क्या है पूरा मामला?
लोक निर्माण अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 5 जून 2026 को जारी पत्र में बताया गया है कि कार्मिक विभाग के शासनादेश दिनांक 05 मई 2026 के अंतर्गत वार्षिक स्थानांतरण नीति 2026-27 लागू की गई थी। इसके तहत विभागीय स्थानांतरण की प्रक्रिया 31 मई 2026 तक पूरी की जानी थी।
हालांकि, विभिन्न प्रशासनिक कारणों और आवश्यक विचार-विमर्श के बाद सरकार ने इस समयसीमा को बढ़ाने का निर्णय लिया है।
नई समयसीमा क्या होगी?
शासन के आदेश के अनुसार अब लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कार्यरत सभी अभियंताओं एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया 30 जून 2026 तक पूरी की जा सकेगी।
अर्थात् पहले जहां स्थानांतरण की अंतिम तिथि 31 मई 2026 थी, वहीं अब इसे एक माह बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दिया गया है।
किन कर्मचारियों पर होगा प्रभाव?
यह आदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत कार्यरत:
अभियंताओं (Engineers)
तकनीकी कर्मचारियों
कार्यालयी कर्मचारियों
अन्य विभागीय कार्मिकों
पर लागू होगा, जिनके स्थानांतरण प्रस्ताव विचाराधीन हैं या जिनका स्थानांतरण अभी होना बाकी है।
शासन ने क्या निर्देश दिए हैं?
विशेष सचिव द्वारा प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है कि बढ़ाई गई समयसीमा के भीतर स्थानांतरण से संबंधित समस्त आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर ली जाए।
कर्मचारियों के लिए इसका क्या मतलब है?
लंबित स्थानांतरण मामलों को निपटाने के लिए विभाग को अतिरिक्त समय मिलेगा।
जिन कर्मचारियों के तबादले की संभावना है, उनके आदेश जून माह के अंत तक जारी हो सकते हैं।
विभागीय प्रशासन स्थानांतरण नीति 2026-27 के अनुरूप प्रक्रिया पूरी करेगा।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा लोक निर्माण विभाग में स्थानांतरण की अंतिम तिथि 31 मई 2026 से बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दी गई है। यह निर्णय विभागीय कार्यों को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने और लंबित मामलों के निस्तारण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ऐसे सभी कर्मचारी जिनका स्थानांतरण प्रस्ताव लंबित है, उन्हें आगामी आदेशों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि, विस्तृत नियम अथवा नवीनतम निर्देशों के लिए संबंधित विभाग द्वारा जारी मूल शासनादेश एवं उत्तर प्रदेश शासन की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन अवश्य करें।