उत्तर प्रदेश शासन ने 12 अक्टूबर 2026 को एक अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार किराये या पट्टे के दस्तावेज़ (Lease Deed) की रजिस्ट्री पर लगने वाली रजिस्ट्रीकरण फीस (Registration Fee) की एक अधिकतम सीमा तय की गई है। यह सीमा किराये की राशि और पट्टे की अवधि पर निर्भर करती है। मकान-दुकान किराये पर देने-लेने वाले नागरिकों, व्यापारियों और किराये के मकान में रहने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए यह आदेश उपयोगी है।
एक नज़र में (Quick Summary)
विषय | जानकारी |
जारी करने वाला विभाग | उत्तर प्रदेश शासन, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 |
अधिसूचना संख्या | 14/2026/1383/94-2-2026-700(62)/2023 |
दिनांक | 12 अक्टूबर 2026 |
कानूनी आधार | रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 78-क (UP में यथा संशोधित) |
किस पर लागू | भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की अनुसूची 1-ख के अनुच्छेद-35 के अधीन पट्टा विलेख |
क्या बदला | तय सीमा से ऊपर की रजिस्ट्रीकरण फीस में छूट (Remission) |
किन पर लागू नहीं | टोल पट्टा (Toll Lease) और खनन पट्टा (Mining Lease) |
कब से लागू | सरकारी गजट में प्रकाशन की तिथि से |
हस्ताक्षरकर्ता | श्री अमित गुप्ता, प्रमुख सचिव |
यह आदेश असल में क्या कहता है?
जब कोई संपत्ति किराये या पट्टे पर दी जाती है और उसका दस्तावेज़ रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत कराया जाता है, तो दो तरह का खर्च आता है — स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) और रजिस्ट्रीकरण फीस (Registration Fee)।
इस अधिसूचना के माध्यम से राज्यपाल ने रजिस्ट्रीकरण फीस पर एक "छत" (Cap) लगा दी है। यानी सामान्य नियमों से फीस चाहे जितनी बनती हो, तय श्रेणी के पट्टा विलेख पर अनुसूची में लिखी अधिकतम राशि से ज़्यादा फीस नहीं ली जाएगी। अधिकतम राशि से ऊपर का हिस्सा माफ (छूट) कर दिया गया है।
ध्यान दें: यह आदेश केवल रजिस्ट्रीकरण फीस के बारे में है। स्टाम्प शुल्क के बारे में इस अधिसूचना में कुछ नहीं कहा गया है।
किराये और अवधि के अनुसार अधिकतम फीस
सीमा दो बातों से तय होती है:
1. औसत वार्षिक किराया (Average Annual Rent) — किराये की श्रेणी
2. पट्टे की अवधि (Lease Period) — 1 वर्ष तक, 1 से 5 वर्ष, या 5 से 10 वर्ष
औसत वार्षिक किराया | 1 वर्ष तक | 1 वर्ष से अधिक – 5 वर्ष तक | 5 वर्ष से अधिक – 10 वर्ष तक |
₹2,00,000 तक | ₹1,000 | ₹2,000 | ₹4,000 |
₹2,00,000 से अधिक – ₹6,00,000 तक | ₹3,000 | ₹6,000 | ₹8,000 |
₹6,00,000 से अधिक – ₹10,00,000 तक | ₹4,500 | ₹10,000 | ₹13,000 |
₹10,00,000 से अधिक | पहले ₹10 लाख पर ऊपर की तीसरी श्रेणी के अनुसार फीस + शेष राशि पर सामान्य रजिस्ट्रीकरण फीस (दोनों का योग) | ||

औसत वार्षिक किराया और पट्टे की अवधि के अनुसार पट्टा विलेख पर अधिकतम रजिस्ट्रीकरण फीस।
तालिका को कैसे पढ़ें?
