उत्तर प्रदेश शासन के श्रम अनुभाग-02 ने 21 अक्टूबर 2026 को एक कार्यालय-ज्ञाप जारी किया है। इसमें 01 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक न्यूनतम मजदूरी के साथ मिलने वाला परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (Variable Dearness Allowance – VDA) तय किया गया है। यह आदेश निजी कारखानों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और ठेके पर काम करने वाले उन श्रमिकों के लिए अहम है जो अनुसूचित रोजगारों में काम करते हैं। आउटसोर्सिंग एजेंसियों के बिल जांचने वाले सरकारी कार्यालयों के लिए भी यह उपयोगी है।
एक नज़र में (Quick Summary)
विषय | जानकारी |
जारी करने वाला विभाग | उत्तर प्रदेश शासन, श्रम अनुभाग-02, लखनऊ |
आदेश संख्या | I/1498869/2026-2041256 |
आदेश की तिथि | 21-10-2026 |
आदेश का प्रकार | कार्यालय-ज्ञाप (Office Memorandum) |
लागू अवधि | 01.10.2026 से 31.03.2027 |
किन पर लागू | 74 अनुसूचित रोजगारों के श्रमिक |
आधार सूचकांक | CPI (आधार वर्ष 2001=100), जनवरी–जून 2026 का औसत 431 अंक |
DA की दर | मूल मजदूरी का 7.75% |
मूल अधिसूचना | संख्या-374/36-2-2026-2041256, दिनांक 17-04-2026 |
यह आदेश क्या है?
राज्य सरकार ने 17 अप्रैल 2026 की अधिसूचना से 74 अनुसूचित रोजगारों के लिए न्यूनतम मजदूरी की मूल दरें तय की थीं। ये दरें 01-04-2026 से प्रभावी हैं। यह अधिसूचना संयुक्त प्रान्त औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 3(ख) के तहत अंतरिम राहत के रूप में जारी हुई थी।
इन मूल दरों में अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के 400 अंकों तक की महंगाई पहले ही जोड़ दी गई थी। यह 400 अंक जुलाई से दिसंबर 2023 का औसत है। इसका मतलब है कि सूचकांक 400 से जितना ऊपर जाएगा, उतनी बढ़ोतरी अलग से परिवर्तनीय महंगाई भत्ते के रूप में दी जाएगी।
DA साल में दो बार कैसे बदलता है?
आदेश के अनुसार महंगाई को शत-प्रतिशत निष्प्रभावी (100% neutralisation) किया जाता है। इसके लिए परिवर्तनीय DA साल में दो बार संशोधित होता है:
• अप्रैल में: पिछले वर्ष के जुलाई से दिसंबर के औसत सूचकांक के आधार पर
• अक्टूबर में: उसी वर्ष के जनवरी से जून के औसत सूचकांक के आधार पर
इस बार जनवरी–जून 2026 का औसत सूचकांक 431 अंक रहा। यही अक्टूबर 2026 वाले DA का आधार है।
DA की गणना कैसे होती है? (Step-by-Step)
आदेश में दिया गया सूत्र इस प्रकार है:
परिवर्तनीय DA = (औसत सूचकांक − 400) ÷ 400 × मूल मजदूरी
उदाहरण 1: श्रेणी-2 का कुशल श्रमिक
1. सूचकांक में बढ़ोतरी: 431 − 400 = 31 अंक
2. प्रतिशत: 31 ÷ 400 = 0.0775, यानी 7.75%
3. मूल मजदूरी (01-04-2026 से): ₹15,082
4. DA: 15,082 × 0.0775 = ₹1,168.86
5. कुल मासिक मजदूरी: 15,082 + 1,168.86 = ₹16,250.86
6. दैनिक मजदूरी: 16,250.86 ÷ 26 = ₹625.03
इसी तरह आप किसी भी श्रेणी की मूल मजदूरी को 0.0775 से गुणा करके DA निकाल सकते हैं।
