शुरुआत में जानिए यह आदेश क्या है
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार की ओर से 06 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया गया है। यह पत्र पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम तथा केस्को-कानपुर के प्रबंध निदेशकों को भेजा गया है, और इसका विषय है — आरडीएसएस (RDSS) योजना के अंतर्गत लगे स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित करना।
यह पत्र उन लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए सीधे तौर पर महत्वपूर्ण है जिनके यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हुए हैं और जो अभी तक प्रीपेड मोड में रिचार्ज करके बिजली का उपयोग कर रहे थे। अब इन मीटरों को पोस्टपेड मोड में बदला जा रहा है, यानी उपभोक्ताओं को पहले जैसे रिचार्ज कराने के बजाय अब मासिक बिल मिलेगा।
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि यह बदलाव कब से लागू होगा, बिल कैसे मिलेगा, बकाया राशि का भुगतान कैसे होगा और शिकायत की स्थिति में क्या करना होगा — यह सब पूरी तरह UPPCL के इसी आधिकारिक पत्र पर आधारित है।
एक नजर में महत्वपूर्ण जानकारी
बिंदु | विवरण |
|---|---|
विषय | आरडीएसएस योजना के अंतर्गत स्थापित स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित करना |
जारीकर्ता | नितीश कुमार, प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) |
पत्र संख्या | 297/2/नो0स्मा0मी0प्रो0/पाकालि0/2026 |
पत्र की तारीख | 06 मई 2026 |
प्रेषित | प्रबंध निदेशक, पूर्वांचल/मध्यांचल/दक्षिणांचल/पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड तथा केस्को-कानपुर |
संबंधित उपभोक्ता | आरडीएसएस योजना के अंतर्गत लगे सभी प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ता |
मुख्य बदलाव | प्रीपेड स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड मोड में परिवर्तित होंगे; रिचार्ज की जगह मासिक बिल मिलेगा |
पहला पोस्टपेड बिल | मई-2026 की खपत का बिल, जून-2026 में जारी होगा |
इस पत्र में क्या कहा गया है?
पत्र के अनुसार आरडीएसएस योजना के अंतर्गत सभी विधाओं (कैटेगरी) के सभी संयोजनों पर स्थापित समस्त स्मार्ट मीटर, जो वर्तमान में प्रीपेड मोड में चल रहे हैं, उन्हें तत्काल पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जा रहा है। यह परिवर्तन उपभोक्ता के स्तर पर कोई कार्रवाई किए बिना, RMS (Retail Metering System) बैकएंड से UPPCL मुख्यालय स्तर पर ही किया जाएगा।
इसका सीधा मतलब यह है कि उपभोक्ताओं को अब बिजली इस्तेमाल करने से पहले रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके बजाय हर महीने पहले की तरह सामान्य पोस्टपेड बिजली बिल आएगा, जैसा स्मार्ट मीटर लगने से पहले हुआ करता था।
किसे लाभ मिलेगा?
पत्र के अनुसार यह बदलाव इन उपभोक्ताओं पर लागू होगा:-
• आरडीएसएस योजना के अंतर्गत लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ता, जो अभी प्रीपेड मोड में हैं।
•घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को विशेष राहत दी गई है — उन्हें 30 अप्रैल 2026 तक के बकाये (विलंब अधिभार सहित) को 10 किस्तों में चुकाने की सुविधा मिलेगी।
• अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को भी 30 अप्रैल 2026 तक के बकाये को 3 किस्तों (40%, 30%, 30%) में चुकाने की सुविधा मिलेगी।
• सभी नए बिजली संयोजन भी अब स्मार्ट मीटर के माध्यम से सीधे पोस्टपेड मोड में ही जारी किए जाएंगे।
किसे लाभ नहीं मिलेगा या क्या सीमाएं हैं?
पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर RMS सिस्टम में दर्ज नहीं है, त्रुटिपूर्ण है, या उनके वास्तविक नंबर से मेल नहीं खाता, उन्हें SMS या WhatsApp के माध्यम से बिल स्वतः प्राप्त नहीं होगा। ऐसे उपभोक्ताओं को स्वयं आगे बढ़कर संबंधित डिस्कॉम के WhatsApp Chatbot नंबर पर अपनी संयोजन संख्या (कनेक्शन नंबर) भेजकर बिल प्राप्त करना होगा।
इसके अलावा, यह बदलाव केवल आरडीएसएस योजना के अंतर्गत लगे स्मार्ट प्रीपेड मीटरों पर लागू है; पत्र में अन्य प्रकार के मीटरों का उल्लेख नहीं है।
पहले क्या व्यवस्था थी और अब क्या होगा?
