सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई, यूपी पुलिस ने जारी किए सख्त निर्देश
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सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई, यूपी पुलिस ने जारी किए सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक बार फिर सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किया गया है।

📅 4 जून 2026 ·👁 40 views

यूपी पुलिस का सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 पर सख्त रुख, उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने पुलिसकर्मियों की सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का पालन सुनिश्चित करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारी अपने अधीन कार्यरत पुलिसकर्मियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखेंगे और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

आदेश में क्या कहा गया है?

पुलिस मुख्यालय ने सभी विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों और इकाई प्रमुखों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत पुलिसकर्मियों की सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी करें।

अधिकारियों को विशेष रूप से सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान करने और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

यदि कोई पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री पोस्ट करता है जो विभाग की निर्धारित सोशल मीडिया नीति के विरुद्ध है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को ऐसे मामलों में लापरवाही नहीं बरतने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

किन सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रहेगी?

निगरानी के दायरे में सोशल मीडिया पर साझा की जाने वाली विभिन्न प्रकार की सामग्री आ सकती है, जैसे—

  • वीडियो और रील

  • फोटो

  • सोशल मीडिया पोस्ट

  • अन्य डिजिटल सामग्री

  • ऐसी सामग्री जो विभागीय नियमों या सोशल मीडिया नीति के विपरीत हो

हालांकि, किसी विशेष पोस्ट पर कार्रवाई का आधार संबंधित नियम, नीति और मामले के तथ्यों पर निर्भर करेगा।

हर महीने भेजनी होगी कार्रवाई की रिपोर्ट

आदेश में सोशल मीडिया पॉलिसी के उल्लंघन से जुड़े मामलों में की गई कार्रवाई की नियमित रिपोर्टिंग पर भी जोर दिया गया है।

संबंधित अधिकारी कार्रवाई से जुड़ी जानकारी उच्चाधिकारियों को भेजेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सोशल मीडिया पॉलिसी का प्रभावी रूप से पालन हो रहा है।

संबंधित पोस्ट और URL का रिकॉर्ड रखना होगा

जिन मामलों में सोशल मीडिया गतिविधि को लेकर विभागीय कार्रवाई की जाती है, उनमें संबंधित डिजिटल सामग्री का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

रिकॉर्ड में आवश्यकता के अनुसार निम्न जानकारी शामिल की जा सकती है—

  • संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट

  • वीडियो या फोटो

  • पोस्ट का URL

  • अन्य संबंधित डिजिटल सामग्री

  • कार्रवाई से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड

भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर इस रिकॉर्ड का उपयोग साक्ष्य या विभागीय कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज के रूप में किया जा सकता है।

आदेश का उद्देश्य क्या है?

इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पुलिस विभाग की गरिमा, अनुशासन और सार्वजनिक विश्वास को बनाए रखना है।

पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की जाती है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग जिम्मेदारी और विभागीय मर्यादा के अनुरूप करें।

साथ ही, ऐसी सोशल मीडिया गतिविधियों से बचना आवश्यक है, जो विभागीय नियमों का उल्लंघन करती हों या पुलिस विभाग की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती हों।

आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब है?

सरल भाषा में समझें तो पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर विभागीय नियमों का पालन करना जरूरी होगा।

यदि किसी पुलिसकर्मी की कोई रील, वीडियो, फोटो या पोस्ट सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 या अन्य लागू विभागीय नियमों का उल्लंघन करती हुई पाई जाती है, तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों की निगरानी करने, उल्लंघन की पहचान करने और आवश्यक कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है।

पुलिस सोशल मीडिया पॉलिसी-2023: प्रमुख बातें

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

  • नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

  • विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों और इकाई प्रमुखों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

  • उल्लंघन से जुड़े मामलों में समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया गया है।

  • की गई कार्रवाई की जानकारी उच्चाधिकारियों को नियमित रूप से भेजी जाएगी।

  • संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट और URL का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा।

  • आवश्यकता पड़ने पर रिकॉर्ड का इस्तेमाल विभागीय कार्रवाई में किया जा सकता है।

  • पूरी व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस विभाग की गरिमा, अनुशासन और सार्वजनिक विश्वास बनाए रखना है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के इन निर्देशों से स्पष्ट है कि पुलिसकर्मियों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर विभागीय स्तर पर नियमों के अनुपालन और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय लागू विभागीय नियमों और सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का पालन करना होगा। वहीं, नियमों के उल्लंघन के मामलों में संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने और उसका रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

नोट: किसी विशेष सोशल मीडिया पोस्ट या गतिविधि पर कार्रवाई होगी या नहीं, यह संबंधित विभागीय नीति, आदेश और मामले के तथ्यों के आधार पर निर्धारित होगा। आधिकारिक जानकारी के लिए पुलिस मुख्यालय अथवा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी मूल आदेश/दिशानिर्देश को प्राथमिक स्रोत माना जाना चाहिए।

Disclaimer

यह लेख उपलब्ध आदेश/निर्देशों के आधार पर सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 के अंतर्गत किसी गतिविधि को उल्लंघन मानने और उसके विरुद्ध कार्रवाई करने का अंतिम निर्णय संबंधित विभागीय नियमों एवं सक्षम अधिकारी द्वारा लिया जाएगा।

पाठकों को किसी भी आधिकारिक कार्रवाई, नियम में बदलाव या नए निर्देश की पुष्टि के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस/उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश एवं अधिसूचनाओं का अवलोकन करना चाहिए।

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