उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट: संपत्ति विवरण न देने पर होगी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों द्वारा मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों ने निर्धारित समय सीमा तक अपनी संपत्ति का विवरण अपलोड नहीं किया है, उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी तथा पदोन्नति, ACP और Vigilance Clearance जैसी सुविधाओं पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
यह निर्देश सभी विभागों, कार्यालयाध्यक्षों, मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को भेजा गया है, जिससे नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
क्या है पूरा मामला?
राज्य सरकार ने पूर्व में सभी सरकारी कर्मचारियों को निर्देशित किया था कि वे अपनी चल एवं अचल संपत्तियों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर निर्धारित समय सीमा तक दर्ज करें। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारियों द्वारा जानकारी अपलोड नहीं की गई।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हजारों कर्मचारी निर्धारित तिथि तक अपनी संपत्ति का विवरण पोर्टल पर दर्ज नहीं कर पाए थे। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए शासन ने पुनः स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
यदि किसी कर्मचारी ने निर्धारित अवधि तक मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज नहीं किया है, तो उसके विरुद्ध निम्न प्रभाव पड़ सकते हैं:
1. विभागीय कार्रवाई
नियमों के अनुरूप संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की जा सकती है।
2. पदोन्नति पर असर
वर्तमान चयन वर्ष में कर्मचारी की पदोन्नति पर विचार नहीं किया जा सकता।
3. ACP लाभ प्रभावित
यदि कर्मचारी ACP का पात्र है, तो उसे ACP का लाभ रोका जा सकता है।
4. Vigilance Clearance नहीं
विदेश यात्रा, प्रतिनियुक्ति अथवा अन्य मामलों में आवश्यक Vigilance Clearance जारी नहीं की जाएगी।
वेतन भुगतान को लेकर क्या कहा गया?
शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों ने बाद में अपना संपत्ति विवरण मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज कर दिया है, उनके लंबित वेतन भुगतान की कार्यवाही शीघ्र सुनिश्चित की जाए।
साथ ही, यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी कर वेतन आहरित किया गया है, तो संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी की जवाबदेही भी तय की जा सकती है।
विभागाध्यक्षों की बढ़ी जिम्मेदारी
शासन ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों के अनुपालन, कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई तथा वेतन संबंधी मामलों के लिए संबंधित विभागाध्यक्ष एवं उच्च अधिकारी उत्तरदायी होंगे।
इसलिए सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे मानव संपदा पोर्टल पर कर्मचारियों के संपत्ति विवरण की स्थिति की समीक्षा करें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
कर्मचारियों को क्या करना चाहिए?
यदि आपने अभी तक मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज नहीं किया है, तो बिना विलंब इसे अपडेट करें। समय पर जानकारी दर्ज करने से विभागीय कार्रवाई, पदोन्नति में बाधा और अन्य प्रशासनिक समस्याओं से बचा जा सकता है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार ने मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण दर्ज करने की प्रक्रिया को गंभीरता से लागू करने का संकेत दिया है। कर्मचारियों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने सेवा अभिलेखों को अद्यतन रखें और निर्धारित नियमों का पालन करें, ताकि भविष्य में पदोन्नति, ACP, वेतन एवं अन्य सेवा लाभों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
Disclaimer (अस्वीकरण):
यह लेख केवल सामान्य जानकारी एवं जनहित में उपलब्ध सरकारी आदेशों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य पाठकों को महत्वपूर्ण अपडेट से अवगत कराना है। किसी भी प्रशासनिक, कानूनी अथवा सेवा संबंधी निर्णय लेने से पूर्व संबंधित विभाग द्वारा जारी मूल शासनादेश, अधिसूचना या आधिकारिक स्रोत का अवश्य अवलोकन करें। लेख में किसी प्रकार की त्रुटि, परिवर्तन या अद्यतन जानकारी के लिए लेखक अथवा वेबसाइट उत्तरदायी नहीं होगी। नवीनतम एवं प्रमाणिक जानकारी के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
Source- https://shasanadesh.up.gov.in