उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा अनुभाग-5 ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की द्वितीय छमाही (अगले छह माह) के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृति जारी की है। यह स्वीकृति परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों और सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के टियर-1 पेंशन खाते में जमा होने वाले सरकारी अंशदान से जुड़ी है। इस आदेश के तहत शासन ने रु. 1,65,000.00 लाख यानी 1650 करोड़ रुपये (रुपये सोलह अरब पचास करोड़ मात्र) की धनराशि जारी करने की मंजूरी दी है। यह प्रयागराज स्थित वित्त नियंत्रक, बेसिक शिक्षा परिषद के अनुरोध पर जारी किया गया है। जो शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी या विद्यालय प्रशासन से जुड़े लोग यह जानना चाहते हैं कि यह धनराशि किस मद में जारी हुई है, इसका उपयोग कहाँ होगा और इसकी क्या शर्तें हैं, उनके लिए यह आदेश समझना ज़रूरी है।
एक नजर में महत्वपूर्ण जानकारी
बिंदु | विवरण |
|---|---|
आदेश का विषय | वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु परिषदीय प्राथमिक विद्यालय/सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल के शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के टियर-1 खाते में सरकारी अंशदान की वित्तीय स्वीकृति |
विभाग | बेसिक शिक्षा अनुभाग-5, उत्तर प्रदेश शासन |
आदेश संख्या | 132/2026/1/1413010/2026-68-5002/1/2025 |
आदेश की तारीख | 03 अगस्त 2026 |
जारीकर्ता अधिकारी | अवधेश कुमार तिवारी, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन |
प्राप्तकर्ता | शिक्षा निदेशक (बेसिक) एवं अध्यक्ष, बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज |
संबंधित लेखाशीर्ष | 2071-01-117-03-33 |
कुल प्राविधानित धनराशि (वर्ष 2026-27) | रु. 3,30,000.00 लाख (3300 करोड़) |
द्वितीय 06 माह हेतु स्वीकृत धनराशि | रु. 1,65,000.00 लाख (1650 करोड़/16 अरब 50 करोड़) |
संबंधित कर्मचारी/लाभार्थी | परिषदीय प्राथमिक विद्यालय व सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल के शिक्षक तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारी (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत) |
मुख्य बदलाव | वर्ष की द्वितीय छमाही के लिए टियर-1 खाते में सरकारी अंशदान की धनराशि अवमुक्त |
(सभी आंकड़े और तिथियां उपलब्ध शासनादेश के आधार पर दी गई हैं।)
इस शासनादेश में क्या कहा गया है?
आदेश के अनुसार, बेसिक शिक्षा परिषद के वित्त नियंत्रक ने अपने पत्र (संख्या वेतन/अनुदान प्राप्ति/1/4156-59/2026-27, दिनांक 15.07.2026) के माध्यम से शासन से अनुरोध किया था कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की द्वितीय छमाही (अगले छह माह) के लिए टियर-1 खाते में सरकारी अंशदान हेतु धनराशि जारी की जाए।
इसके जवाब में उत्तर प्रदेश शासन ने अनुदान संख्या-71 के लेखाशीर्ष '2071-01-117-03-33' के अंतर्गत रु. 1,65,000.00 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि "पेंशन/आनुतोषिक/अन्य सेवानिवृत्ति हितलाभ" मद से संबंधित है और इसे राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के टियर-1 खाते में सरकारी अंशदान के रूप में स्कूलों के माध्यम से शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के खातों में जमा किया जाना है।
आदेश में यह भी उल्लेख है कि इसी वित्तीय वर्ष की प्रथम छमाही (पहले छह माह) के लिए पहले ही शासनादेश संख्या-112/2026-1/1292594/2026-68-5002/1/2025, दिनांक 10.04.2026 के माध्यम से रु. 1,65,000.00 लाख की वित्तीय स्वीकृति दी जा चुकी है। इस तरह, वर्ष 2026-27 के लिए कुल प्राविधानित रु. 3,30,000.00 लाख की धनराशि अब दोनों छमाहियों (1,65,000 + 1,65,000 लाख) के रूप में पूरी तरह स्वीकृत हो चुकी है।
किसे लाभ मिलेगा?