• पहले अपने पट्टे का औसत वार्षिक किराया देखें और सही पंक्ति (Row) चुनें।
• फिर पट्टे की अवधि देखकर सही कॉलम चुनें।
• दोनों के मिलन बिंदु पर लिखी राशि अधिकतम फीस है। अगर सामान्य नियमों से फीस इससे कम बनती है, तो कम वाली ही लगेगी, क्योंकि यह सीमा केवल ऊपर की राशि को रोकती है। सामान्य रजिस्ट्रीकरण फीस की दर के लिए विभाग की वर्तमान फीस सारणी देखें।
व्यावहारिक उदाहरण (Examples)
उदाहरण 1 — छोटी दुकान, 11 महीने का पट्टा
रमेश जी ने अपनी दुकान ₹15,000 मासिक किराये पर दी है। वार्षिक किराया = ₹15,000 × 12 = ₹1,80,000। यह ₹2 लाख तक की श्रेणी में है, और अवधि 1 वर्ष तक है। इसलिए रजिस्ट्रीकरण फीस अधिकतम ₹1,000 होगी।
उदाहरण 2 — मकान, 3 साल का पट्टा
एक परिवार ₹30,000 मासिक किराये पर 3 साल के लिए मकान ले रहा है। वार्षिक किराया = ₹3,60,000 (₹2 लाख से अधिक, ₹6 लाख तक)। अवधि 1–5 वर्ष। अधिकतम फीस = ₹6,000।
उदाहरण 3 — शोरूम, 8 साल का पट्टा
किसी शोरूम का वार्षिक किराया ₹9,00,000 है और पट्टा 8 साल का है। श्रेणी: ₹6–10 लाख, अवधि: 5–10 वर्ष। अधिकतम फीस = ₹13,000।
उदाहरण 4 — ₹10 लाख से अधिक किराया
मान लीजिए किसी व्यावसायिक भवन का औसत वार्षिक किराया ₹15,00,000 है और पट्टा 4 साल का है। तब फीस दो हिस्सों में बनेगी:
• (एक) पहले ₹10,00,000 पर — तीसरी श्रेणी, 1–5 वर्ष कॉलम = ₹10,000
• (दो) शेष ₹5,00,000 पर — सामान्य रजिस्ट्रीकरण फीस (इसकी दर के लिए विभाग की वर्तमान फीस सारणी देखें)
• कुल फीस = ₹10,000 + शेष राशि पर सामान्य फीस
नोट: उदाहरणों में "औसत वार्षिक किराया" को सरल रूप से मासिक किराया × 12 माना गया है। अगर पट्टे में किराया हर साल बढ़ता है, तो औसत की गणना अलग होगी — रजिस्ट्री से पहले उप-निबंधक (Sub-Registrar) कार्यालय से पुष्टि ज़रूर करें। |
किन पट्टों पर यह छूट लागू नहीं है?
अधिसूचना में साफ लिखा है कि यह छूट किसी भी प्रकार के टोल पट्टा और खनन पट्टा पर लागू नहीं होगी। यानी सड़क/पुल के टोल वसूली अधिकार या खनिज खनन से जुड़े पट्टों पर पहले की तरह सामान्य रजिस्ट्रीकरण फीस ही लगेगी।
इसके अलावा, अनुसूची में अवधि के केवल तीन कॉलम हैं — अधिकतम 10 वर्ष तक। 10 वर्ष से लंबे पट्टों के लिए इस अधिसूचना में कोई सीमा नहीं बताई गई है।
यह आदेश किसके लिए उपयोगी है?
