क्या है नया फैसला?
सरकार के इस निर्णय के बाद पीएम पोषण योजना में कार्यरत रसोइयों को भी शिक्षकों और अन्य पात्र कर्मियों की तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए संबंधित रसोइयों और उनके आश्रितों का पंजीकरण विशेष पोर्टल पर कराया जाएगा, जिसके बाद उन्हें चिकित्सा कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
किन लोगों को मिलेगा लाभ?
इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित लोग पात्र होंगे—
• पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना में कार्यरत रसोइयां।
• रसोइयों के आश्रित परिवार के सदस्य।
• पूर्व से योजना में शामिल शिक्षक एवं अन्य पात्र कार्मिकों के साथ इन्हें भी जोड़ा जाएगा।
पंजीकरण कैसे होगा?
सरकार द्वारा विकसित विशेष पोर्टल पर लाभार्थियों का विवरण दर्ज किया जाएगा। पंजीकरण के दौरान आधार कार्ड में दर्ज विवरण के अनुसार ही जानकारी भरनी होगी।
पंजीकरण की मुख्य प्रक्रिया इस प्रकार होगी—
1. पोर्टल पर आवेदन
• संबंधित पोर्टल पर जाकर चिकित्सा कार्ड के लिए आवेदन करना होगा।
• सेवा संबंधी एवं व्यक्तिगत विवरण भरना होगा।
• सभी जानकारियों का सत्यापन करने के बाद आवेदन जमा किया जाएगा।
2. आश्रितों का विवरण जोड़ना
• आवेदन के दौरान परिवार के आश्रित सदस्यों का विवरण भी दर्ज किया जा सकेगा।
• एक से अधिक आश्रितों को भी क्रमवार जोड़ा जा सकेगा।
• सभी सदस्यों की सूची अंतिम रूप से प्रदर्शित होगी।
3. सत्यापन और अनुमोदन
• आवेदन पहले खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) स्तर पर सत्यापित होगा।
• इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अंतिम अनुमोदन प्रदान करेंगे।
• प्रत्येक चरण की सूचना आवेदक को एसएमएस के माध्यम से मिलेगी।
4. फैमिली आईडी प्राप्त करना
• आवेदन स्वीकृत होने के बाद लाभार्थी को एसएमएस के जरिए फैमिली आईडी भेजी जाएगी।
• इसी फैमिली आईडी के आधार पर चिकित्सा कार्ड बनाने की आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
5. आधार ई-केवाईसी और कार्ड डाउनलोड
• सभी पात्र सदस्यों को आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी करनी होगी।
• लाइव फोटो सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्ड डाउनलोड किया जा सकेगा।
• सफल ई-केवाईसी के बाद लाभार्थी अपना कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्राप्त कर सकेंगे।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
शासन ने निर्देश दिया है कि पोर्टल के सक्रिय होते ही सभी पात्र रसोइयों और लाभार्थियों का पंजीकरण अभियान चलाकर शीघ्र पूरा कराया जाए। साथ ही योजना से जुड़े सभी अधिकारियों और संबंधित कर्मियों को इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस सुविधा से वंचित न रहे।
क्या होगा फायदा?
इस पहल से प्रदेश की हजारों रसोइयों और उनके परिवारों को इलाज के लिए आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें अपनी जेब से भारी खर्च नहीं उठाना पड़ेगा और समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
Disclaimer:- यह लेख शासनादेश की मूल जानकारी के आधार पर आम पाठकों की सुविधा के लिए सरल एवं नए शब्दों में तैयार किया गया है। पूरी जानकारी के लिए आधिकारिक शासनादेश का अवलोकन अवश्य करें।