उपलब्ध आदेश के अनुसार, इस वित्तीय स्वीकृति का लाभ निम्न को मिलेगा:-
• उत्तर प्रदेश के परिषदीय (बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन) प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी
• सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल (जू0हा0 स्कूल) के शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी, जो टियर-1 पेंशन खाते से जुड़े हैं
यह धनराशि सीधे कर्मचारियों को नकद रूप में नहीं मिलती, बल्कि उनके राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के टियर-1 खाते में सरकारी अंशदान के रूप में जमा होती है, जिससे उनके सेवानिवृत्ति लाभ में योगदान होता है।
किसे लाभ नहीं मिलेगा?
आदेश में स्पष्ट रूप से केवल परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों और सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का उल्लेख है। जो कर्मचारी टियर-1 पेंशन खाते (NPS) के दायरे में नहीं आते, या जो माध्यमिक/उच्च शिक्षा विभाग या अन्य विभागों से संबंधित हैं, उनके बारे में इस आदेश में कोई जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे कर्मचारियों की पात्रता संबंधित विभागीय आदेशों से ही स्पष्ट होगी।
क्या बदलाव हुआ?
यह आदेश किसी नई योजना या नियम में बदलाव का नहीं, बल्कि पहले से चल रही टियर-1 अंशदान व्यवस्था के लिए वित्त वर्ष की द्वितीय छमाही की धनराशि जारी करने का है। इसे इस तरह समझा जा सकता है:-
विवरण | प्रथम 06 माह (2026-27) | द्वितीय 06 माह (2026-27) |
|---|---|---|
संबंधित शासनादेश | संख्या-112/2026-1/1292594/2026-68-5002/1/2025, दिनांक 10.04.2026 | संख्या-132/2026/1/1413010/2026-68-5002/1/2025, दिनांक 03.08.2026 |
स्वीकृत धनराशि | रु. 1,65,000.00 लाख | रु. 1,65,000.00 लाख |
दोनों किस्तों को मिलाकर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राविधानित पूरी रु. 3,30,000.00 लाख की राशि अब स्वीकृत हो चुकी है।
कर्मचारियों/लाभार्थियों पर क्या असर पड़ेगा?
इस स्वीकृति से संबंधित शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के टियर-1 पेंशन खाते में सरकारी अंशदान की राशि नियमित रूप से जमा होने का रास्ता साफ होता है। व्यावहारिक रूप से इसका असर इस प्रकार समझा जा सकता है:-
• टियर-1 खाते में सरकारी अंशदान समय पर जमा होने से कर्मचारियों के पेंशन कोष में निरंतरता बनी रहती है।
• विद्यालय स्तर पर अंशदान संबंधी लंबित मामलों के निपटारे में सहायता मिलती है।
• यह प्रक्रिया कर्मचारी के व्यक्तिगत योगदान से अलग है — यह विशुद्ध रूप से सरकार की ओर से किया जाने वाला अंशदान है।
उदाहरण से समझिए
आदेश में कुल स्वीकृत धनराशि दी गई है, लेकिन प्रति कर्मचारी अंशदान की राशि, दर या गणना पद्धति का उल्लेख इस दस्तावेज़ में नहीं है। इसलिए प्रति व्यक्ति कितनी राशि टियर-1 खाते में जमा होगी, यह आंकड़ा इस आदेश से नहीं निकाला जा सकता। सामान्य समझ के लिए इतना कहा जा सकता है कि यह रु. 1,65,000.00 लाख की कुल राशि प्रदेश भर के पात्र शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के टियर-1 खातों में सामूहिक रूप से वितरित होने के लिए है, न कि किसी एक कर्मचारी के लिए अलग से स्वीकृत राशि।
महत्वपूर्ण शर्तें और सावधानियां
शासन ने यह वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबंधों के अधीन दी है:-
1- प्रयोजन-बद्ध उपयोग:- अवमुक्त की जा रही धनराशि का उपयोग केवल उसी प्रयोजन (टियर-1 खाते में सरकारी अंशदान) के लिए किया जाएगा, जिसके लिए यह स्वीकृति दी गई है।
2- उपयोगिता प्रमाण-पत्र अनिवार्य:- अगली वित्तीय स्वीकृति का प्रस्ताव भेजने से पहले इस राशि के व्यय का उपयोगिता प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य होगा।
3- निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन:- धनराशि का आहरण एवं व्यय वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 28 मार्च, 2026 में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जाएगा।
4- वास्तविक आवश्यकतानुसार आहरण:- आवंटित धनराशि का आहरण वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही होगा, और इसका उपयोग केवल चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में ही किया जा सकेगा। आहरित धनराशि का विवरण निर्धारित प्रपत्र पर शासन को देना होगा।
5- उत्तरदायित्व:- वित्तीय व्यवस्थाओं के अनुपालन का समस्त उत्तरदायित्व प्राप्तकर्ता अधिकारी (शिक्षा निदेशक बेसिक/अध्यक्ष बेसिक शिक्षा परिषद) का होगा। किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए वे स्वयं उत्तरदायी होंगे।
अब क्या करना होगा?
