
मुख्यमंत्री कार्यालय की समीक्षा बैठक के बाद लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय
पंचायत राज विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 10 जून 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में ग्राम सचिवालयों की स्थिति और उनके माध्यम से दी जा रही सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया गया। इसी क्रम में विभाग को निर्देश दिए गए कि ग्राम सचिवालयों से संबंधित आवश्यक सूचनाओं को सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित करने के लिए एक व्यवस्थित व्यवस्था विकसित की जाए।
विभाग ने इन निर्देशों के अनुपालन में विभागीय एमएफआर (MFR) पोर्टल पर दो नए प्रारूप विकसित किए हैं, जिनके माध्यम से ग्राम सचिवालयों की कार्यप्रणाली का नियमित आकलन किया जाएगा।
इन दो नए प्रारूपों में देनी होगी जानकारी
1. ग्राम सचिवालय संचालन एवं सेवा प्रगति रिपोर्ट
इस प्रारूप में ग्राम सचिवालय के संचालन से जुड़ी विभिन्न जानकारियां दर्ज की जाएंगी, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
• ग्राम सचिवालय की कार्यशील स्थिति
• सीएससी (CSC) संचालन की प्रगति
• विभिन्न जनसेवाओं की उपलब्धता
• नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का विवरण
• सेवा वितरण की प्रगति रिपोर्ट
इस प्रारूप के आधार पर जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी तथा जनपदों की रैंकिंग भी निर्धारित की जा सकती है।
2. ग्राम सचिवालय में उपलब्ध अवस्थापना सुविधाओं का विवरण
दूसरे प्रारूप में ग्राम सचिवालय भवन एवं संसाधनों से संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी, जैसे—
• भवन की उपलब्धता एवं स्थिति
• बिजली एवं इंटरनेट सुविधा
• फर्नीचर एवं उपकरण
• पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं
• नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता
ग्राम पंचायत स्तर पर होगा नियमित डेटा अपडेट
विभागीय निर्देशों के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपनी जानकारी नियमित रूप से अद्यतन करनी होगी। ग्राम पंचायत स्तर से प्राप्त आंकड़ों को विभागीय पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा ताकि सीएम डैशबोर्ड पर वास्तविक एवं ताज़ा जानकारी प्रदर्शित हो सके।
जिलाधिकारियों की निगरानी में होगा सत्यापन
ग्राम सचिवालयों से संबंधित दर्ज सूचनाओं का सत्यापन जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। जिलाधिकारी स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी ताकि पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रहे।
आदेश की प्रमुख बातें
✅ सीएम डैशबोर्ड के लिए दो नए प्रारूप विकसित किए गए हैं।
✅ ग्राम सचिवालय संचालन एवं सेवा वितरण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी।
✅ अवस्थापना सुविधाओं का विस्तृत विवरण दर्ज करना होगा।
✅ ग्राम पंचायत स्तर से नियमित डेटा अपडेट किया जाएगा।
✅ जिलाधिकारी स्तर पर सूचनाओं का सत्यापन होगा।
✅ अद्यतन सूचनाओं के आधार पर जनपदों की समीक्षा और रैंकिंग संभव होगी।
निष्कर्ष
ग्राम सचिवालयों को ग्रामीण प्रशासन का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की दिशा में यह पहल काफी अहम मानी जा रही है। नए प्रारूपों के माध्यम से सरकार को ग्राम सचिवालयों की वास्तविक स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और सेवा वितरण की सटीक जानकारी प्राप्त होगी। इससे प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी और ग्रामीण नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
Disclaimer
यह लेख पंचायत राज विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के आधार पर तैयार किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई से पूर्व मूल शासनादेश/पत्र का अवलोकन अवश्य करें।