आयुष्मान भारत-PMJAY: राज्यांश मद में 460 करोड़ रुपये अग्रिम अवमुक्त, वित्तीय स्वीकृति जारी।
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आयुष्मान भारत-PMJAY: राज्यांश मद में 460 करोड़ रुपये अग्रिम अवमुक्त, वित्तीय स्वीकृति जारी।

लखनऊ, 7 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में आयुष्मान भारत-नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन (परिवर्तित नाम: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) के संचालन के लिए राज्यांश मद में ₹460 करोड़ की अग्रिम धनराशि अवमुक्त किए जाने की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

📅 7 अगस्त 2026 ·👁 82 views

परिचय

उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा विभाग (परिवार कल्याण) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आयुष्मान भारत-नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन, जिसका नया नाम आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) है, के संचालन हेतु राज्यांश मद में 460 करोड़ रुपये की धनराशि अग्रिम के रूप में अवमुक्त करने की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

यह आदेश विशेष सचिव रवि रंजन द्वारा दिनांक 06 अगस्त, 2026 को महानिदेशक, परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश को जारी किया गया है। यह एक बजटीय/वित्तीय प्रकृति का शासनादेश है, जो योजना के क्रियान्वयन के लिए धन उपलब्ध कराने से संबंधित है।

यदि आप आयुष्मान भारत योजना से जुड़े हैं, स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं, या सरकारी बजट प्रक्रिया को समझना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी है। ध्यान रहे — यह आदेश किसी नागरिक/लाभार्थी की व्यक्तिगत पात्रता या इलाज की सुविधा में सीधा बदलाव नहीं करता, बल्कि यह विभागीय स्तर पर धन के आवंटन/अवमुक्तीकरण से जुड़ा प्रशासनिक आदेश है।


एक नजर में महत्वपूर्ण जानकारी

विवरण

जानकारी

आदेश का विषय

आयुष्मान भारत-PMJAY के संचालन हेतु राज्यांश मद में अग्रिम धनराशि अवमुक्त किया जाना।

विभाग

चिकित्सा विभाग (परिवार कल्याण), उत्तर प्रदेश शासन

शासनादेश संख्या

81/2026/1215/002-5-9002-001-5-2024

शासनादेश दिनांक

06 अगस्त, 2026

जारीकर्ता

रवि रंजन, विशेष सचिव, उ.प्र. शासन (चिकित्सा अनुभाग-9)

संबोधित

महानिदेशक, परिवार कल्याण, उ.प्र., लखनऊ

संबंधित संदर्भ पत्र

प0क0/4-बजट/आयु0भा0(राज्यांश)/2026-27/1299, दिनांक 08.07.2026

कुल प्राविधानित बजट (2026-27)

रु 2,000 करोड़ (200000.00 लाख)

पूर्व अवमुक्ति के बाद अवशेष राशि

रु 1,400 करोड़ (140000.00 लाख)

इस आदेश से अवमुक्त राशि (राज्यांश)

रु 460 करोड़ (46000.00 लाख)

उपभोग की अंतिम तिथि

31 मार्च, 2027

समायोजन की अंतिम तिथि

31 मार्च 2027

लेखाशीर्षक

2235601100101 – आयुष्मान भारत-नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन (के.60/रा.40-रा.), मानक मद 42 अन्य व्यय

इस शासनादेश में क्या कहा गया है ?

आदेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अनुदान संख्या-35 (चिकित्सा विभाग, परिवार कल्याण) के अंतर्गत आयुष्मान भारत-PMJAY योजना के लिए कुल रु 2,000 करोड़ (200000.00 लाख) की धनराशि प्राविधानित (बजट में स्वीकृत) की गई थी। इसमें से पहले ही कुछ राशि विभिन्न मदों में अवमुक्त हो चुकी है, जिसके बाद अवशेष राशि रु 1,400 करोड़ (140000.00 लाख) रह गई थी।

अब इसी अवशेष राशि में से राज्यांश मद के तहत रु 460 करोड़ (46000.00 लाख) की धनराशि को अनुदान संख्या-35 के राजस्व (राज्यांश) लेखांतर्गत प्राविधानित धन में से अग्रिम (advance) के रूप में अवमुक्त करने की स्वीकृति दी गई है।

यह स्वीकृति निम्न पूर्व निर्देशों/शासनादेशों में निहित शर्तों के अधीन दी गई है:-

• वित्त (लेखा) अनुभाग-1 का कार्यालय-ज्ञाप संख्या 17/2017/ए-1-1027/दस-2017-10(55)/2017, दिनांक 15 नवम्बर, 2017

• संलग्न शासनादेश दिनांक 25-10-1983, 10-06-2011 तथा 18-09-2017

इस राशि रु 4,60,00,00,000 (चार अरब साठ करोड़) को चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 035, लेखा शीर्षक 2235601100101 (आयुष्मान भारत-नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन, के.60/रा.40-रा., मानक मद 42 अन्य व्यय) के नामे डाला जाएगा। यह आदेश वित्त विभाग की सहमति (संख्या ई0-3-58/दस-2026-27, दिनांक 04 अगस्त, 2026) से जारी किया गया है।


किसे लाभ मिलेगा?

आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार यह राशि सीधे महानिदेशक, परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश के निवर्तन पर रखी गई है, ताकि आयुष्मान भारत-PMJAY योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। व्यावहारिक रूप से इसका लाभ निम्न को मिलेगा:

• परिवार कल्याण विभाग / SACHIS (आयुष्मान भारत-PMJAY प्रबंधन इकाई) — योजना के संचालन हेतु धन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

• योजना के क्रियान्वयन तंत्र — अस्पतालों को समय पर भुगतान और योजना संचालन में सुगमता आ सकती है (दस्तावेज में इस बारे में स्पष्ट उल्लेख नहीं है, यह सामान्य प्रशासनिक निहितार्थ है)।

दस्तावेज में किसी व्यक्तिगत लाभार्थी (मरीज) के लिए पात्रता, इलाज की सीमा या सुविधा में कोई बदलाव नहीं बताया गया है। यह आदेश बजट/फंड प्रबंधन से जुड़ा है, न कि योजना की पात्रता शर्तों से।


किसे लाभ नहीं मिलेगा ?

आधिकारिक दस्तावेज में ऐसी कोई सीमा या अपवाद नहीं दिया गया है जो किसी विशेष वर्ग को इस आदेश के दायरे से बाहर रखे। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह आदेश किसी नई पात्रता, नई सुविधा या नागरिकों के लिए किसी नए लाभ की घोषणा नहीं करता — यह मौजूदा योजना के लिए धन अवमुक्त करने का प्रशासनिक आदेश है।


क्या बदलाव हुआ ?

दस्तावेज में पुरानी और नई व्यवस्था की सीधी तुलना उपलब्ध नहीं है, इसलिए विश्वसनीय तुलना प्रस्तुत करना संभव नहीं है। जो जानकारी उपलब्ध है, उसके अनुसार यह आदेश पूर्व में प्राविधानित बजट (रु 2,000 करोड़) में से शेष बची राशि (रु 1,400 करोड़) में से एक भाग (रु 460 करोड़) को अग्रिम रूप में अवमुक्त करने का क्रमिक चरण है।


कर्मचारियों/विभाग पर क्या असर पड़ेगा ?

महानिदेशक, परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश और संबंधित आहरण-वितरण अधिकारियों पर निम्न जिम्मेदारियाँ आएंगी:-

• अवमुक्त धनराशि का उपयोग केवल उसी प्रयोजन (आयुष्मान भारत-PMJAY) में करना होगा, अन्य मदों में व्यय या व्यावर्तन (diversion) की अनुमति नहीं है।

• 31 मार्च, 2027 तक धनराशि का पूर्ण उपभोग और समायोजन सुनिश्चित करना होगा।

• यदि कोई वित्तीय अनियमितता होती है, तो उसके लिए महानिदेशक, परिवार कल्याण स्वयं उत्तरदायी होंगे।

• धनराशि निर्गत होने की तिथि से वास्तविक उपयोग तक अर्जित ब्याज को राजकोष में जमा करना होगा।


उदाहरण से समझिए

दस्तावेज में दी गई राशि को सरल रूप में समझें तो:-

• कुल बजट प्राविधान (2026-27): 200000.00 लाख रुपये = रु 2,000 करोड़

• इसमें से पहले अवमुक्त हो चुकी राशि के बाद बची राशि: 140000.00 लाख रुपये = रु 1,400 करोड़

• इस आदेश से अवमुक्त की गई राज्यांश राशि: 46000.00 लाख रुपये = रु 460 करोड़ (यानी कुल बजट का लगभग 23 प्रतिशत भाग इस एक आदेश से अवमुक्त हुआ)

यह गणना केवल दस्तावेज में दी गई राशियों के लाख/करोड़/अरब रूपांतरण पर आधारित है, कोई अनुमानित आंकड़ा शामिल नहीं है।


महत्वपूर्ण शर्तें और सावधानियां

आदेश में निम्न 9 शर्तें/प्रतिबंध स्पष्ट रूप से दिए गए हैं:-

1- वित्तीय नियम संग्रह खंड-5, भाग-1 के प्रस्तर-162 के अनुसार जो अधिकारी धन आहरित करेगा, वही उसके समायोजन और किसी क्षति के लिए भी जिम्मेदार होगा।

2- महानिदेशक, परिवार कल्याण द्वारा पूर्व में दी गई समस्त अग्रिम धनराशि का समायोजन 31 मार्च, 2027 तक अनिवार्य रूप से करना होगा।

3- व्यय में सुसंगत वित्तीय नियमों का अनुपालन और धन का उपयोग केवल निर्धारित प्रयोजन हेतु ही किया जाएगा।

4- धनराशि निर्गत होने की तिथि से वास्तविक उपयोग तक अर्जित ब्याज राजकोष में जमा किया जाएगा।

5- किसी वित्तीय अनियमितता की स्थिति में महानिदेशक, परिवार कल्याण स्वयं उत्तरदायी होंगे।

6- धनराशि का उपयोग केवल योजना में निर्धारित प्रयोजन पर ही होगा; अन्य कार्य-मदों पर व्यय या व्यावर्तन अनुमन्य नहीं है।

7- महानिदेशक यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत सरकार से वित्तीय वर्ष 2026-27 में मिलने वाली धनराशि प्राप्त की जाए।

8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय-ज्ञाप दिनांक 28 मार्च, 2026 में उल्लिखित दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन आवश्यक है।

9- स्वीकृत धनराशि का पूर्ण उपभोग वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 मार्च, 2027 तक करना अनिवार्य है।


अब क्या करना होगा?

आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार:-

1- महानिदेशक, परिवार कल्याण, उ.प्र. इस धनराशि को योजना के निर्धारित प्रयोजन में व्यय करेंगे।

2- संबंधित आहरण-वितरण अधिकारी नियमानुसार धन आहरित कर उसका समायोजन सुनिश्चित करेंगे।

3- पूर्व की समस्त अग्रिम राशियों का समायोजन और महालेखाकार के पुस्तांकित आंकड़ों में समायोजन सुनिश्चित कर वित्त विभाग को पत्रावली पर अवगत कराया जाएगा।

4- 31 मार्च, 2027 तक पूर्ण उपभोग और समायोजन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

सामान्य नागरिकों/लाभार्थियों के लिए इस आदेश के तहत कोई अलग प्रक्रिया नहीं बताई गई है।


महत्वपूर्ण सवाल-जवाब (FAQ)

प्रश्न 1: यह आदेश किस विभाग से संबंधित है?

उत्तर: यह उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा विभाग (परिवार कल्याण) से संबंधित है।

प्रश्न 2: इस आदेश से कुल कितनी राशि अवमुक्त की गई है?

उत्तर: राज्यांश मद में रु 460 करोड़ (46000.00 लाख) की धनराशि अग्रिम के रूप में अवमुक्त की गई है।

प्रश्न 3: क्या यह आदेश आयुष्मान भारत-PMJAY योजना की पात्रता में कोई बदलाव करता है?

उत्तर: नहीं। दस्तावेज के अनुसार यह केवल योजना के संचालन हेतु धन अवमुक्त करने से संबंधित प्रशासनिक/वित्तीय आदेश है, इसमें लाभार्थियों की पात्रता संबंधी कोई बदलाव नहीं बताया गया है।

प्रश्न 4: इस धनराशि के उपभोग की अंतिम तिथि क्या है?

उत्तर: आदेश के अनुसार स्वीकृत धनराशि का पूर्ण उपभोग 31 मार्च, 2027 तक करना अनिवार्य है।

प्रश्न 5: यदि धनराशि के उपयोग में वित्तीय अनियमितता होती है, तो जिम्मेदारी किसकी होगी?

उत्तर: दस्तावेज के अनुसार ऐसी स्थिति में महानिदेशक, परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश स्वयं उत्तरदायी होंगे।

प्रश्न 6: क्या यह राशि किसी अन्य कार्य में खर्च की जा सकती है?

उत्तर: नहीं, आदेश स्पष्ट रूप से कहता है कि धनराशि का उपयोग केवल योजना में निर्धारित प्रयोजन पर ही होगा, अन्य मदों पर व्यय या व्यावर्तन अनुमन्य नहीं है।

प्रश्न 7: आदेश किसके हस्ताक्षर/अनुमोदन से जारी हुआ है?

उत्तर: यह आदेश रवि रंजन, विशेष सचिव, उ.प्र. शासन द्वारा जारी किया गया है, और यह इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी शासनादेश है, इसलिए इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।


निष्कर्ष

यह शासनादेश उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत-PMJAY योजना के सुचारु संचालन हेतु राज्यांश मद में रु 460 करोड़ की अग्रिम धनराशि अवमुक्त करने से संबंधित एक प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति है। पाठकों को यह याद रखना चाहिए कि यह आदेश सीधे किसी नागरिक की पात्रता या इलाज सुविधा में बदलाव नहीं करता, बल्कि यह योजना के वित्तीय प्रबंधन और क्रियान्वयन से जुड़ा आदेश है, जिसका पूर्ण उपभोग व समायोजन 31 मार्च, 2027 तक सुनिश्चित करना अनिवार्य है।


आधिकारिक स्रोत

यह जानकारी उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा अनुभाग-9 द्वारा दिनांक 06 अगस्त, 2026 को जारी शासनादेश संख्या 81/2026/1215/002-5-9002-001-5-2024 पर आधारित है। इस शासनादेश की प्रामाणिकता आधिकारिक वेबसाइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।


अस्वीकरण/Disclaimer

यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है और उपलब्ध सरकारी दस्तावेज पर आधारित है। किसी भी आधिकारिक कार्यवाही से पहले संबंधित विभाग/आधिकारिक वेबसाइट से स्वयं पुष्टि अवश्य करें।

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