पहले (प्रीपेड मोड) | अब (पोस्टपेड मोड) |
|---|---|
उपभोक्ता को पहले रिचार्ज कराना पड़ता था | उपभोक्ता को अब मासिक बिल मिलेगा, भुगतान बाद में करना होगा |
बिजली खपत का हिसाब पहले से जमा राशि से कटता था | खपत के अनुसार महीने के अंत में बिल जनरेट होगा |
सिक्युरिटी राशि पहले प्रीपेड में बदलते समय बिल में समायोजित कर दी गई थी | अब पोस्टपेड में वापसी पर यह राशि दोबारा, 4 किस्तों में बिल में जोड़ी जाएगी |
यह तुलना पूरी तरह पत्र में दी गई जानकारी पर आधारित है। पत्र के अनुसार मई-2026 माह की ऊर्जा खपत का पहला पोस्टपेड बिल जून-2026 में जारी किया जाएगा।
उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा?
इस बदलाव के बाद उपभोक्ताओं के बिजली उपयोग के तरीके में मुख्य अंतर यह आएगा कि उन्हें अब पहले जैसे रिचार्ज पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, लेकिन साथ ही उन्हें बिल का भुगतान समय पर करना होगा, अन्यथा विलंब अधिभार (लेट पेमेंट सरचार्ज) लगेगा और तय समय के बाद कनेक्शन काटे जाने (Disconnection) का भी प्रावधान है।
पत्र के अनुसार बिल जारी करने की तारीख से 15 दिन का Due Date और उसके बाद 7 दिन का Disconnection Date दिया जाएगा, जो बिल पर स्पष्ट रूप से अंकित रहेगा। यानी बिल आने के बाद कुल 22 दिन के भीतर भुगतान न करने पर कनेक्शन काटे जाने का जोखिम रहेगा।
उदाहरण से समझिए
पत्र में दी गई किस्त व्यवस्था को एक उदाहरण से समझते हैं (यह केवल पत्र में दिए गए प्रतिशत को समझाने के लिए है, वास्तविक राशि उपभोक्ता के बकाये पर निर्भर करेगी):-
• घरेलू श्रेणी का उदाहरण: यदि किसी घरेलू उपभोक्ता का 30 अप्रैल 2026 तक बकाया (विलंब अधिभार सहित) कुल 5,000 रुपये है, तो पत्र के अनुसार यह राशि 10 बराबर किस्तों में वसूली जाएगी।
• अन्य श्रेणी का उदाहरण: यदि किसी वाणिज्यिक (गैर-घरेलू) उपभोक्ता का बकाया 10,000 रुपये है, तो पत्र के अनुसार यह राशि 3 किस्तों में इस प्रकार वसूली जाएगी — पहली किस्त 40% यानी 4,000 रुपये, दूसरी किस्त 30% यानी 3,000 रुपये, तीसरी किस्त 30% यानी 3,000 रुपये।
इसी तरह, जमा सिक्युरिटी राशि की वापसी वाली प्रक्रिया के अनुसार, 'कॉस्ट डाटा बुक-2026' में उपभोक्ता की विधा और स्वीकृत भार (लोड) के अनुसार जो सिक्युरिटी राशि निर्धारित होगी, वह 4 बराबर किस्तों में जून-2026 (जुलाई-2026 में सृजित बिल) और उसके बाद के 3 मासिक बिलों में जोड़ी जाएगी। यह कार्य RMS सिस्टम द्वारा स्वतः किया जाएगा, उपभोक्ता को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं है।
महत्वपूर्ण शर्तें और सावधानियां
• बिल हर महीने की 10 तारीख तक बनाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। यदि किसी उपभोक्ता के स्मार्ट मीटर की ऑटोमैटिक रीडिंग महीने की 5 तारीख तक नहीं आती, तो AMISPs के माध्यम से मैनुअल रीडिंग कराकर 10 तारीख तक बिल दिया जाएगा।
• यदि RMS में मोबाइल नंबर दर्ज नहीं है या गलत है, तो SMS/WhatsApp से बिल नहीं मिलेगा — ऐसे उपभोक्ताओं को खुद संबंधित डिस्कॉम के WhatsApp Chatbot पर संयोजन संख्या भेजनी होगी।
• बिल 1912 पर IVRS के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है।
• Due Date तक भुगतान न करने पर उत्तर प्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2005 एवं प्रचलित टैरिफ ऑर्डर के अनुसार विलंब अधिभार लगाया जाएगा।
• उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि विलंब अधिभार से बचने के लिए बकाये का एकमुश्त भुगतान करें।
संबंधित डिस्कॉम के WhatsApp Chatbot नंबर
पत्र में दिए गए अनुसार, जिन उपभोक्ताओं को समय पर बिल नहीं मिलता, वे अपनी संयोजन संख्या भेजकर इन नंबरों से बिल प्राप्त कर सकते हैं:
डिस्कॉम | WhatsApp Chatbot नंबर |
|---|---|
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड | +91 801-096-8292 |
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड | +91 766-900-3409 |
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड | +91 785-980-4803 |
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड | +91 801-095-7826 |
कानपुर विद्युत आपूर्ति कम्पनी लिमिटेड (केस्को) | +91 828-783-5233 |
इसके अलावा बिल 1912 हेल्पलाइन नंबर पर IVRS के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है।
अब क्या करना होगा?
