उत्तर प्रदेश सरकार ने 26 नवंबर 2024 को शासनादेश संख्या 57/18-2-2024-97(ल0उ0)/2016 दिनांक 26 नवंबर 2024 जारी करते हुए प्रदेश के सभी सरकारी विभागों, निगमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, विश्वविद्यालयों तथा अन्य सरकारी संस्थानों के लिए Government e-Marketplace (GeM) के माध्यम से खरीद संबंधी समेकित दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। इस शासनादेश का उद्देश्य सभी विभागों में खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी एवं डिजिटल बनाना है। इसके साथ ही GeM से संबंधित पहले जारी अनेक शासनादेशों को समेकित कर एक ही आदेश में व्यवस्थित किया गया है।
शासनादेश की मुख्य बातें
1. GeM के माध्यम से खरीद को प्राथमिकता
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वस्तुओं, सेवाओं, आउटसोर्सिंग एवं मैनपावर की खरीद यथासंभव GeM पोर्टल के माध्यम से ही की जाएगी।
2. GeM पर उपलब्ध वस्तु एवं सेवा का क्रय
यदि आवश्यक वस्तु या सेवा GeM पर उपलब्ध है तो विभागों को उसी के माध्यम से खरीद प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
3. GeM पर वस्तु उपलब्ध न होने पर
यदि आवश्यक वस्तु या सेवा GeM पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है, तो सक्षम प्राधिकारी की अनुमति एवं शासनादेश में वर्णित प्रावधानों के अनुसार Custom Bid/BOQ Bid अथवा अन्य अनुमन्य प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
4. पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा
सभी विभागों को खरीद प्रक्रिया में अधिकतम प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने तथा GeM के उपलब्ध विकल्पों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
5. रिकॉर्ड सुरक्षित रखना
प्रत्येक खरीद से संबंधित दस्तावेज, अनुमोदन, निविदा विवरण एवं निर्णयों का अभिलेख सुरक्षित रखना आवश्यक होगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका परीक्षण किया जा सके।
6. नियमों का अनुपालन
सभी विभागों को General Financial Rules (GFR), GeM दिशा-निर्देश एवं उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी इस समेकित शासनादेश का पालन करना होगा।
किन संस्थाओं पर लागू होगा यह शासनादेश?
यह शासनादेश प्रदेश के लगभग सभी सरकारी विभागों एवं उनके अधीनस्थ संस्थानों पर लागू है, जिनमें शामिल हैं—
- शासकीय विभाग
- निदेशालय
- विश्वविद्यालय
- राजकीय महाविद्यालय
- चिकित्सा संस्थान
- स्वायत्तशासी संस्थाएं
- निगम एवं प्राधिकरण
- जिला स्तरीय कार्यालय
शासनादेश का उद्देश्य
इस शासनादेश के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—
- सरकारी खरीद में पारदर्शिता बढ़ाना।
- भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं पर रोक लगाना।
- खरीद प्रक्रिया को डिजिटल बनाना।
- समय एवं लागत की बचत करना।
- सभी विभागों में एक समान प्रक्रिया लागू करना।
GeM पोर्टल का महत्व और सरकारी खरीद प्रणाली में इसकी भूमिका
Government e-Marketplace (GeM) भारत सरकार द्वारा विकसित एक ऑनलाइन ई-प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य सरकारी विभागों द्वारा वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। GeM पोर्टल के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभाग, मंत्रालय, आयोग, निगम, विश्वविद्यालय तथा अन्य सरकारी संस्थान अपनी आवश्यकतानुसार सामान एवं सेवाओं की खरीद ऑनलाइन कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सरकारी खरीद प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए GeM पोर्टल के उपयोग को प्राथमिकता दी है। इसी क्रम में 26 नवंबर 2024 को जारी शासनादेश संख्या 57/18-2-2024-97(ल0उ0)/2016 के माध्यम से GeM से संबंधित दिशा-निर्देशों को समेकित रूप में जारी किया गया, जिससे सभी विभाग एक समान प्रक्रिया का पालन कर सकें।
GeM पोर्टल के प्रमुख लाभ
GeM पोर्टल के माध्यम से खरीद करने पर विभागों को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। सबसे महत्वपूर्ण लाभ पारदर्शिता है। सभी पंजीकृत विक्रेताओं को समान अवसर मिलता है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और विभागों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध हो सकती है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण खरीद संबंधी रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर उनका सत्यापन भी आसानी से किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त GeM पोर्टल खरीद प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करने में भी सहायक है। विभाग अपनी आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध उत्पादों की तुलना कर सकते हैं, मूल्य देख सकते हैं तथा निर्धारित नियमों के अनुसार ऑर्डर जारी कर सकते हैं।
सरकारी विभागों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
सरकारी विभागों को खरीद प्रक्रिया प्रारंभ करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आवश्यक वस्तु या सेवा GeM पोर्टल पर उपलब्ध है या नहीं। यदि वस्तु उपलब्ध है, तो सामान्यतः खरीद GeM के माध्यम से ही की जानी चाहिए। यदि आवश्यक वस्तु उपलब्ध नहीं है, तो संबंधित शासनादेश, GFR तथा अन्य लागू वित्तीय नियमों के अनुसार वैकल्पिक प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
प्रत्येक खरीद में सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति, वित्तीय नियमों का पालन तथा आवश्यक अभिलेखों का सुरक्षित रखरखाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे भविष्य में ऑडिट, निरीक्षण अथवा अन्य प्रशासनिक कार्यवाही के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होती।
पारदर्शिता और जवाबदेही
डिजिटल खरीद प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ यह है कि पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहता है। इससे खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनती है और अनियमितताओं की संभावना कम होती है। साथ ही प्रत्येक स्तर पर उत्तरदायित्व भी सुनिश्चित होता है।
निष्कर्ष
26 नवंबर 2024 का यह समेकित शासनादेश उत्तर प्रदेश में सरकारी खरीद व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस शासनादेश के प्रावधानों का अध्ययन कर GeM पोर्टल के माध्यम से खरीद प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए।
महत्वपूर्ण: किसी भी खरीद प्रक्रिया से पूर्व शासनादेश के नवीनतम संशोधन एवं स्पष्टीकरण (यदि जारी हों) का भी अवश्य परीक्षण करें।
अस्वीकरण- लेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। इसमें दी गई जानकारी उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी शासनादेश संख्या 57/18-2-2024-97(ल0उ0)/2016, दिनांक 26 नवंबर 2024 के आधार पर संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत की गई है। यह लेख शासनादेश का आधिकारिक या विधिक (Legal) संस्करण नहीं है।किसी भी प्रशासनिक, वित्तीय, निविदा अथवा क्रय संबंधी निर्णय लेने से पूर्व संबंधित विभाग द्वारा जारी मूल शासनादेश, उसके संशोधन, स्पष्टीकरण एवं लागू नियमों का अवश्य अध्ययन करें। यदि इस लेख और मूल शासनादेश के बीच किसी प्रकार का अंतर पाया जाता है, तो मूल शासनादेश ही मान्य होगा।
Official Source: https://shasnadesh.up.gov.in