उत्तर प्रदेश होम्योपैथी विभाग को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 705.12 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी, जानें पूरा विवरण
उत्तर प्रदेश शासन के आयुष अनुभाग-2 ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए होम्योपैथी विभाग को वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने वाला एक शासनादेश जारी किया है। यह आदेश प्रमुख सचिव रंजन कुमार की ओर से निदेशक, होम्योपैथी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को भेजा गया है और इसकी तारीख 24 अप्रैल 2026 है।
सीधी भाषा में समझें तो यह कोई नई योजना या भर्ती से जुड़ा आदेश नहीं है, बल्कि यह एक बजटीय (वित्तीय) स्वीकृति आदेश है। इसके तहत होम्योपैथी विभाग के अंतर्गत आने वाले निदेशालय, चिकित्सालयों, राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज और होम्योपैथिक चिकित्सा बोर्ड के लिए वेतन, महंगाई भत्ता, कार्यालय व्यय, चिकित्सा व्यय, औषधि खरीद जैसे मदों में पैसा जारी करने की स्वीकृति दी गई है।
यह आदेश उन कर्मचारियों, अधिकारियों और वित्त/कोषागार से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो होम्योपैथी विभाग के बजट प्रबंधन से जुड़े हैं, क्योंकि इसी आदेश के आधार पर आगे धनराशि का आवंटन और आहरण (निकासी) होगा।
एक नजर में महत्वपूर्ण जानकारी
बिंदु | विवरण |
|---|---|
शासनादेश का विषय | वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान संख्या-34, लेखाशीर्षक-2210 (चिकित्सा तथा लोक स्वास्थ्य-होम्योपैथिक चिकित्सा) के अंतर्गत राजस्व मद की वित्तीय स्वीकृति |
विभाग | आयुष विभाग, उत्तर प्रदेश शासन (आयुष अनुभाग-2) |
शासनादेश संख्या | संख्या-24/2026/926/001-2038453 |
शासनादेश दिनांक | 24 अप्रैल 2026 |
आधार पत्र | निदेशक होम्योपैथी का पत्र संख्या नि0हो0/1073-बी/82/2026-27/1467, दिनांक 01 अप्रैल 2026 |
प्रशासकीय आधार | वित्त (आय-व्यय) अनुभाग-1, कार्यालय-ज्ञाप संख्या-4/2026/बी-1-812/दस-2026-231/2026, दिनांक 28 मार्च 2026 |
स्वीकृत धनराशि | रु0 7,05,12,26,000/- (सात अरब पाँच करोड़ बारह लाख छब्बीस हजार मात्र) |
कुल प्राविधानित बजट (वर्ष 2026-27) | रु0 81220.43 लाख |
संबंधित लाभार्थी | होम्योपैथी निदेशालय, होम्योपैथिक चिकित्सालय, होम्योपैथिक चिकित्सा बोर्ड, राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज व अस्पताल |
हस्ताक्षरकर्ता | रंजन कुमार, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन |
इस शासनादेश में क्या कहा गया है?
आदेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अनुदान संख्या-34 के लेखाशीर्षक-2210 (चिकित्सा तथा लोक स्वास्थ्य-होम्योपैथिक चिकित्सा) के अंतर्गत विभिन्न मानक मदों में कुल रु0 81220.43 लाख धनराशि प्राविधानित (बजट में तय) की गई थी। इसी में से रु0 7,05,12,26,000/- की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति इस आदेश के माध्यम से दी गई है।
यह स्वीकृति वित्त (आय-व्यय) अनुभाग-1 के कार्यालय-ज्ञाप दिनांक 28 मार्च 2026 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार तथा उसी कार्यालय-ज्ञाप में विभाग को प्रत्यायोजित (delegate किए गए) अधिकार के अंतर्गत जारी की गई है। आदेश यह भी स्पष्ट करता है कि यह स्वीकृति निदेशक होम्योपैथी के 01 अप्रैल 2026 के पत्र के अनुरोध पर दी जा रही है।
स्वीकृत धनराशि को पाँच अलग-अलग लेखाशीर्षकों (accounting heads) में बांटा गया है, जो अलग-अलग इकाइयों से जुड़े हैं:-
क्रम | लेखाशीर्ष | संबंधित इकाई | स्वीकृत धनराशि |
|---|---|---|---|
1 | 2210021020301 | होम्योपैथी निदेशालय | 12,84,33,000 |
2 | 2210021020401 | होम्योपैथिक चिकित्सालय | 75,52,12,000 |
3 | 2210021020506 | होम्योपैथिक चिकित्सा बोर्ड को अनुदान | 1,00,000 |
4 | 2210041020301 | होम्योपैथिक चिकित्सालय | 4,97,30,32,000 |
5 | 2210051020301 | राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज और अस्पताल | 1,19,44,49,000 |
महायोग | 7,05,12,26,000 | ||
किसे लाभ मिलेगा?
आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार यह स्वीकृति सीधे तौर पर विभागीय इकाइयों के लिए है, न कि किसी व्यक्तिगत आवेदन पर आधारित योजना है। इसका लाभ इन्हें मिलेगा:-
• होम्योपैथी निदेशालय, उत्तर प्रदेश
• राज्यभर के होम्योपैथिक चिकित्सालय (अस्पताल)
• होम्योपैथिक चिकित्सा बोर्ड
• राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़ा अस्पताल
इन इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों को वेतन, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता जैसे मदों के लिए यह धनराशि उपयोग में लाई जाएगी, क्योंकि इन मदों को स्वीकृत लेखाशीर्षकों में शामिल किया गया है।
किसे लाभ नहीं मिलेगा?
आदेश में सामान्य जनता, पेंशनभोगी या किसी अन्य विभाग के लिए कोई प्रावधान नहीं है। साथ ही आदेश की शर्त संख्या 6 और 7 में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल उन्हीं कार्यों/मदों में होगा जिनके लिए यह स्वीकृत की गई है, और इसका उपयोग किसी नई योजना अथवा अन्य मद में नहीं किया जा सकेगा। यानी इस आदेश की धनराशि से कोई नई योजना शुरू नहीं की जा सकती। पुराने आदेश या पिछले वर्ष की तुलनात्मक जानकारी दस्तावेज में उपलब्ध नहीं है, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि इस बार किसे लाभ नहीं मिला जो पहले मिलता था।
क्या बदलाव हुआ?
उपलब्ध दस्तावेज में पिछले वित्तीय वर्ष के आदेश या तुलनात्मक धनराशि का कोई उल्लेख नहीं है। इसलिए पुरानी और नई व्यवस्था के बीच विश्वसनीय तुलना संबंधित आधिकारिक स्रोत में उपलब्ध नहीं है। यह आदेश वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट के अंतर्गत होम्योपैथी विभाग की स्वीकृति का एक भाग है, जो नियमित वार्षिक वित्तीय प्रक्रिया का हिस्सा प्रतीत होता है।
विभाग और कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा?
इस स्वीकृति के बाद होम्योपैथी विभाग की संबंधित इकाइयां अपने बजट में तय मदों के अनुसार धनराशि खर्च कर सकेंगी। इससे वेतन, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, चिकित्सा व्यय, औषधि व रसायन खरीद, कार्यालय व्यय जैसी नियमित गतिविधियां सुचारू रूप से चल सकेंगी। आदेश की शर्तों के अनुसार यह सुनिश्चित करना विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी कि धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत मदों में ही हो।
उदाहरण से समझिए
आदेश में दिए गए आंकड़ों के आधार पर एक सरल उदाहरण से समझा जा सकता है कि कुल स्वीकृत धनराशि किस तरह अलग-अलग इकाइयों में बंटी है:-
• कुल स्वीकृत धनराशि रु0 7,05,12,26,000 में से सबसे बड़ा हिस्सा (करीब 70 प्रतिशत के आसपास) लेखाशीर्ष 2210041020301 (होम्योपैथिक चिकित्सालय) को रु0 4,97,30,32,000 के रूप में मिला है।
• इसके बाद राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज और अस्पताल को रु0 1,19,44,49,000 स्वीकृत किए गए हैं।
• होम्योपैथिक चिकित्सा बोर्ड को सबसे कम, केवल रु0 1,00,000 (एक लाख रुपये) की सहायता अनुदान राशि दी गई है, जो सामान्य गैर-वेतन मद में है।
यह उदाहरण केवल दस्तावेज में दी गई राशियों को समझाने के लिए है, इससे किसी व्यक्तिगत भुगतान का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
महत्वपूर्ण शर्तें और सावधानियां
आदेश में धनराशि स्वीकृत करते समय निम्नलिखित 10 शर्तें/प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनका पालन आवश्यक है:-
1- वित्त (आय-व्यय) अनुभाग-1 के कार्यालय-ज्ञाप दिनांक 28 मार्च 2026 में दिए गए दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
2- अवमुक्त धनराशि का आहरण आवश्यकतानुसार तथा नियमानुसार ही किया जाएगा।
3- धनराशि बैंक/डाक खाते में कदापि नहीं रखी जाएगी।
4- यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यह स्वीकृति किसी अन्य योजना में शामिल तो नहीं है।
5- स्वीकृतियों की पुनरावृत्ति/द्विरावृत्ति (दोबारा उपयोग) नहीं होनी चाहिए।
6- स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल उन्हीं कार्यों/मदों पर होगा जिनके लिए स्वीकृति दी गई है; अन्यथा उपयोग वित्तीय अनियमितता मानी जाएगी और इसका दायित्व विभागाध्यक्ष का होगा।
7- धनराशि का व्यय केवल चालू मदों पर ही होगा, किसी नई योजना पर नहीं; व्यय से पहले जहां जरूरी हो, राज्य/केंद्र सरकार या सक्षम अधिकारी की स्वीकृति ली जाएगी।
8- आहरण विद्यमान व्यवस्था के अनुसार आवश्यकता के आधार पर समानुपातिक रूप से किया जाएगा; एक मद से दूसरे मद में धनराशि का व्यवर्तन (स्थानांतरण) वित्तीय अनियमितता मानी जाएगी।
9- स्वीकृत धनराशि आवश्यकतानुसार संबंधित अधीनस्थ अधिकारियों को तत्काल अवमुक्त की जाएगी और आवंटन आदेश की प्रति सभी संबंधित अधिकारियों/शासन को उपलब्ध करानी होगी।
10- अनुरक्षण मद में प्राविधानित धनराशि का व्यय शासन से अनुमति प्राप्त करने के बाद ही किया जाएगा; इसके प्रस्ताव शासन को तत्काल भेजने होंगे।
अब क्या करना होगा?
1- आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारियों को निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी होगी:-
2- स्वीकृत धनराशि को आवश्यकतानुसार संबंधित अधीनस्थ अधिकारियों तक अवमुक्त करना।
3- आवंटन आदेश की प्रति सभी संबंधित अधिकारियों और शासन को उपलब्ध कराना।
4- अनुरक्षण मद में व्यय से पहले शासन से अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजना।
5- नई योजनाओं या स्वीकृत मदों से इतर किसी भी व्यय से पहले सक्षम स्तर से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करना।
6- आदेश की प्रतिलिपि महालेखाकार (प्रयागराज), महानिदेशक आयुष, मुख्य कोषाधिकारी, समस्त कोषाधिकारी तथा मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी, होम्योपैथिक निदेशालय को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई है, इसलिए इन कार्यालयों को भी अपने स्तर से संबंधित कार्यवाही करनी होगी।
महत्वपूर्ण सवाल-जवाब (FAQ)
प्रश्न 1: यह आदेश किस विभाग से जुड़ा है?
उत्तर- यह आदेश उत्तर प्रदेश शासन के आयुष विभाग (आयुष अनुभाग-2) से जुड़ा है और होम्योपैथी निदेशालय को संबोधित है।
प्रश्न 2: कुल कितनी धनराशि स्वीकृत की गई है?
उत्तर- आदेश के अनुसार रु0 7,05,12,26,000/- (सात अरब पाँच करोड़ बारह लाख छब्बीस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
प्रश्न 3: क्या यह धनराशि किसी नई योजना के लिए है?
उत्तर- नहीं, आदेश की शर्त संख्या 7 के अनुसार यह धनराशि केवल चालू (मौजूदा) मदों पर खर्च की जाएगी, किसी नई योजना पर नहीं।
प्रश्न 4: क्या यह धनराशि सीधे बैंक खाते में रखी जा सकती है?
उत्तर- नहीं, शर्त संख्या 3 के अनुसार धनराशि को बैंक/डाक खाते में रखने की अनुमति नहीं है।
प्रश्न 5: यदि धनराशि का दुरुपयोग या गलत मद में व्यय होता है तो जिम्मेदारी किसकी होगी?
उत्तर- आदेश की शर्त संख्या 6 के अनुसार इसका पूर्ण दायित्व संबंधित विभागाध्यक्ष का होगा।
प्रश्न 6: सबसे अधिक धनराशि किस इकाई को स्वीकृत हुई है?
उत्तर- लेखाशीर्ष 2210041020301 (होम्योपैथिक चिकित्सालय) को सबसे अधिक रु0 4,97,30,32,000 स्वीकृत हुए हैं।
प्रश्न 7: क्या इस आदेश की प्रामाणिकता जांची जा सकती है?
उत्तर- हां, दस्तावेज में उल्लेख है कि यह शासनादेश इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किया गया है और इसकी प्रामाणिकता संबंधित वेबसाइट से सत्यापित की जा सकती है।
निष्कर्ष
संक्षेप में कहा जाए तो यह आदेश वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश के होम्योपैथी विभाग की विभिन्न इकाइयों — निदेशालय, चिकित्सालय, चिकित्सा बोर्ड और राजकीय मेडिकल कॉलेज — को कुल रु0 7,05,12,26,000 की वित्तीय स्वीकृति देता है, ताकि वेतन, भत्ते, चिकित्सा व्यय और अन्य नियमित मदों में खर्च किया जा सके। पाठकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह स्वीकृति सशर्त है — धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत मदों में ही किया जा सकता है, और किसी भी प्रकार की अनियमितता के लिए संबंधित विभागाध्यक्ष जिम्मेदार होंगे।
आधिकारिक स्रोत
यह जानकारी उत्तर प्रदेश शासन, आयुष अनुभाग-2 द्वारा जारी शासनादेश संख्या-24/2026/926/001-2038453, दिनांक 24 अप्रैल 2026 पर आधारित है, जिसमें वित्त (आय-व्यय) अनुभाग-1 के कार्यालय-ज्ञाप संख्या-4/2026/बी-1-812/दस-2026-231/2026, दिनांक 28 मार्च 2026 का संदर्भ दिया गया है। आदेश की प्रामाणिकता संबंधित शासकीय वेबसाइट https://shasnadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।