यूपी में 2026-27 के खरीफ और रबी सीजन में फसल बीमा योजनाएं लागू, सरकार ने जारी किया नया शासनादेश।
उत्तर प्रदेश शासनादेश #PM Fasal Bima Yojana 2026 #PMFBY 2026 #Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana #UP Fasal Bima Yojana #UP Crop Insurance Scheme #Rabi Fasal Bima 2026 #Kharif Fasal Bima 2026 #Weather Based Crop Insurance #RWBCIS 2026 #UP Government Order #UP Shasanadesh 2026 #UP Agriculture Department #UP Farmer News #Kisan Yojana Uttar Pradesh #Crop Insurance News #Agriculture News UP #UP Sarkari Yojana #Latest UP Government News #Shasanadesh Updates #Farmers Scheme 2026

यूपी में 2026-27 के खरीफ और रबी सीजन में फसल बीमा योजनाएं लागू, सरकार ने जारी किया नया शासनादेश।

लखनऊ। 06 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश शासनादेश 2026: उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि अनुभाग-2 ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को वर्ष 2026-27 के खरीफ एवं रबी मौसम में प्रदेश में लागू करने के संबंध में महत्वपूर्ण शासनादेश जारी किया है। यह शासनादेश 04 अगस्त 2026 को जारी किया गया है। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार की संबंधित एडवायजरी के अनुरूप उत्तर प्रदेश में फसल बीमा योजनाओं के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाना है।

📅 5 अगस्त 2026 ·👁 34 views

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2026-27

उत्तर प्रदेश शासन के कृषि विभाग ने 4 अगस्त 2026 को एक आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) वर्ष 2026-27 के खरीफ और रबी दोनों मौसम में प्रदेश में लागू रहेंगी। यह आदेश प्रमुख सचिव रविन्द्र द्वारा जारी किया गया है और इसे प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को भेजा गया है।

यह आदेश उन लाखों किसानों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपनी फसल को प्राकृतिक आपदा, सूखा, अतिवृष्टि या अन्य मौसम संबंधी जोखिम से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए इन योजनाओं का सहारा लेते हैं। आदेश में यह भी बताया गया है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कौन सी बीमा कंपनियां जिम्मेदार होंगी।


एक नजर में महत्वपूर्ण जानकारी

बिंदु

विवरण

आदेश का विषय

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को वर्ष 2026-27 के खरीफ व रबी मौसम में लागू किये जाने के सम्बन्ध में

विभाग

कृषि अनुभाग-2, उत्तर प्रदेश शासन

आदेश संख्या

46/2026/919/2026/2065360/12-2099/11/2026-पार्ट (1)

आदेश की तारीख

04 अगस्त 2026

लागू होने की अवधि

वर्ष 2026-27 का खरीफ एवं रबी मौसम

संबंधित लाभार्थी

उत्तर प्रदेश के वे किसान जो PMFBY/RWBCIS के अंतर्गत अधिसूचित फसलों व जनपदों में आते हैं

संदर्भित केंद्रीय पत्र

भारत सरकार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का पत्र सं0-18011/02/2023-Cr.II-Part(3), दिनांक 26.05.2026

मुख्य बदलाव

वर्ष 2023-24 से 2025-26 हेतु पहले से चयनित बीमा कंपनियों को ही वर्ष 2026-27 के लिए भी बरकरार रखा गया

इस शासनादेश में क्या कहा गया है?

आदेश की शुरुआत में बताया गया है कि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 26 मई 2026 के पत्र के जरिए PMFBY और RWBCIS को वर्ष 2026-27 में लागू करने के संबंध में राज्यों को एडवायजरी जारी की थी। इसी एडवायजरी के अनुपालन में कृषि उत्पादन आयुक्त, उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में गठित "राज्य स्तरीय समन्वय समिति" (SLCCCI) की 2 जून 2026 को बैठक हुई, जिसका कार्यवृत्त (Minutes) 11 जून 2026 को जारी किया गया।

इस बैठक और केंद्र की एडवायजरी के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत सरकार द्वारा दिए गए विकल्पों में से "प्रथम विकल्प" चुना है — यानी वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक जिन बीमा कंपनियों का चयन पहले से किया जा चुका था, उन्हीं कंपनियों को वर्ष 2026-27 के खरीफ और रबी मौसम के लिए भी जारी रखा जाएगा। यह क्रियान्वयन 15 जुलाई 2023 के दो शासनादेशों — एक PMFBY के लिए (संख्या 57/2023/1035(2)476477/12-2-2023/60(3)/2016) और दूसरा RWBCIS के लिए (संख्या 56/2023/1035/476477/12-2-2023/60(3)/2016) — में दी गई अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार होगा।

आदेश के अंत में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि इन दोनों योजनाओं को प्रदेश के सभी जनपदों में कड़ाई से लागू किया जाए।


किसे लाभ मिलेगा?

