शासनादेश की महत्वपूर्ण जानकारी
विभाग | परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन। |
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शासनादेश संख्या | 1/1446164/2026/352/तीस-2-2026 |
शासनादेश दिनांक | 27 अगस्त 2026 |
विषय | प्रदेश की 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को रोडवेज की साधारण बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा। |
जारीकर्ता | के.पी. सिंह, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। |
प्राप्तकर्ता | प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम। |
योजना का नाम | लोकमाता अहिल्या बाई मातृ शक्ति यात्रा योजना। |
सुविधा प्रभावी होने की तिथि | 28 अगस्त 2026 |
शासनादेश में क्या निर्णय लिया गया?
राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश की 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में यात्रा के लिए किसी भी प्रकार का किराया नहीं देना होगा। इस संबंध में राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद यह सुविधा 28 अगस्त 2026 से लागू की जा रही है। स्पष्ट किया गया है कि यह छूट केवल निगम की "साधारण बसों" पर ही लागू होगी।
किसे मिलेगा इस योजना का लाभ?
यह सुविधा हर महिला यात्री को स्वतः नहीं मिलेगी, बल्कि इसके लिए दो शर्तें तय की गई हैं:-
• महिला की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
• महिला उत्तर प्रदेश राज्य की निवासी होनी चाहिए।
• यानी अगर कोई महिला दूसरे राज्य की निवासी है, तो वह इस योजना के तहत निःशुल्क यात्रा की पात्र नहीं होगी, भले ही उसकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो।
पहचान और टिकट व्यवस्था कैसे होगी?
शासनादेश में यात्रा के दौरान पहचान सत्यापन और टिकट जारी करने की प्रक्रिया भी स्पष्ट की गई है:-
• महिला यात्री को निःशुल्क यात्रा का लाभ आधार कार्ड या मतदाता पहचान-पत्र दिखाकर ही मिलेगा।
• बस कंडक्टर ई.टी.आई.एम. (इलेक्ट्रॉनिक टिकट इशूइंग मशीन) से आधार कार्ड या मतदाता पहचान-पत्र के आधार पर 'शून्य' मूल्य का टिकट जारी करेगा।
• इस टिकट पर बस का नंबर तथा यात्रा के प्रारंभ और गंतव्य स्थान का पूरा विवरण दर्ज होगा, ताकि यात्रा का रिकॉर्ड बना रहे।
रोडवेज को होने वाले नुकसान की भरपाई कैसे होगी?
चूंकि महिलाओं से किराया नहीं लिया जाएगा, इसलिए निगम को होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई के लिए भी व्यवस्था तय की गई है। परिवहन निगम हर महीने हुई वास्तविक निःशुल्क यात्राओं, देय प्रतिपूर्ति राशि तथा वास्तविक व्यय का सत्यापित विवरण तैयार कर परिवहन विभाग को भेजेगा। इस सत्यापित विवरण के आधार पर राज्य सरकार सीधे उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को प्रतिपूर्ति (compensation) की धनराशि उपलब्ध कराएगी। इस तरह निगम को किसी प्रकार का घाटा नहीं उठाना पड़ेगा।
स्मार्ट कार्ड को लेकर आगे क्या होगा?
शासनादेश में यह भी बताया गया है कि लाभार्थी महिलाओं को स्मार्ट कार्ड जारी करने से जुड़े विस्तृत निर्देश आवश्यकतानुसार अलग से जारी किए जाएंगे। यानी फिलहाल आधार कार्ड/मतदाता पहचान-पत्र के आधार पर ही यात्रा सुविधा शुरू की जा रही है, और भविष्य में स्मार्ट कार्ड व्यवस्था को लेकर अलग से दिशा-निर्देश आ सकते हैं।
कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए इसका क्या मतलब है?
परिवहन निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि 28 अगस्त 2026 से यह सुविधा सुचारू रूप से लागू करने के लिए तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इस आदेश की प्रति निजी सचिव (अपर मुख्य सचिव, परिवहन विभाग), परिवहन आयुक्त तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक को भी सूचनार्थ भेजी गई है, ताकि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार भी हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: यह निःशुल्क यात्रा सुविधा किस योजना के तहत दी जा रही है?
उत्तर: यह सुविधा "लोकमाता अहिल्या बाई मातृ शक्ति यात्रा" योजना के अंतर्गत दी जा रही है।
प्रश्न 2: यह सुविधा कब से लागू हो रही है?
उत्तर: यह सुविधा 28 अगस्त 2026 से लागू की गई है।
प्रश्न 3: कौन सी महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं?
उत्तर: वे महिलाएं जिनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है और जो उत्तर प्रदेश राज्य की निवासी हैं, इस योजना की पात्र होंगी।
प्रश्न 4: यात्रा के दौरान पहचान के लिए क्या दस्तावेज़ दिखाना होगा?
उत्तर: महिला यात्री को आधार कार्ड या मतदाता पहचान-पत्र दिखाना होगा, जिसके आधार पर ई.टी.आई.एम. से 'शून्य' मूल्य का टिकट जारी किया जाएगा।
प्रश्न 5: क्या यह सुविधा सभी प्रकार की रोडवेज बसों में मिलेगी?
उत्तर: नहीं, यह सुविधा केवल उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की "साधारण बसों" में ही लागू होगी।
प्रश्न 6: क्या रोडवेज निगम को इससे नुकसान होगा?
उत्तर: नहीं, निगम द्वारा हर माह निःशुल्क यात्राओं का सत्यापित विवरण परिवहन विभाग को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर राज्य सरकार सीधे निगम को प्रतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराएगी।
मूल शासनादेश/Official Document
यह लेख परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 27 अगस्त 2026 को जारी शासनादेश संख्या 1/1446164/2026/352/तीस-2-2026 पर आधारित है, जो विशेष सचिव के.पी. सिंह द्वारा प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को सम्बोधित किया गया है।
निष्कर्ष
"लोकमाता अहिल्या बाई मातृ शक्ति यात्रा" योजना उत्तर प्रदेश की वरिष्ठ महिला नागरिकों के लिए एक राहत भरा कदम है। इससे 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं बिना किराए की चिंता किए रोडवेज की साधारण बसों में यात्रा कर सकेंगी, बशर्ते वे उत्तर प्रदेश की निवासी हों और अपने साथ आधार कार्ड या मतदाता पहचान-पत्र रखें। योजना 28 अगस्त 2026 से प्रभावी हो चुकी है, और आने वाले समय में स्मार्ट कार्ड को लेकर अलग दिशा-निर्देश भी जारी होने की संभावना है।
Disclaimer
यह लेख उपरोक्त शासनादेश में उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। योजना से जुड़े नवीनतम अपडेट, स्मार्ट कार्ड सम्बन्धी दिशा-निर्देश या किसी भी बदलाव के लिए संबंधित विभाग या उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।