उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा विभाग ने 9 अप्रैल 2026 को एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की है। यह आदेश अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी किया गया है और इससे प्रदेश के करीब 1,42,929 शिक्षामित्र सीधे प्रभावित होंगे। यह आदेश शिक्षामित्रों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि लंबे समय से रु0 10,000 प्रतिमाह मिल रहे मानदेय में अब सीधे रु0 8,000 की बढ़ोतरी की गई है, जो एक बड़ी राहत मानी जा सकती है। आइए इस आदेश को विस्तार से समझते हैं।
एक नजर में महत्वपूर्ण जानकारी
बिंदु | विवरण |
|---|---|
आदेश का विषय | उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि के संबंध में |
विभाग | बेसिक शिक्षा अनुभाग-5, उत्तर प्रदेश शासन |
आदेश संख्या | 111/2026/I/1293567/2026-68-5099/124/2026 |
आदेश की तारीख | 09 अप्रैल 2026 |
लागू होने की तारीख | 01 अप्रैल 2026 |
संबंधित लाभार्थी | बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1,42,929 शिक्षामित्र |
मुख्य बदलाव | मानदेय रु0 10,000/- प्रतिमाह से बढ़ाकर रु0 18,000/- प्रतिमाह, वर्ष में 11 माह के लिए |
इस शासनादेश में क्या कहा गया है ?
आदेश की शुरुआत में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश में अध्यापक-छात्र अनुपात बनाए रखने और बेसिक शिक्षा के सार्वभौमिकीकरण के उद्देश्य से 26 मई 1999 के शासनादेश के तहत शिक्षामित्र योजना शुरू की गई थी। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं।
इसके बाद आदेश में स्पष्ट किया गया है कि परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षामित्रों को अभी तक रु0 10,000 प्रतिमाह का मानदेय मिल रहा था। सम्यक विचार के बाद यह निर्णय लिया गया है कि 1 अप्रैल 2026 से शिक्षामित्रों को रु0 18,000 प्रतिमाह की दर से वर्ष में 11 महीने तक मानदेय दिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को इस निर्णय का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है।
किसे लाभ मिलेगा ?
उपलब्ध आदेश के अनुसार यह लाभ उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को मिलेगा। आदेश में यह भी उल्लेख है कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जो इस मानदेय वृद्धि के दायरे में आएंगे।
किसे लाभ नहीं मिलेगा ?
आदेश में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख नहीं है कि किसी विशेष श्रेणी के शिक्षामित्रों को इस वृद्धि से बाहर रखा गया है। हालांकि यह आदेश केवल बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षामित्रों तक सीमित है — माध्यमिक शिक्षा विभाग या अन्य विभागों में कार्यरत समान श्रेणी के कर्मचारियों के बारे में इस आदेश में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
क्या बदलाव हुआ? (पुरानी बनाम नई व्यवस्था)
बिंदु | पुरानी व्यवस्था | नई व्यवस्था (1 अप्रैल 2026 से) |
|---|---|---|
मासिक मानदेय | रु0 10,000/- प्रतिमाह | रु0 18,000/- प्रतिमाह |
भुगतान अवधि | वर्ष में 11 माह (आदेश में इसी अवधि का उल्लेख) | वर्ष में 11 माह |
मासिक वृद्धि | - | रु0 8,000/- प्रतिमाह की सीधी बढ़ोतरी |
शिक्षामित्रों पर क्या असर पड़ेगा ?