उपलब्ध आदेश के अनुसार यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश के उन किसानों पर लागू होगी जो PMFBY और RWBCIS के अंतर्गत अधिसूचित फसलों की खेती करते हैं और जिनके जनपद/क्षेत्र इन योजनाओं के दायरे में अधिसूचित हैं। चूंकि यह आदेश योजना की निरंतरता (continuation) से जुड़ा प्रशासनिक आदेश है, इसलिए मूल योजना की पात्रता शर्तें — जैसे ऋणी/गैर-ऋणी किसान, अधिसूचित फसलें, प्रीमियम दरें आदि — 2023 के मूल शासनादेशों में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ही लागू रहेंगी।


किसे लाभ नहीं मिलेगा?

इस आदेश में किसी विशेष वर्ग के किसानों को योजना से बाहर रखे जाने का उल्लेख नहीं है। हालांकि, फसल बीमा योजनाएं आमतौर पर केवल उन्हीं फसलों और जनपदों पर लागू होती हैं जिन्हें राज्य सरकार अधिसूचित करती है — गैर-अधिसूचित फसलों या क्षेत्रों से जुड़े किसानों को यह सुविधा नहीं मिलती। इस आदेश में जनपद/फसलवार अधिसूचना की सूची शामिल नहीं है, इसलिए इसकी जानकारी के लिए कृषि विभाग द्वारा अलग से जारी विस्तृत अधिसूचना देखनी होगी।


क्या बदलाव हुआ?

बिंदु

वर्ष 2023-24 से 2025-26

वर्ष 2026-27

योजना का क्रियान्वयन

15 जुलाई 2023 के शासनादेशों (सं0 57/2023 व 56/2023) के अनुसार

उन्हीं शासनादेशों के प्रावधानों के अनुसार जारी

बीमा कंपनियों का चयन

उस अवधि के लिए पहले से चयनित बीमा कंपनियां

वही, पूर्व-चयनित बीमा कंपनियां ही बरकरार (कोई नया टेंडर/चयन नहीं)

भारत सरकार का विकल्प

-

"प्रथम विकल्प" अपनाया गया, यानी बीमा कंपनियों में कोई परिवर्तन नहीं

आदेश में यह स्पष्ट है कि इस बार कोई नई बीमा कंपनी नहीं चुनी गई है, बल्कि पुरानी व्यवस्था को ही आगे बढ़ाया गया है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि किसानों के लिए बीमा दावा प्रक्रिया और संपर्क बिंदु (बीमा कंपनियां) पहले जैसे ही बने रहेंगे।


किसानों पर क्या असर पड़ेगा?

चूंकि योजना की निरंतरता सुनिश्चित की गई है, इसलिए किसानों को वर्ष 2026-27 के खरीफ और रबी मौसम में भी फसल बीमा की सुविधा मिलती रहेगी। पुरानी बीमा कंपनियों को बरकरार रखने का सीधा फायदा यह है कि प्रक्रिया में निरंतरता बनी रहेगी और नई कंपनी के आने से जुड़ी संभावित उलझनें (जैसे नए संपर्क सूत्र, नई दावा प्रक्रिया) टल जाएंगी।

हालांकि इस आदेश में प्रीमियम दर, बीमित राशि, आवेदन की अंतिम तिथि, कवर की जाने वाली विशिष्ट फसलों या जनपदों जैसी जानकारी शामिल नहीं है। यह विवरण मूल 2023 के शासनादेशों तथा कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर जारी अलग अधिसूचनाओं में उपलब्ध होगा।


महत्वपूर्ण शर्तें और सावधानियां

• यह आदेश केवल योजना की निरंतरता और बीमा कंपनियों के चयन से संबंधित है — इसमें प्रीमियम दर, सम इंश्योर्ड राशि, आवेदन प्रक्रिया या अंतिम तिथि जैसी जानकारी शामिल नहीं है।

• योजना का वास्तविक लाभ पाने के लिए किसानों को यह देखना होगा कि उनकी फसल और जनपद इस वर्ष के लिए अधिसूचित है या नहीं — यह जानकारी इस आदेश में नहीं दी गई है।

• आदेश में यह स्पष्ट निर्देश है कि योजना को जनपदों में "कड़ाई से" लागू किया जाए, जिससे संकेत मिलता है कि शासन इस पर सख्त निगरानी रखना चाहता है।


अब क्या करना होगा?

आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को निम्न कार्यवाही करनी होगी:-

• सभी मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में PMFBY व RWBCIS का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

• निदेशक, उद्यान को पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

• संबंधित बीमा कंपनियों, बैंकों (राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति सहित) तथा अन्य वित्तीय संस्थाओं को भी इस आदेश की प्रतिलिपि भेजी गई है ताकि वे अपने स्तर पर आवश्यक व्यवस्था करें।

• किसानों को अपनी फसल का बीमा कराने के लिए संबंधित बैंक शाखा, कृषि विभाग कार्यालय, या बीमा कंपनी के स्थानीय कार्यालय से संपर्क करना होगा, जिसका विस्तृत विवरण इस आदेश में उपलब्ध नहीं है।


महत्वपूर्ण सवाल-जवाब (FAQ)

1. क्या PMFBY और RWBCIS वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश में जारी रहेंगी?

उत्तर- हां, 4 अगस्त 2026 के आदेश के अनुसार दोनों योजनाएं वर्ष 2026-27 के खरीफ व रबी मौसम में उत्तर प्रदेश में लागू रहेंगी।

2. क्या इस बार नई बीमा कंपनियां चुनी गई हैं?

उत्तर- नहीं, आदेश के अनुसार वर्ष 2023-24 से 2025-26 के लिए पहले से चयनित बीमा कंपनियों को ही वर्ष 2026-27 के लिए भी जारी रखा गया है।

3. प्रीमियम दर या बीमित राशि क्या होगी?

उत्तर- इस आदेश में प्रीमियम दर या बीमित राशि का उल्लेख नहीं है। यह जानकारी 2023 के मूल शासनादेशों या अलग से जारी अधिसूचना में उपलब्ध हो सकती है।

4. यह निर्णय किस आधार पर लिया गया?

उत्तर- यह निर्णय भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की 26 मई 2026 की एडवायजरी तथा राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCCCI) की 2 जून 2026 की बैठक के निर्णय के आधार पर लिया गया है।

5. क्या यह योजना सभी जनपदों और सभी फसलों पर लागू होगी?

उत्तर- आदेश में सभी जनपदों में योजना को "कड़ाई से लागू" करने का निर्देश है, लेकिन विशिष्ट अधिसूचित फसलों और जनपदों की सूची इस आदेश में शामिल नहीं है।

6. किसान फसल बीमा के लिए कहां संपर्क करें?

उत्तर- इसका विस्तृत विवरण इस आदेश में उपलब्ध नहीं है। सामान्यतः किसान अपने बैंक शाखा, कृषि विभाग कार्यालय या संबंधित बीमा कंपनी के जरिए आवेदन कर सकते हैं।


निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के इस आदेश (संख्या 46/2026/919/2026/2065360/12-2099/11/2026-पार्ट(1), दिनांक 4 अगस्त 2026) का मुख्य सार यह है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना वर्ष 2026-27 के खरीफ व रबी मौसम में भी प्रदेश में जारी रहेंगी, और इन्हें पहले से चयनित बीमा कंपनियों के माध्यम से ही लागू किया जाएगा। किसानों को याद रखना चाहिए कि प्रीमियम, अधिसूचित फसलों और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी के लिए उन्हें कृषि विभाग की अलग से जारी अधिसूचना या स्थानीय कार्यालय से संपर्क करना होगा।


आधिकारिक स्रोत

यह जानकारी कृषि अनुभाग-2, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिनांक 4 अगस्त 2026 को जारी शासनादेश संख्या 46/2026/919/2026/2065360/12-2099/11/2026-पार्ट (1) पर आधारित है। इस शासनादेश की प्रामाणिकता आधिकारिक वेबसाइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।


Disclaimer

यह लेख उपलब्ध सरकारी शासनादेश के आधार पर केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी आवेदन, बीमा या वित्तीय निर्णय से पहले संबंधित विभाग द्वारा जारी नवीनतम आधिकारिक सूचना की पुष्टि जरूर करें।

📄

Documents (शासनादेश पीडीएफ)

SU

Shasnadesh Updates Editorial Team

सत्यापित शासनादेश एवं आधिकारिक सूचना पोर्टल · Verified Information

Editorial Policy & Fact-Checking →