनादेश के अनुसार किया जाएगा।
• भुगतान वास्तविक बिल/बाउचर और आवश्यक सत्यापन के बाद नियमानुसार किया जाएगा।
• संस्कृति निदेशालय को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित कार्य पहले से किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अंतर्गत स्वीकृत या किसी अन्य योजना से आच्छादित न हो।
संस्कृति निदेशालय को दिए गए प्रमुख निर्देश
शासनादेश के अनुसार संस्कृति निदेशालय, लखनऊ को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित कार्य पहले से किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अंतर्गत स्वीकृत न हो और वर्तमान में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम से आच्छादित न किया जा रहा हो। साथ ही, बजट प्रावधान के सापेक्ष धनराशि की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी निदेशालय की जिम्मेदारी होगी।
किस मद से होगा खर्च?
यह व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-92 के अंतर्गत लेखाशीर्षक 2205-कला एवं संस्कृति, 102-कला एवं संस्कृति का संवर्धन, 19-विभिन्न अवसरों पर सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन, 42-अन्य व्यय मद से वहन किया जाएगा।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश शासन ने 08 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले 42वें भोजपुरी महोत्सव के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ₹6.45 लाख की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। शासनादेश में सुश्री कल्पना पटवारी, श्री गोपाल राय और श्री सुरेश प्रसाद कुशवाहा के कार्यक्रमों के लिए क्रमशः ₹5 लाख, ₹1 लाख और ₹45 हजार की राशि का उल्लेख किया गया है।
स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित वित्तीय नियमों और शासनादेश में दी गई शर्तों के अनुसार किया जाना है। भुगतान वास्तविक बिल/बाउचर तथा आवश्यक सत्यापन के बाद किया जाएगा। यह व्यय वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में अनुदान संख्या-92 के अंतर्गत निर्धारित लेखाशीर्षक से वहन किया जाएगा।
Disclaimer:
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी संबंधित शासनादेश पर आधारित है। किसी भी आधिकारिक निर्णय या कार्रवाई से पहले संबंधित विभाग द्वारा जारी मूल शासनादेश का अवलोकन अवश्य करें।