उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजन के लिए 4% आरक्षण के पदों का पुनर्चिन्हांकन, जानिए नया शासनादेश
उत्तर प्रदेश शासनादेश #उत्तर प्रदेश शासनादेश 2025 #दिव्यांगजन आरक्षण #4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण #दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 #पदों का पुनर्चिन्हांकन #UP Government Order #UP Reservation News #सरकारी नौकरी अपडेट #दिव्यांग भर्ती नियम #Shasnadesh 2025

उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजन के लिए 4% आरक्षण के पदों का पुनर्चिन्हांकन, जानिए नया शासनादेश

लखनऊ। 25 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश सरकार समय-समय पर सरकारी सेवाओं में दिव्यांगजन को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्णय लेती रहती है। इसी क्रम में 25 जुलाई 2025 को एक महत्वपूर्ण शासनादेश जारी किया गया है। इस आदेश का उद्देश्य विभिन्न विभागों में ऐसे पदों का पुनर्चिन्हांकन करना है, जिन पर दिव्यांगजन को 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जा सके।

📅 25 जुलाई 2026 ·👁 108 views

शासनादेश का उद्देश्य

सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिव्यांगजन को सरकारी नौकरियों में उचित अवसर मिल सके। समय के साथ कई विभागों में नए पद बने हैं और कई पदों की कार्यप्रणाली भी बदली है। इसलिए यह आवश्यक हो गया था कि यह तय किया जाए कि कौन-कौन से पद विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता वाले अभ्यर्थियों के लिए उपयुक्त हैं। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह पुनर्चिन्हांकन किया गया है।


किस कानून के आधार पर आदेश जारी हुआ

यह शासनादेश मुख्य रूप से दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुसार जारी किया गया है।

इस अधिनियम के तहत सरकारी सेवाओं में दिव्यांगजन के लिए 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए समय-समय पर पदों का पुनर्चिन्हांकन किया जाता है।


किन-किन दिव्यांगता श्रेणियों को लाभ मिलेगा

शासनादेश में दिव्यांगता की विभिन्न श्रेणियों को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—

• दृष्टिबाधित एवं कम दृष्टि वाले व्यक्ति

• श्रवण बाधित व्यक्ति

• चलने-फिरने में असमर्थ या शारीरिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति

• बौद्धिक एवं मानसिक दिव्यांगता

• ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी तथा अन्य बहु-दिव्यांगता वाले व्यक्ति

इन सभी श्रेणियों के अनुसार अलग-अलग पदों को उपयुक्त माना गया है।


किन विभागों में संशोधन किया गया

शासनादेश में कई विभागों के पदों का पुनर्चिन्हांकन किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—

• दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग

• राज्यपाल सचिवालय

• कृषि विभाग

इन विभागों के विभिन्न पदों के लिए यह निर्धारित किया गया है कि किस प्रकार की दिव्यांगता वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।


किन पदों का उल्लेख किया गया है

शासनादेश में कई पदों का उल्लेख किया गया है। उदाहरण के रूप में—

• सचिव पर्सनल

• सहायक लाइब्रेरियन

• पुस्तकालयाध्यक्ष

• कंप्यूटर प्रशिक्षक

• छात्रावास अधीक्षक

• सांकेतिक भाषा इंटरप्रेटर

• व्यवसायिक प्रशिक्षक

• समूह 'घ' के विभिन्न पद

• वरिष्ठ प्राविधिक सहायक के विभिन्न पद

प्रत्येक पद के सामने यह स्पष्ट किया गया है कि कौन-सी दिव्यांगता श्रेणी उस पद के लिए उपयुक्त होगी।


पहले जारी आदेशों में क्या बदलाव हुआ

सरकार ने इससे पहले भी वर्ष 2021, 2022, 2024 और 2025 में संबंधित शासनादेश जारी किए थे।

नवीन आदेश के माध्यम से उन्हीं आदेशों में आवश्यक संशोधन एवं अद्यतन जानकारी शामिल की गई है ताकि सभी विभागों में एक समान व्यवस्था लागू हो सके।


विभागों को क्या निर्देश दिए गए

सरकार ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि—

• पुनर्चिन्हांकित पदों की सूची का पालन करें।

• भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित आरक्षण का सही तरीके से अनुपालन करें।

• दिव्यांग अभ्यर्थियों को नियमानुसार अवसर उपलब्ध कराएं।

• आवश्यक होने पर विभागीय अभिलेखों में संशोधन करें।

• सामान्य अभ्यर्थियों के लिए इसका क्या महत्व है

• यदि कोई अभ्यर्थी दिव्यांग श्रेणी में आवेदन करना चाहता है तो उसके लिए यह शासनादेश बहुत उपयोगी है।