उपलब्ध आदेश के अनुसार संबंधित कार्यालयों को निम्न प्रक्रिया अपनानी होगी:-
1- स्वीकृत रु. 1,65,000.00 लाख की धनराशि को निर्धारित लेखाशीर्ष के अंतर्गत टियर-1 खाते में सरकारी अंशदान हेतु आहरित करना।
2- आहरण केवल वास्तविक आवश्यकतानुसार करना, न कि पूरी राशि एक साथ निकालना।
3- आहरित धनराशि का विवरण निर्धारित प्रपत्र पर शासन को उपलब्ध कराना।
4- अगली किस्त/स्वीकृति मांगने से पूर्व इस राशि के व्यय का उपयोगिता प्रमाण-पत्र शासन को भेजना।
5- धनराशि का व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के भीतर ही सुनिश्चित करना।
महत्वपूर्ण सवाल-जवाब (FAQ)
1. यह धनराशि किसके खाते में जमा होगी — शिक्षक के बैंक खाते में या पेंशन खाते में?
उत्तर- आदेश के अनुसार यह राशि टियर-1 (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) खाते में सरकारी अंशदान के रूप में जमा की जानी है, न कि सीधे वेतन या बैंक खाते में।
2. क्या यह राशि पूरे वित्तीय वर्ष के लिए है या केवल छह माह के लिए?
उत्तर- यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 की द्वितीय छमाही (अगले छह माह) के लिए स्वीकृत की गई है। प्रथम छमाही की राशि पहले ही अलग शासनादेश से स्वीकृत हो चुकी है।
3. क्या निजी विद्यालयों के शिक्षकों को भी यह लाभ मिलेगा?
उत्तर- नहीं, आदेश के अनुसार यह लाभ केवल परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों और सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए है।
4. प्रति शिक्षक कितनी राशि टियर-1 खाते में जमा होगी?
उत्तर- इसकी जानकारी संबंधित आधिकारिक दस्तावेज़ में उपलब्ध नहीं है। आदेश में केवल कुल स्वीकृत धनराशि दी गई है।
5. क्या इस राशि का उपयोग किसी अन्य मद में किया जा सकता है?
उत्तर- नहीं, आदेश स्पष्ट करता है कि अवमुक्त धनराशि का उपयोग केवल उसी प्रयोजन के लिए होगा जिसके लिए स्वीकृति दी गई है।
6. यह राशि किस विभागीय आदेश के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत खर्च होगी?
उत्तर- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 28 मार्च, 2026 में दिए गए दिशा-निर्देशों के अंतर्गत।
7. यदि धनराशि खर्च नहीं हो पाई तो क्या होगा?
उत्तर- आदेश के अनुसार धनराशि का उपभोग चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में ही करना होगा; इससे आगे की स्थिति पर आदेश में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
निष्कर्ष
संक्षेप में, यह शासनादेश उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों और सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के टियर-1 पेंशन खाते में सरकारी अंशदान के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 की द्वितीय छमाही की रु. 1,65,000.00 लाख (1650 करोड़) की धनराशि जारी करने की स्वीकृति देता है। इसके साथ ही इस वित्तीय वर्ष के लिए प्राविधानित पूरी रु. 3,30,000.00 लाख की राशि स्वीकृत हो चुकी है। पाठकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह राशि सशर्त है — इसका उपयोग केवल निर्धारित प्रयोजन के लिए, वास्तविक आवश्यकतानुसार और उपयोगिता प्रमाण-पत्र देने की शर्त पर ही किया जा सकेगा।
आधिकारिक स्रोत
यह जानकारी उत्तर प्रदेश शासन, बेसिक शिक्षा अनुभाग-5 द्वारा जारी शासनादेश संख्या 132/2026/1/1413010/2026-68-5002/1/2025, दिनांक 03 अगस्त, 2026 पर आधारित है। शासनादेश की प्रामाणिकता आधिकारिक वेबसाइट http://shasanadesh.up.gov.in पर सत्यापित की जा सकती है।
अस्वीकरण: यह लेख उपरोक्त आधिकारिक शासनादेश के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी आधिकारिक कार्यवाही, दावे या निर्णय से पूर्व मूल शासनादेश और संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी अवश्य सत्यापित करें।