उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों में पुलिस की आंख-कान माने जाने वाले ग्राम प्रहरियों (ग्राम चौकीदार) को बड़ी सौगात दी है। शासन ने आदेश जारी कर ग्राम प्रहरियों का मासिक मानदेय ₹2,500 से बढ़ाकर ₹3,500 कर दिया है। यानी एकमुश्त 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे प्रदेश के लगभग 60 से 70 हजार ग्राम प्रहरियों को फायदा मिलेगा।
मुख्य बातें
मासिक मानदेय ₹2,500 से बढ़कर ₹3,500 हुआ।
प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना ₹12,000 अतिरिक्त मिलेंगे।
ग्राम प्रहरियों और उनके परिजनों को ₹5 लाख तक सालाना कैशलेस इलाज की सुविधा।
सरकार पर सालाना लगभग ₹84 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार, जिसके लिए अनुपूरक बजट में प्रावधान किया जाएगा।
रिक्त पदों पर स्थानीय स्तर से नई नियुक्तियां करने के निर्देश।
शासनादेश में क्या कहा गया?
गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मानदेय वृद्धि को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही 8 मार्च 2019 के शासनादेश को इस सीमा तक संशोधित किया गया है। ग्राम प्रहरियों को पहले से मिल रहीं अन्य सुविधाएं पहले की तरह यथावत रहेंगी।
मानदेय का सफर: ₹1,500 से ₹3,500 तक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में बताया कि वर्ष 2017 से पहले ग्राम प्रहरियों को सिर्फ ₹1,500 मानदेय मिलता था। वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर ₹2,500 किया गया और अब इसे ₹3,500 प्रतिमाह कर दिया गया है।

ग्राम प्रहरी कौन होते हैं और क्या काम करते हैं?
ग्राम प्रहरी गांवों में पुलिस के सूचना तंत्र की अहम कड़ी हैं। स्थानीय थानों से संबद्ध ग्राम प्रहरी ग्रामीण क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों, आपसी विवादों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जानकारी पुलिस तक पहुंचाते हैं। लंबे समय से वे मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे और राजधानी में कई दिनों से धरना भी दे रहे थे।
₹5 लाख तक कैशलेस इलाज
मुख्यमंत्री ने बरेली में घोषणा की कि ग्राम प्रहरियों और उनके परिजनों को सालाना ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। इस कार्यक्रम में 11 ग्राम प्रहरियों को सम्मानित भी किया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पुलिस के लिए बढ़ाई गई सुविधाओं का लाभ होमगार्ड, पीआरडी से लेकर ग्राम प्रहरियों तक पहुंचाया गया है।
रिक्त पदों पर नई भर्ती
मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को निर्देश दिए हैं कि ग्राम प्रहरियों के रिक्त पदों पर स्थानीय स्तर से नियुक्तियां की जाएं। इससे गांवों में निगरानी तंत्र मजबूत होगा और स्थानीय लोगों को अवसर मिलेगा।
मानदेय बढ़ोतरी की तुलना
अवधि | मासिक मानदेय |
|---|---|
2017 से पहले | ₹1,500 |
2019 से | ₹2,500 |
अब (2026) | ₹3,500 |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्र. ग्राम प्रहरी का नया मानदेय कितना है?
उ. ₹3,500 प्रतिमाह, पहले ₹2,500 था।
प्र. सालाना कितना अतिरिक्त मिलेगा?
उ. प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना ₹12,000 अतिरिक्त।
प्र. इलाज की क्या सुविधा मिलेगी?
उ. ग्राम प्रहरी और उनके परिजनों को ₹5 लाख तक का सालाना कैशलेस इलाज।
प्र. आदेश किस विभाग ने जारी किया?
उ. गृह विभाग (शासन) ने, 8 मार्च 2019 के शासनादेश को संशोधित करते हुए।
निष्कर्ष
मानदेय में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी और कैशलेस इलाज की सुविधा ग्राम प्रहरियों के लिए बड़ी राहत है। इससे उनका मनोबल बढ़ने के साथ ग्रामीण स्तर पर पुलिस का सूचना तंत्र भी मजबूत होगा। ऐसे सभी शासनादेशों के लिए shasnadeshupdates.com पर नज़र रखें।
नोट: लाभार्थियों की संख्या समाचार रिपोर्टों में 60 से 70 हजार के बीच बताई गई है। अंतिम जानकारी के लिए आधिकारिक शासनादेश देखें।