
क्यों जारी हुआ यह आदेश ?
सरकार के संज्ञान में यह बात आई कि विभिन्न जनपदीय कोषागारों में भर्ती परीक्षाओं से संबंधित बड़ी मात्रा में गोपनीय सामग्री लंबे समय से सुरक्षित रखी जा रही है। इनमें प्रश्नपत्र, OMR शीट्स तथा अन्य परीक्षा संबंधी दस्तावेज शामिल हैं।
इस वजह से कोषागारों में स्थान की कमी की समस्या उत्पन्न हो रही है और कई बार नई परीक्षाओं की सामग्री रखने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
आदेश में क्या कहा गया है?
भर्ती आयोगों एवं चयन बोर्डों को निर्देशित किया गया है कि—
• परीक्षा सम्पन्न होने के बाद अनुपयोगी प्रश्नपत्रों और अन्य सामग्री का नियमानुसार निस्तारण किया जाए।
• अंतिम चयन परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों की OMR शीट्स की कोषागार प्रतियों का भी समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
• परीक्षा और परिणाम से संबंधित सामग्री को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक कोषागारों में न रखा जाए।
• सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
7 दिन की समयसीमा तय
शासनादेश के अनुसार—
• परीक्षा आयोजन के बाद 07 दिनों के भीतर अनुपयोगी प्रश्नपत्र एवं OMR शीट्स के सेट का निस्तारण किया जाएगा।
• अंतिम चयन परिणाम घोषित होने के 07 दिनों के भीतर अभ्यर्थियों की OMR शीट्स की कोषागार प्रतियों का भी नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।
• पहले से लंबित सामग्री के निस्तारण को भी प्राथमिकता के आधार पर 7 दिन के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
किन संस्थाओं पर लागू होगा आदेश?
यह निर्देश राज्य के विभिन्न भर्ती आयोगों एवं चयन बोर्डों पर लागू होगा, जिनमें लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, शिक्षा सेवा चयन आयोग, विद्युत सेवा आयोग तथा अन्य भर्ती एजेंसियां शामिल हैं।
अभ्यर्थियों के लिए क्या मायने हैं?
यह निर्णय भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे कोषागारों में अनावश्यक सामग्री का बोझ कम होगा और भविष्य की परीक्षाओं के संचालन में भी सुविधा मिलेगी।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचना एवं जनहित के उद्देश्य से तैयार किया गया है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी आधिकारिक निर्णय या कार्रवाई से पहले संबंधित विभाग द्वारा जारी मूल शासनादेश का अवलोकन अवश्य करें।
Official Source- https://shasanadesh.up.gov.in