मानव सम्पदा पोर्टल पर सेवा पुस्तिका (Service Book) अपडेट करना अब अनिवार्य, जानिए पूरी प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप।
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मानव सम्पदा पोर्टल पर सेवा पुस्तिका (Service Book) अपडेट करना अब अनिवार्य, जानिए पूरी प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप।

लखनऊ। 20 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश शासन के कार्मिक अनुभाग-5 ने एक महत्वपूर्ण शासनादेश जारी करते हुए सभी विभागों, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों से कहा है कि वे अपने नियमित कार्मिकों की सेवा पुस्तिका (Service Book) को मानव सम्पदा पोर्टल पर पूर्ण रूप से अद्यतन (update) कराएं। यह आदेश प्रमुख सचिव एम० देवराज के हस्ताक्षर से समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष, मण्डलायुक्त और जिलाधिकारियों को भेजा गया है।

📅 21 अगस्त 2026 ·👁 132 views

शासनादेश की मुख्य जानकारी

विवरण

जानकारी

विभाग

कार्मिक अनुभाग-5, उत्तर प्रदेश शासन

शासनादेश संख्या

161/सैंतालीस-का-5-2026

शासनादेश दिनांक

20 अगस्त 2026

विषय

सरकारी कार्मिकों की सेवा पुस्तिका (Service Book) मानव सम्पदा पोर्टल पर अद्यतन कराए जाने के संबंध में।

जारीकर्ता अधिकारी का नाम एवं पदनाम

एम० देवराज, प्रमुख सचिव

शासनादेश किन विभागों पर लागू

समस्त विभाग, स्वायत्तशासी संस्थाएं एवं निगम, उत्तर प्रदेश के नियमित अधिकारियों/कर्मचारियों पर लागू है।

यह शासनादेश क्यों जारी किया गया?

शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि मानव सम्पदा पोर्टल पहले से ही राज्य कर्मचारियों की नियुक्ति, कार्यभार ग्रहण, कार्यमुक्ति, अवकाश प्रबन्धन, वेतन आहरण जैसी प्रक्रियाओं के लिए अनिवार्य कर दिया गया है (शासनादेश संख्या 07/2023/293, दिनांक 03 अगस्त 2023 के अनुसार)। लेकिन यह देखा गया कि बड़ी संख्या में कार्मिकों का सेवा विवरण पोर्टल पर समय से पूर्ण या अद्यतन नहीं है।

अगर आप उत्तर प्रदेश सरकार के किसी विभाग, निगम या स्वायत्तशासी संस्था में कार्यरत हैं, तो यह जानकारी सीधे आपसे जुड़ी है — क्योंकि आपकी सेवा पुस्तिका अधूरी रहने पर पदोन्नति, वेतन निर्धारण, पेंशन और अन्य सेवा-संबंधी लाभों में देरी हो सकती है।


सीधी भाषा में समझें तो

जब तक किसी कर्मचारी की सेवा पुस्तिका पोर्टल पर अधूरी रहती है, तब तक पोर्टल के अन्य मॉड्यूल (जैसे पदोन्नति, वेतन निर्धारण, अवकाश हिसाब) ठीक से काम नहीं कर पाते। यही कारण है कि अब हर विभाग को अपने कार्मिकों की सेवा पुस्तिका पूरी तरह भरवाने और सत्यापित कराने के निर्देश दिए गए हैं।


सेवा पुस्तिका कौन भरेगा — अधिकार किसके पास है?

यह काम कोई भी कर्मचारी खुद अपने स्तर से पोर्टल पर लॉगिन करके नहीं कर सकता। इसके लिए विभाग स्तर पर एक विशेष अधिकार (Establishment Data Entry ID) निर्धारित किया गया है। मतलब हर विभाग का एक नामित डाटा एंट्री ऑपरेटर होगा, जो सभी कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका पोर्टल पर दर्ज करेगा।

अगर आप एक सामान्य कर्मचारी हैं, तो आपको सीधे यह काम खुद नहीं करना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि आपके विभाग का डाटा एंट्री ऑपरेटर आपकी जानकारी सही और पूरी दर्ज कर रहा है।


Service Book भरने की पूरी प्रक्रिया (Step by Step)

शासनादेश में दी गई प्रक्रिया को यहाँ सरल चरणों में समझाया गया है:-

• लॉगिन: वेबसाइट ehrm.upsdc.gov.in पर विभाग चुनकर User ID में Establishment Data Entry ID दर्ज करें।

