संक्षिप्त में समझें पूरा प्रकरण
राज्य सरकार का मानना है कि बिजली आपूर्ति आम जनता से जुड़ी एक आवश्यक सेवा है। ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की हड़ताल से प्रदेश में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे आम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि बिजली क्षेत्र में कार्यरत संस्थानों में अगले छह महीने तक कोई हड़ताल नहीं की जा सकेगी।
किन संस्थाओं पर लागू होगा आदेश?
यह प्रतिबंध निम्नलिखित संस्थाओं पर लागू होगा—
• उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL), लखनऊ
• उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL), लखनऊ
• उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPTCL), लखनऊ
• कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (KESCO), कानपुर
• मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL), लखनऊ
• पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL), वाराणसी
• पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL), मेरठ
• दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL), आगरा
• UP Renewable & EV Infrastructure Ltd., लखनऊ
आदेश कब से प्रभावी होगा?
अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से यह आदेश 6 माह की अवधि तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान संबंधित संस्थानों के कर्मचारी एवं अधिकारी हड़ताल नहीं कर सकेंगे।
सरकार का उद्देश्य क्या है?
सरकार का कहना है कि प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। गर्मी, औद्योगिक गतिविधियों तथा दैनिक जीवन में बिजली की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि किसी प्रकार की सेवा बाधित न हो।
महत्वपूर्ण बिंदु
✅ बिजली क्षेत्र की 9 प्रमुख संस्थाओं में हड़ताल पर रोक।
✅ प्रतिबंध की अवधि 6 माह निर्धारित।
✅ आदेश ESMA, 1966 के तहत जारी।
✅ जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास।
✅ अधिसूचना दिनांक 27 मई 2026 को जारी।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य राज्य में बिजली सेवाओं को प्रभावित होने से बचाना और उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। आगामी छह माह तक बिजली विभाग से जुड़ी निर्धारित संस्थाओं में हड़ताल पर रोक लागू रहेगी।