इस मानदेय वृद्धि का सबसे सीधा असर शिक्षामित्रों की मासिक आय पर पड़ेगा। रु0 10,000 से बढ़कर रु0 18,000 होने का मतलब है कि उनकी मासिक आय में करीब 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो एक महत्वपूर्ण आर्थिक राहत है। चूंकि प्रदेश में करीब 1.42 लाख शिक्षामित्र कार्यरत हैं, इसलिए यह निर्णय एक बड़े वर्ग को सीधे प्रभावित करता है।
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए कोई शिक्षामित्र पहले वर्ष में 11 महीने के हिसाब से मानदेय पाता था:-
• पुरानी दर पर सालाना मानदेय: रु0 10,000 × 11 माह = रु0 1,10,000
• नई दर पर सालाना मानदेय: रु0 18,000 × 11 माह = रु0 1,98,000
• सालाना बढ़ोतरी: रु0 1,98,000 − रु0 1,10,000 = रु0 88,000
यानी एक शिक्षामित्र को साल भर में पहले की तुलना में करीब रु0 88,000 अधिक मानदेय मिलेगा। यह गणना केवल आदेश में दी गई दरों पर आधारित है; इसमें किसी अन्य कटौती, भत्ते या टैक्स को शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि उसकी जानकारी आदेश में उपलब्ध नहीं है।
महत्वपूर्ण शर्तें और सावधानियां
• यह मानदेय वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है, भले ही आदेश 9 अप्रैल 2026 को जारी हुआ हो — यानी इसका असर पूर्व तिथि से (retrospective) माना जाएगा।
• मानदेय वर्ष में 11 माह के लिए ही दिया जाना निर्धारित है, 12 महीने के लिए नहीं — यह आदेश में स्पष्ट उल्लेख है।
• यह वृद्धि केवल परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों के लिए है।
• आदेश में मानदेय के अतिरिक्त किसी अन्य भत्ते, इंक्रीमेंट या भविष्य में वृद्धि की व्यवस्था का उल्लेख नहीं है।
अब क्या करना होगा?
यह एक सीधा शासकीय निर्णय है, इसलिए शिक्षामित्रों को अलग से कोई आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। आदेश में संबंधित अधिकारियों — महानिदेशक स्कूल शिक्षा, शिक्षा निदेशक (बेसिक), राज्य परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा), सचिव बेसिक शिक्षा परिषद तथा वित्त नियंत्रक सर्व शिक्षा अभियान/बेसिक शिक्षा निदेशालय — को इस निर्णय का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि यह वृद्धि सभी पात्र शिक्षामित्रों के वेतन में लागू हो सके।
महत्वपूर्ण सवाल-जवाब (FAQ)
1. शिक्षामित्रों का नया मानदेय कितना है?
उत्तर- 09 अप्रैल 2026 के आदेश के अनुसार शिक्षामित्रों को अब रु0 18,000 प्रतिमाह मानदेय मिलेगा, जो पहले रु0 10,000 था।
2. यह वृद्धि कब से लागू है?
उत्तर- यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी गई है।
3. यह मानदेय साल में कितने महीने मिलेगा?
उत्तर- आदेश के अनुसार यह मानदेय वर्ष में 11 महीने के लिए दिया जाएगा।
4. इस वृद्धि से कितने शिक्षामित्र लाभान्वित होंगे?
उत्तर- आदेश के अनुसार प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जो इस वृद्धि से लाभान्वित होंगे।
5. शिक्षामित्र योजना कब शुरू हुई थी?
उत्तर- आदेश के अनुसार शिक्षामित्र योजना 26 मई 1999 के शासनादेश के तहत अध्यापक-छात्र अनुपात बनाए रखने और बेसिक शिक्षा के सार्वभौमिकीकरण के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
6. क्या यह वृद्धि माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षामित्रों/अनुदेशकों पर भी लागू होगी?
उत्तर- यह आदेश स्पष्ट रूप से बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षामित्रों के लिए है। अन्य विभागों या श्रेणियों के बारे में इस आदेश में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
7. क्या मानदेय वृद्धि के लिए कोई आवेदन करना होगा?
उत्तर- नहीं, यह शासन का सीधा निर्णय है और संबंधित विभागीय अधिकारियों को इसका अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के इस आदेश (संख्या 111/2026/I/1293567/2026-68-5099/124/2026, दिनांक 9 अप्रैल 2026) के जरिए प्रदेश के करीब 1.42 लाख शिक्षामित्रों का मासिक मानदेय रु0 10,000 से बढ़ाकर रु0 18,000 कर दिया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है। शिक्षामित्रों को यह याद रखना चाहिए कि यह मानदेय वर्ष में 11 महीने के लिए ही निर्धारित है, और इसका प्रभावी क्रियान्वयन संबंधित विद्यालय/जनपद स्तर के कार्यालयों के माध्यम से होगा।
आधिकारिक स्रोत
यह जानकारी बेसिक शिक्षा अनुभाग-5, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2026 को जारी शासनादेश संख्या 111/2026/I/1293567/2026-68-5099/124/2026 पर आधारित है। इस शासनादेश की प्रामाणिकता आधिकारिक वेबसाइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।