1- उपभोक्ता को कोई आवेदन नहीं करना है — प्रीपेड से पोस्टपेड में परिवर्तन UPPCL मुख्यालय स्तर से स्वतः किया जा रहा है।
2- जून-2026 में जारी होने वाले पहले पोस्टपेड बिल का ध्यानपूर्वक अवलोकन करें, जिसमें मई-2026 की खपत शामिल होगी।
3- यदि बिल SMS/WhatsApp पर नहीं मिलता, तो अपने संबंधित डिस्कॉम के WhatsApp Chatbot नंबर पर संयोजन संख्या भेजकर बिल प्राप्त करें, या 1912 पर संपर्क करें।
4- बिल पर अंकित Due Date से पहले भुगतान करें ताकि विलंब अधिभार और डिस्कनेक्शन से बचा जा सके।
5- यदि 30 अप्रैल 2026 तक बकाया है, तो घरेलू उपभोक्ता 10 किस्तों में और अन्य श्रेणी के उपभोक्ता 3 किस्तों (40%, 30%, 30%) में भुगतान की सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
6- यदि स्मार्ट मीटर बिल को लेकर कोई शिकायत है, तो 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता एवं उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर लगाए जा रहे विशेष काउंटर/कैंप में संपर्क करें, या 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं।
महत्वपूर्ण सवाल-जवाब (FAQ)
प्रश्न 1: क्या मुझे प्रीपेड से पोस्टपेड में बदलने के लिए कोई आवेदन करना होगा?
उत्तर- नहीं, पत्र के अनुसार यह परिवर्तन RMS बैकएंड से UPPCL मुख्यालय स्तर पर स्वतः किया जाएगा, उपभोक्ता को कुछ नहीं करना है।
प्रश्न 2: पहला पोस्टपेड बिल कब आएगा?
उत्तर- पत्र के अनुसार मई-2026 महीने की खपत का बिल जून-2026 में पोस्टपेड पद्धति से जारी किया जाएगा।
प्रश्न 3: मुझे बिल कैसे मिलेगा?
उत्तर- बिल SMS और WhatsApp के माध्यम से भेजा जाएगा। यदि मोबाइल नंबर की समस्या के कारण न मिले, तो संबंधित डिस्कॉम के WhatsApp Chatbot नंबर पर संयोजन संख्या भेजकर या 1912 पर IVRS से बिल प्राप्त किया जा सकता है।
प्रश्न 4: प्रीपेड में जमा की गई सिक्युरिटी राशि का क्या होगा?
उत्तर- पत्र के अनुसार 'कॉस्ट डाटा बुक-2026' के अनुसार निर्धारित सिक्युरिटी राशि 4 समान किस्तों में जून-2026 (जुलाई-2026 में सृजित बिल) और उसके बाद के 3 मासिक बिलों में जोड़ी जाएगी।
प्रश्न 5: यदि मैं Due Date तक भुगतान नहीं करता तो क्या होगा?
उत्तर- उत्तर प्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2005 एवं प्रचलित टैरिफ ऑर्डर के अनुसार विलंब अधिभार लगेगा, और बिल पर अंकित Disconnection Date के बाद कनेक्शन काटे जाने का प्रावधान है।
प्रश्न 6: घरेलू और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के बकाये भुगतान की सुविधा में क्या अंतर है?
उत्तर- घरेलू उपभोक्ताओं को 30 अप्रैल 2026 तक के बकाये के लिए 10 किस्तों की सुविधा दी गई है, जबकि अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को इसी बकाये के लिए 3 किस्तों (40%, 30%, 30%) की सुविधा दी गई है।
प्रश्न 7: यदि स्मार्ट मीटर बिल को लेकर शिकायत है तो कहां संपर्क करें?
उत्तर- 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता एवं उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष काउंटर/कैंप लगाए जाएंगे, इसके अलावा 1912 पर भी विशेष व्यवस्था की जा रही है।
निष्कर्ष
संक्षेप में, UPPCL ने आरडीएसएस योजना के अंतर्गत लगे सभी प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मोड में बदलने का निर्णय लिया है, और यह बदलाव उपभोक्ता की ओर से किसी कार्रवाई के बिना स्वतः होगा। पाठकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि जून-2026 से मिलने वाले बिल पर Due Date का ध्यान रखें, समय पर भुगतान करें, और यदि बकाया है तो घरेलू उपभोक्ता 10 किस्तों तथा अन्य श्रेणी के उपभोक्ता 3 किस्तों की सुविधा का लाभ लेकर विलंब अधिभार से बच सकते हैं।
आधिकारिक स्रोत
यह जानकारी उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा जारी पत्र संख्या-297/2/नो0स्मा0मी0प्रो0/पाकालि0/2026, दिनांक 06 मई 2026 पर आधारित है, जो प्रबंध निदेशक नितीश कुमार के हस्ताक्षर से पूर्वांचल/मध्यांचल/दक्षिणांचल/पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम तथा केस्को-कानपुर को जारी किया गया है। अधिक जानकारी या शिकायत के लिए उपभोक्ता अपने संबंधित डिस्कॉम या UPPCL की आधिकारिक हेल्पलाइन 1912 से संपर्क कर सकते हैं।