इससे अभ्यर्थी यह जान सकते हैं कि—

• कौन-सा पद उनकी दिव्यांगता श्रेणी के लिए उपयुक्त है।

• किस विभाग में आवेदन किया जा सकता है।

• भर्ती के समय किस प्रकार का आरक्षण उपलब्ध रहेगा।

• कर्मचारियों और विभागों पर प्रभाव

यह शासनादेश केवल नई भर्ती तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव विभागीय कार्यप्रणाली पर भी पड़ेगा क्योंकि अब सभी विभागों को संशोधित सूची के अनुसार पदों का वर्गीकरण करना होगा। इससे भविष्य में भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नियमसम्मत होगी।


शासनादेश की प्रमुख बातें एक नजर में

• शासनादेश जारी होने की तिथि– 25 जुलाई 2025

,• विषय– दिव्यांगजन के लिए 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण हेतु पदों का पुनर्चिन्हांकन

• लागू क्षेत्र– उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभाग

• आधार– दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016

• उद्देश्य– दिव्यांग अभ्यर्थियों को उपयुक्त पदों पर आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करना


निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश सरकार का यह शासनादेश दिव्यांगजन को सरकारी सेवाओं में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विभिन्न विभागों के पदों का पुनर्चिन्हांकन होने से भर्ती प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और पारदर्शी बनेगी। इससे अभ्यर्थियों को यह समझने में भी सुविधा होगी कि उनकी दिव्यांगता श्रेणी के अनुसार कौन-कौन से पद उपलब्ध हैं।


FAQ (Frequently Asked Questions)

Q1. यह शासनादेश कब जारी किया गया है?

उत्तर: यह शासनादेश 25 जुलाई 2025 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया गया है।

Q2. यह शासनादेश किस विषय से संबंधित है?

उत्तर: यह शासनादेश दिव्यांगजन के लिए 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण हेतु विभिन्न विभागों के पदों के पुनर्चिन्हांकन से संबंधित है।

Q3. यह आदेश किस कानून के आधार पर जारी किया गया है?

उत्तर: यह आदेश दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के आधार पर जारी किया गया है।

Q4. इस शासनादेश का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: विभिन्न विभागों में ऐसे पदों की पहचान करना जिन पर दिव्यांगजन को नियमानुसार आरक्षण का लाभ दिया जा सके।

Q5. किन विभागों के पदों का पुनर्चिन्हांकन किया गया है?

उत्तर: शासनादेश में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, कृषि विभाग, राज्यपाल सचिवालय सहित कई विभागों के पदों का पुनर्चिन्हांकन किया गया है।

Q6. क्या यह शासनादेश सभी सरकारी भर्तियों पर लागू होगा?

उत्तर: यह शासनादेश उन पदों पर लागू होगा जिनका पुनर्चिन्हांकन शासनादेश में किया गया है तथा संबंधित भर्ती नियमों के अनुसार लागू किया जाएगा।

Q7. क्या पुराने शासनादेश भी प्रभावी रहेंगे?

उत्तर: पहले जारी शासनादेशों में जहां तक संशोधन किया गया है, वहां इस नए शासनादेश के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

Q8. शासनादेश की आधिकारिक प्रति कहाँ से प्राप्त की जा सकती है?

उत्तर: शासनादेश की आधिकारिक प्रति उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश पोर्टल से डाउनलोड की जा सकती है।

Q9. क्या इस लेख में दी गई जानकारी आधिकारिक है?

उत्तर: यह लेख मूल शासनादेश के आधार पर तैयार किया गया सरल सार है। अंतिम एवं मान्य जानकारी के लिए हमेशा मूल शासनादेश का संदर्भ लें।

Q10. दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए यह शासनादेश क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: इससे यह स्पष्ट होता है कि किन पदों पर विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता वाले अभ्यर्थी आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकते हैं तथा भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनती है।


अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी शासनादेश दिनांक 25 जुलाई 2025 के आधार पर सरल एवं सामान्य भाषा में प्रस्तुत की गई है। पाठकों की सुविधा के लिए शासनादेश का सार समझाया गया है। किसी भी प्रशासनिक, कानूनी अथवा विभागीय कार्यवाही से पूर्व संबंधित शासनादेश की मूल प्रति अवश्य देखें। यदि शासनादेश में भविष्य में कोई संशोधन या नया आदेश जारी होता है, तो वही मान्य होगा। इस लेख का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है।


यदि आप उत्तर प्रदेश सरकार के नवीनतम शासनादेश, भर्ती संबंधी आदेश, शिक्षा, कार्मिक एवं वित्त विभाग के अपडेट सरल हिंदी में पढ़ना चाहते हैं, तो shasnadeshupdates.com पर नियमित रूप से विजिट करते रहें।


Official source- https://shasnadesh.up.gov.in

📄

Documents (शासनादेश पीडीएफ)

SU

Shasnadesh Updates Editorial Team

सत्यापित शासनादेश एवं आधिकारिक सूचना पोर्टल · Verified Information

Editorial Policy & Fact-Checking →