मुख्य बिंदु (Key Highlights)
शासनादेश संख्या: | 14/2026/525/उन्नीस-2-2026/001-1725128 |
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शासनादेश की तिथि | 14 सितंबर 2026 |
जारीकर्ता अधिकारी | संजय प्रसाद, अपर मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन |
स्वीकृत धनराशि | ₹42,00,000 (बयालीस लाख रुपये) |
वित्तीय वर्ष | 2026-27 |
लाभार्थी योजना | मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान। |
संबंधित मद | पत्रकार कल्याण कोष, सहायता अनुदान (गैर वेतन) |
जारीकर्ता विभाग | सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश शासन। |
आदेश की प्रकृति | इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी, हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं। |
परिचय
उत्तर प्रदेश शासन के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण शासनादेश हाल ही में जारी हुआ है, जिसका सीधा संबंध राज्य के मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों की चिकित्सा सुविधा से है। यह आदेश उत्तर प्रदेश शासन के वित्त विभाग की ओर से अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद के माध्यम से निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, लखनऊ को भेजा गया है।
इस शासनादेश का मुख्य उद्देश्य 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान' के अंतर्गत मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करना है। आम पाठकों, विशेष रूप से पत्रकारिता से जुड़े लोगों के लिए यह जानकारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार पत्रकार कल्याण कोष के माध्यम से इस वर्ष कितनी राशि और किन शर्तों के साथ जारी कर रही है।
शासनादेश का संक्षिप्त परिचय
यह शासनादेश संख्या-14/2026/525/उन्नीस-2-2026/001-1725128 है, जो 14 सितम्बर, 2026 को उत्तर प्रदेश शासन के सूचना अनुभाग-2 द्वारा जारी किया गया। इसे अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, लखनऊ को संबोधित करते हुए जारी किया है। यह आदेश निदेशक, सूचना द्वारा भेजे गए पत्र संख्या-1465/सू0एवंज0सं0वि0(प्रेस)-11/2022, दिनांक 24.08.2026 के संदर्भ में जारी हुआ है।
महत्वपूर्ण जानकारी
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अनुदान संख्या-86 के लेखा शीर्षक "2220-सूचना तथा प्रचार" के अंतर्गत मद संख्या-60-अन्य-800-अन्य व्यय-05-पत्रकार कल्याण कोष-20-सहायता अनुदान-सामान्य (गैर वेतन) में रु0 42.00 लाख (रुपये बयालीस लाख मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत की गई है। यह राशि निदेशक, सूचना के निवर्तन (यानी उनके प्रशासनिक नियंत्रण/उपयोग) पर रखी गई है, परंतु इसके साथ कुछ निर्धारित नियम व शर्तें/प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।
व्यय की दृष्टि से यह राशि रु0 42,00,000 चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 086, लेखा शीर्षक 2220608000500, पत्रकार कल्याण कोष, मानक मद 20, सहायता अनुदान-सामान्य (गैर वेतन) के नामे (यानी उसी खाते से) डाली जाएगी।
आदेश की मुख्य बातें
शासनादेश में धनराशि के उपयोग को लेकर सात प्रमुख नियम व शर्तें/प्रतिबंध निर्धारित किए गए हैं:-
• जवाबदेही का नियम: वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-5 भाग-1 के प्रस्तर-162 में दी गई व्यवस्था के अनुसार, जो सरकारी कर्मचारी/अधिकारी धन आहरित करेगा, समायोजन की जिम्मेदारी भी उसी की होगी। यदि कोई क्षति होती है, तो उसके लिए भी वही जिम्मेदार होगा।
• समायोजन की समय-सीमा: निदेशक, सूचना द्वारा पूर्व में दी गई समस्त अग्रिम धनराशि का समायोजन चालू वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से किया जाएगा। प्रगत धनराशि के समायोजन को महालेखाकार के पुस्तांकित आंकड़ों में भी सुनिश्चित कराते हुए इसकी जानकारी वित्त विभाग को दी जाएगी।
• व्यय की सीमा: धनराशि के व्यय में सुसंगत वित्तीय नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और इसका उपयोग केवल उसी प्रयोजन के लिए होगा, जिसके लिए इसका प्रावधान किया गया है।
• पूर्व शासनादेशों का पालन: वित्त (लेखा) अनुभाग-1 के कार्यालय-ज्ञाप दिनांक 15 नवंबर, 2017 के प्रस्तर-2 में उल्लिखित शासनादेश दिनांक 25.10.1983 तथा अन्य संदर्भित शासनादेशों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
• प्रोक्योरमेंट मैनुअल का पालन: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग-2 द्वारा नवनिर्मित प्रोक्योरमेंट मैनुअल, 2016 के अध्याय-11 के प्रस्तर-11.17 की व्यवस्था का ध्यान रखा जाएगा।
• बैंक खाते में राशि न रखने की शर्त: निदेशक, सूचना द्वारा प्रस्तावित धनराशि को आहरित कर किसी बैंक खाते में नहीं रखा जाएगा। अवमुक्त धनराशि का आहरण एवं व्यय आवश्यकतानुसार तथा नियमानुसार ही किया जाएगा।
• दोहरे लाभ से बचाव: निदेशक, सूचना यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जिस कार्य के लिए यह धनराशि दी जा रही है, वह किसी अन्य कार्य-योजना में शामिल न हो और इसके लिए पूर्व में किसी अन्य योजना या स्रोत से धनराशि स्वीकृत न की गई हो।
किन लोगों/संस्थाओं पर प्रभाव पड़ेगा