• रोल चेक: पासवर्ड और कैप्चा भर के login करने के बाद यह देखें कि रोल "Data Entry" है या नहीं, तभी सेवा पुस्तिका भरने का विकल्प दिखेगा।

• Service Book मेन्यू: ऊपर नेविगेशन बार में दाईं ओर 'Service Book' पर क्लिक करने पर Fill Service Book, Fill Promotion History, View Promotion History और View Service Book के विकल्प मिलेंगे।

• कर्मचारी चयन: eHrms Code दर्ज करें या Employee List से संबंधित कर्मचारी चुनें।

• डैशबोर्ड: कर्मचारी चयन के बाद डैशबोर्ड खुलेगा, जहाँ फोटो, हस्ताक्षर, व्यक्तिगत जानकारी, पता, शैक्षणिक विवरण आदि अलग-अलग सेक्शन में भरने होंगे।

• सत्यापन हेतु सबमिट: सभी जानकारी भरने के बाद 'Submit for Verification' पर क्लिक कर सत्यापन अधिकारी के पास भेजना होगा।

• ध्यान दें: यह पूरी प्रक्रिया तकनीकी रूप से विस्तृत है इसमें 17 से अधिक उप-सेक्शन शामिल हैं (व्यक्तिगत विवरण, पता, नियुक्ति विवरण, शिक्षा, प्रशिक्षण, परिवार, ऋण, सेवा इतिहास, अवकाश, विभागीय कार्यवाही, नामांकन, पुरस्कार, दस्तावेज़ अपलोड आदि)। इसीलिए यह काम किसी प्रशिक्षित डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा ही किया जाना व्यावहारिक है, न कि हर कर्मचारी द्वारा व्यक्तिगत रूप से।


किन-किन जानकारियों को अपडेट करना अनिवार्य है?

शासनादेश के अनुसार सेवा पुस्तिका के निम्नलिखित भाग पूर्ण करने होंगे:-

सेक्शन

क्या शामिल है

व्यक्तिगत जानकारी

पहचान चिन्ह, वैवाहिक स्थिति, वर्ग, धर्म, रक्त समूह

पता

वर्तमान व स्थायी पता

प्रारंभिक नियुक्ति

विभाग, नियुक्ति तिथि, पद, वेतन आयोग, मूल वेतन

शैक्षणिक जानकारी

योग्यता का विवरण

प्रशिक्षण

अब तक ली गई सरकारी ट्रेनिंग

पारिवारिक विवरण

परिवार के सदस्यों की जानकारी

सेवा इतिहास

पदोन्नति, स्थानांतरण, नियुक्ति संबंधी घटनाएं

अवकाश (Backlog Leave)

पुरानी छुट्टियों का रिकॉर्ड जो अभी दर्ज नहीं है

दस्तावेज़ अपलोड

शैक्षणिक प्रमाण पत्र (अधिकतम 100 KB, jpg/jpeg/pdf)


सत्यापन (Verification) की प्रक्रिया कैसे होगी?

डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा जानकारी भरने के बाद यह काम पूरा नहीं होता इसे एक अलग अधिकारी द्वारा सत्यापित (verify) किया जाना जरूरी है:-

• सत्यापन अधिकारी Establishment Verifying ID से लॉगिन करेगा

• 'Service Book Verification' सब-मेन्यू से लंबित सेवा पुस्तिकाओं की सूची देखेगा

• प्रत्येक फॉर्म को 'View PDF' के जरिए जांचकर या तो 'Verify' करेगा या गलती होने पर 'Return' करके वापस डाटा एंट्री ऑपरेटर को भेज देगा

• सत्यापन पूर्ण होने के बाद ही सेवा पुस्तिका "लॉक" मानी जाएगी और उसे अंतिम/आधिकारिक रिकॉर्ड का दर्जा मिलेगा।


यह कर्मचारियों के लिए व्यावहारिक रूप से क्या मतलब रखता है?

