शासनादेश का विवरण
शासनादेश संख्या: 15/2026/बी-1-1364/दस-2026-16/94
जारीकर्ता: संदीप कौर, सचिव, वित्त, उत्तर प्रदेश शासन
जारी तिथि: 04 जून 2026
क्या था पुराना प्रावधान?
29 जुलाई 2022 को जारी शासनादेश के अनुसार विभागों के सुपर यूजर द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर (DSC) से जनित बजट आवंटन आदेश की हार्ड कॉपी कोषागार में उपलब्ध कराए जाने के बाद ही कोषागार स्तर पर बजट आवंटन को कंप्यूटर में लोड या अपडेट किया जाता था। इस प्रक्रिया में कई बार हार्ड कॉपी समय से प्राप्त न होने के कारण भुगतान कार्य प्रभावित होते थे और योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी होती थी।
शासन के संज्ञान में आई समस्याएं
शासन ने पाया कि –
कई विभागों द्वारा BudgetAllot एप्लीकेशन में DSC पंजीकरण के बावजूद हार्ड कॉपी की प्रतीक्षा की जा रही थी।
हार्ड कॉपी देर से मिलने के कारण भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब हो रहा था।
कुछ विभागों के सुपर यूजर ने अभी तक डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का पंजीकरण नहीं कराया था।
शासन का नया निर्णय
शासन द्वारा विचारोपरांत निम्नलिखित व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई है—
1. हार्ड कॉपी की अनिवार्यता समाप्त
अब बजट आवंटन आदेश की सत्यापित हार्ड कॉपी कोषागार में प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।
2. डिजिटल बजट आवंटन स्वतः अपडेट होगा
BudgetAllot एप्लीकेशन पर डिजिटल हस्ताक्षरित कंप्यूटर जनित बजट आवंटन आदेश जनरेट होते ही कोषागार स्तर पर संबंधित बजट आवंटन स्वतः लोड/अपडेट हो जाएगा।
3. DSC के बिना आदेश जनरेट नहीं होगा
BudgetAllot एप्लीकेशन में ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि डिजिटल हस्ताक्षर (DSC) के बिना कोई भी बजट आवंटन आदेश जनरेट नहीं किया जा सकेगा।
4. DSC पंजीकरण की अंतिम तिथि
जिन विभागों के बजट आवंटन सुपर यूजर ने अभी तक अपना डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) पंजीकृत नहीं कराया है, उन्हें 15 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से BudgetAllot एप्लीकेशन में DSC पंजीकरण कराना होगा।
5. देरी की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी
निर्धारित तिथि तक DSC पंजीकरण न कराने से उत्पन्न किसी भी प्रकार की असुविधा का पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित अधिकारी का होगा।
इस निर्णय का प्रभाव
इस नई व्यवस्था से—
• भुगतान प्रक्रिया में तेजी आएगी।
• योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब समाप्त होगा।
• विभागों और कोषागारों के बीच समन्वय बेहतर होगा।
• कागजी कार्यवाही में कमी आएगी।
• ई-गवर्नेंस को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश शासन का यह निर्णय वित्तीय कार्यप्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। BudgetAllot एप्लीकेशन के माध्यम से बजट आवंटन की स्वचालित प्रक्रिया लागू होने से विभागों को राहत मिलेगी और सरकारी भुगतान कार्यों में तेजी आएगी।
Disclaimer
यह लेख उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिनांक 04 जून 2026 को जारी शासनादेश संख्या 15/2026/बी-1-1364/दस-2026-16/94 के आधार पर तैयार किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी प्रशासनिक कार्यवाही से पूर्व मूल शासनादेश का अवलोकन अवश्य कर लें।