इस शासनादेश का सीधा प्रभाव उत्तर प्रदेश के मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों पर पड़ता है, क्योंकि यह राशि 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान' के अंतर्गत उनकी चिकित्सा सुविधा के लिए स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, इस आदेश के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश और इसके निदेशक पर रहेगी।
क्या बदलाव किया गया है
निदेशक, सूचना द्वारा भेजे गए पत्र (दिनांक 24.08.2026) के अनुरोध पर, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पत्रकार कल्याण कोष से 42 लाख रुपये की नई वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके साथ धनराशि के उपयोग, समायोजन और जवाबदेही से संबंधित स्पष्ट शर्तें भी संलग्न की गई हैं।
लागू होने की तारीख
यह शासनादेश 14 सितम्बर, 2026 को जारी किया गया है और यह चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रभावी है। इसके साथ ही, समस्त अग्रिम धनराशि के समायोजन की समय-सीमा 31 मार्च निर्धारित की गई है।
विभाग द्वारा दिए गए निर्देश
निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित नियमों व शर्तों के अनुसार ही करें, समायोजन की प्रक्रिया समय पर पूर्ण करें, धनराशि को बैंक खाते में न रखें, और यह सुनिश्चित करें कि यह कार्य किसी अन्य योजना से दोहराया न जा रहा हो।
आवश्यक कार्यवाही
निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को उपरोक्त सभी सात शर्तों का पालन सुनिश्चित करना होगा, विशेष रूप से 31 मार्च तक अग्रिम धनराशि के समायोजन और महालेखाकार के अभिलेखों में उसकी पुष्टि से संबंधित कार्यवाही।
किन्हें होगा फायदा (Beneficiaries)
इस शासनादेश से मुख्य रूप से निम्नलिखित वर्ग लाभान्वित होंगे:-
• उत्तर प्रदेश के मान्यता प्राप्त पत्रकार: राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।
• पत्रकारों के आश्रित परिवारजन: पत्रकारों पर आश्रित परिवार के सदस्य भी इस चिकित्सा योजना के दायरे में आएंगे।
• सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग: विभाग को कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक बजट उपलब्ध होगा।
आम जनता या अन्य सरकारी कर्मचारियों पर इस आदेश का सीधा प्रभाव नहीं पड़ता, क्योंकि यह विशेष रूप से मान्यता प्राप्त पत्रकार वर्ग के कल्याण से जुड़ा हुआ है।
महत्वपूर्ण बिंदु
• वित्तीय स्वीकृति की राशि: रु0 42.00 लाख (बयालीस लाख रुपये)
• योजना: मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान (चिकित्सा सुविधा)
• लाभार्थी: उ0प्र0 के मान्यता प्राप्त पत्रकार एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्य
• वित्तीय वर्ष: 2026-27
• लेखा शीर्षक: 2220608000500 (पत्रकार कल्याण कोष)
• समायोजन की समय-सीमा: 31 मार्च 2026
पाठकों के लिए इसका क्या मतलब है
जो पत्रकार उत्तर प्रदेश शासन से मान्यता प्राप्त हैं, उनके और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए यह शासनादेश चिकित्सा सुविधा से जुड़ी वित्तीय व्यवस्था को दर्शाता है। यह दिखाता है कि सरकार पत्रकार कल्याण कोष के माध्यम से इस वित्तीय वर्ष में चिकित्सा सहायता हेतु धनराशि उपलब्ध करा रही है, जिसका क्रियान्वयन सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा निर्धारित शर्तों के तहत किया जाएगा।
FAQ
प्रश्न 1: यह शासनादेश किस विषय से संबंधित है?
उत्तर: यह शासनादेश उ0प्र0 के मान्यता प्राप्त पत्रकारों एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान' के अंतर्गत चिकित्सा सुविधा हेतु वित्तीय स्वीकृति से संबंधित है।
प्रश्न 2: इस योजना के लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई है?
उत्तर: रु0 42.00 लाख (बयालीस लाख रुपये) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत की गई है।
प्रश्न 3: यह शासनादेश किस विभाग ने जारी किया है?
उत्तर: यह उत्तर प्रदेश शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद द्वारा निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, लखनऊ को जारी किया गया है।
प्रश्न 4: धनराशि के समायोजन की समय-सीमा क्या है?
उत्तर: पूर्व में दी गई समस्त अग्रिम धनराशि का समायोजन चालू वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक करना अनिवार्य है।
प्रश्न 5: क्या स्वीकृत धनराशि को बैंक खाते में रखा जा सकता है?
उत्तर: नहीं, शासनादेश के अनुसार निदेशक, सूचना द्वारा प्रस्तावित धनराशि को आहरित कर किसी बैंक खाते में नहीं रखा जाएगा।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी यह शासनादेश राज्य के मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों की चिकित्सा सुविधा के लिए महत्वपूर्ण कदम है। 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान' के अंतर्गत पत्रकार कल्याण कोष से 42 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति के साथ-साथ सरकार ने धनराशि के सही और जवाबदेह उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु स्पष्ट नियम व शर्तें भी निर्धारित की हैं। यह आदेश सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को इन शर्तों के पालन के साथ धनराशि के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपता है।
नोट
यह शासनादेश इलेक्ट्रॉनिकली जारी किया गया है, अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। इसकी प्रामाणिकता वेबसाइट https://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।