सीधी भाषा में कहें तो, यह आदेश किसी नए लाभ या भत्ते के बारे में नहीं है बल्कि यह एक प्रशासनिक अनुशासन का आदेश है, जिसका सीधा असर आगे चलकर आपके सेवा-संबंधी कामों की रफ्तार पर पड़ेगा। जिन कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका अधूरी है, उन्हें आगे चलकर इन स्थितियों में दिक्कत आ सकती है:-

• पदोन्नति के समय सेवा इतिहास सत्यापित न होने पर देरी

• पेंशन/रिटायरमेंट की गणना में सेवा अवधि को लेकर विवाद

• वेतन निर्धारण या एरियर के दावों में जानकारी न मिलने पर परेशानी

• तबादला/नई पोस्टिंग के समय रिकॉर्ड अधूरा दिखना

इसलिए सलाह यह है कि कर्मचारी खुद अपने विभाग के डाटा एंट्री ऑपरेटर से संपर्क कर यह पुष्टि कर लें कि उनकी सेवा पुस्तिका पोर्टल पर पूर्ण और सत्यापित है या नहीं।


आम सवाल (FAQ)

1- क्या मैं अपनी सेवा पुस्तिका खुद अपने लॉगिन से भर सकता हूं?

उत्तर- नहीं। शासनादेश के अनुसार यह काम केवल विभाग द्वारा नामित Establishment Data Entry ID से ही किया जा सकता है। सामान्य कर्मचारी का इसमें सीधा लॉगिन एक्सेस नहीं है उन्हें अपने कार्यालय से इस बारे में संपर्क करना होगा।

2- अगर मेरी पुरानी छुट्टियां (जैसे 2015 या 2018 की) पोर्टल पर दर्ज नहीं हैं, तो क्या होगा?

उत्तर- शासनादेश में इसके लिए अलग से "Backlog Leave Detail" का विकल्प बताया गया है, जिसके जरिए पुराने अवकाश रिकॉर्ड को दर्ज किया जा सकता है। इसके लिए भी डाटा एंट्री ऑपरेटर से संपर्क करना होगा।

3- दस्तावेज़ अपलोड करने की क्या सीमा है?

उत्तर- अधिकतम 100 KB साइज़ की फाइल (jpg, jpeg या .pdf फॉर्मेट में) अपलोड की जा सकती है और केवल वही प्रमाण पत्र अपलोड करने होंगे जो वर्तमान पद के लिए आवश्यक हैं (जैसे हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक आदि)।

4- अगर सत्यापन अधिकारी को कोई जानकारी गलत लगे तो क्या होगा?

उत्तर- सत्यापन अधिकारी उस फॉर्म को "Return" कर सकता है, जिसके बाद वह वापस डाटा एंट्री ऑपरेटर के पास सुधार के लिए चला जाएगा।

5- यह आदेश किन-किन संस्थाओं पर लागू होता है?

उत्तर- यह आदेश उत्तर प्रदेश शासन के समस्त विभागों, विभागान्तर्गत कार्यालयों, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों के समस्त नियमित कार्मिकों पर लागू है।


निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश शासन के कार्मिक अनुभाग-5 द्वारा जारी यह शासनादेश मानव सम्पदा पोर्टल पर कार्मिकों की सेवा पुस्तिका को पूर्ण व अद्यतन रखने पर जोर देता है। यह प्रक्रिया तकनीकी रूप से विस्तृत जरूर है, लेकिन इसका उद्देश्य कर्मचारियों के सेवा-संबंधी रिकॉर्ड को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि भविष्य में पदोन्नति, वेतन निर्धारण और पेंशन जैसे मामलों में देरी न हो।


महत्वपूर्ण

पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने विभाग के कार्मिक/स्थापना अनुभाग से संपर्क कर यह सुनिश्चित करें कि उनकी सेवा पुस्तिका पोर्टल पर अद्यतन और सत्यापित है। किसी भी संशोधन के लिए मूल शासनादेश (संख्या-161/सैंतालीस-का-5-2026, दिनांक 20 अगस्त 2026) और आधिकारिक पोर्टल ehrm.upsdc.gov.in को ही अंतिम स्रोत मानें।


स्रोत एवं सत्यापन

यह शासनादेश कार्मिक अनुभाग-5, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिनांक 20 अगस्त 2026 को जारी किया गया है (शासनादेश संख्या: 161/सैंतालीस-का-5-2026)। यह आदेश समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्षों, मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को सम्बोधित है। यह रिपोर्ट मूल शासनादेश के दस्तावेज़ के अध्ययन के आधार पर तैयार की गई है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि इस शासनादेश से संबंधित किसी भी आधिकारिक कार्यवाही या निर्णय हेतु अपने संबंधित विभाग के कार्मिक/स्थापना अनुभाग से पुष्टि अवश्य करें।

अंतिम सत्यापन दिनांक: 20 अगस्त 2026


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