• मकान मालिक और किरायेदार — जो किराया अनुबंध को रजिस्टर्ड कराना चाहते हैं।
• दुकानदार और छोटे व्यापारी — दुकान, गोदाम या शोरूम के पट्टे के लिए।
• सरकारी कर्मचारी — जो तैनाती स्थल पर किराये के मकान में रहते हैं और रजिस्टर्ड किरायानामा बनवाते हैं।
• कंपनियाँ और संस्थाएँ — कार्यालय या व्यावसायिक परिसर के लंबी अवधि के पट्टों के लिए।
आम गलतियाँ जिनसे बचें
1. स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रीकरण फीस को एक समझना — यह सीमा केवल रजिस्ट्रीकरण फीस पर है।
2. मासिक किराये को सीधे तालिका से मिलाना — तालिका वार्षिक किराये पर आधारित है।
3. अवधि का कॉलम गलत चुनना — ठीक 1 वर्ष का पट्टा "1 वर्ष तक" में आएगा; 1 वर्ष से एक दिन भी अधिक हो तो अगला कॉलम।
4. ₹10 लाख से ऊपर के किराये पर पूरी राशि को सीमित मान लेना — शेष राशि पर सामान्य फीस अलग से जुड़ती है।
5. गजट प्रकाशन से पहले की रजिस्ट्री पर लाभ मान लेना — आदेश गजट प्रकाशन की तिथि से प्रभावी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: क्या इस आदेश से स्टाम्प शुल्क भी कम हुआ है?
उत्तर: नहीं। यह अधिसूचना केवल रजिस्ट्रीकरण फीस की अधिकतम सीमा तय करती है। स्टाम्प शुल्क के बारे में इसमें कोई प्रावधान नहीं है।
प्रश्न 2: यह नियम कब से लागू है?
उत्तर: अधिसूचना के अनुसार यह सरकारी गजट में प्रकाशन की तिथि से लागू होगा। अधिसूचना 12 अक्टूबर 2026 के असाधारण गजट में प्रकाशित कराने के लिए भेजी गई है।
प्रश्न 3: मेरा पट्टा 15 साल का है, क्या मुझे यह लाभ मिलेगा?
उत्तर: अधिसूचना की अनुसूची में केवल 10 वर्ष तक की अवधि के लिए सीमा दी गई है। 10 वर्ष से लंबे पट्टे के लिए अपने उप-निबंधक कार्यालय से जानकारी लें।
प्रश्न 4: औसत वार्षिक किराया ₹10 लाख से अधिक हो तो फीस कैसे बनेगी?
उत्तर: पहले ₹10 लाख पर तीसरी श्रेणी (₹6–10 लाख) की अधिकतम फीस लगेगी, और शेष राशि पर सामान्य रजिस्ट्रीकरण फीस। दोनों का योग कुल फीस होगा।
प्रश्न 5: क्या खनन या टोल के पट्टे पर भी यह सीमा लागू है?
उत्तर: नहीं। अधिसूचना में स्पष्ट है कि किसी भी प्रकार के टोल पट्टा और खनन पट्टा पर यह छूट लागू नहीं होगी।
प्रश्न 6: अगर सामान्य नियमों से फीस तालिका की राशि से कम बनती है तो?
उत्तर: छूट केवल तय राशि "से अधिक" फीस पर दी गई है। इसलिए यदि सामान्य फीस पहले से कम है, तो वही कम फीस लगेगी। सामान्य रजिस्ट्रीकरण फीस की दर के लिए विभाग की वर्तमान फीस सारणी देखें या अपने उप-निबंधक (Sub-Registrar) कार्यालय से जानकारी लें।
प्रश्न 7: मूल अधिसूचना कहाँ देखें?
उत्तर: उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश पोर्टल shasanadesh.up.gov.in पर अधिसूचना संख्या डालकर इसकी प्रमाणिकता जाँची जा सकती है।
स्रोत (Source)
विभाग: उत्तर प्रदेश शासन, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2, लखनऊ अधिसूचना संख्या: 14/2026/1383/94-2-2026-700(62)/2023 दिनांक: 12 अक्टूबर 2026 सत्यापन: http://shasanadesh.up.gov.in यह एक स्वतंत्र सूचना पोर्टल है; आधिकारिक पुष्टि के लिए मूल शासनादेश देखें। |