पूरी दर तालिका: 01.10.2026 से 31.03.2027
श्रेणी-1: गौतमबुद्धनगर एवं गाजियाबाद
श्रमिक वर्ग | मूल मजदूरी (₹) | परिवर्तनीय DA (₹) | मासिक मजदूरी (₹) | दैनिक मजदूरी (₹) |
अकुशल | 12,885 | 998.59 | 13,883.59 | 533.98 |
अर्द्धकुशल | 14,173 | 1,098.41 | 15,271.41 | 587.36 |
कुशल | 15,876 | 1,230.39 | 17,106.39 | 657.94 |
श्रेणी-2: नगर निगम वाले जिले
श्रमिक वर्ग | मूल मजदूरी (₹) | परिवर्तनीय DA (₹) | मासिक मजदूरी (₹) | दैनिक मजदूरी (₹) |
अकुशल | 12,241 | 948.68 | 13,189.68 | 507.30 |
अर्द्धकुशल | 13,464 | 1,043.46 | 14,507.46 | 557.98 |
कुशल | 15,082 | 1,168.86 | 16,250.86 | 625.03 |
श्रेणी-3: अन्य सभी जिले
यह श्रेणी उन जिलों के लिए है जो श्रेणी-1 या श्रेणी-2 में नहीं आते।
श्रमिक वर्ग | मूल मजदूरी (₹) | परिवर्तनीय DA (₹) | मासिक मजदूरी (₹) | दैनिक मजदूरी (₹) |
अकुशल | 11,629 | 901.25 | 12,530.25 | 481.93 |
अर्द्धकुशल | 12,791 | 991.30 | 13,782.30 | 530.09 |
कुशल | 14,328 | 1,110.42 | 15,438.42 | 593.79 |

चित्र: तीनों जिला श्रेणियों में अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों की कुल मासिक मजदूरी (मूल मजदूरी + परिवर्तनीय DA), अवधि 01.10.2026 से 31.03.2027।
स्रोत: उत्तर प्रदेश शासन, श्रम अनुभाग-02, कार्यालय-ज्ञाप सं. I/1498869/2026-2041256, दिनांक 21-10-2026।
मूल मजदूरी बनाम कुल मजदूरी: फर्क कितना है?
कई श्रमिकों और नियोक्ताओं से यह गलती होती है कि वे केवल मूल मजदूरी को ही न्यूनतम मजदूरी मान लेते हैं। आदेश के अनुसार न्यूनतम मजदूरी का मतलब है मूल मजदूरी और परिवर्तनीय DA दोनों का जोड़।
उदाहरण (श्रेणी-3, अकुशल) | केवल मूल मजदूरी | मूल + परिवर्तनीय DA |
मासिक | ₹11,629 | ₹12,530.25 |
दैनिक (÷26) | ₹447.27 | ₹481.93 |
अगर किसी अकुशल श्रमिक को श्रेणी-3 के जिले में अक्टूबर 2026 से केवल ₹11,629 दिए जा रहे हैं, तो उसे हर महीने ₹901.25 कम मिल रहे हैं।
(ऊपर तालिका में दैनिक ₹447.27 केवल समझाने के लिए की गई गणना है, यह आदेश में दी गई दर नहीं है।)
आदेश की महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ, आसान भाषा में
1. दैनिक मजदूरी का नियम
दैनिक मजदूरी, मूल मजदूरी और परिवर्तनीय DA के जोड़ के 1/26 भाग से कम नहीं हो सकती।
2. अंशकालिक (Part-time) श्रमिक
जिस श्रमिक के काम के घंटे, विश्राम अंतराल सहित, एक दिन में 6 घंटे या एक सप्ताह में 36 घंटे से कम हैं, उसे अंशकालिक माना जाएगा। उसकी घंटेवार मजदूरी उसकी श्रेणी की दैनिक दर के 1/8 भाग से कम नहीं होगी।
उदाहरण 2: श्रेणी-1 का अकुशल अंशकालिक श्रमिक
• दैनिक दर ₹533.98 ÷ 8 = कम से कम ₹66.75 प्रति घंटा
उदाहरण 3: श्रेणी-3 का अकुशल अंशकालिक श्रमिक
• दैनिक दर ₹481.93 ÷ 8 = कम से कम ₹60.24 प्रति घंटा
3. पहले से अधिक वेतन है तो वह जारी रहेगा
अगर किसी श्रमिक को इन दरों के लागू होने से पहले ही इनसे अधिक मजदूरी मिल रही थी, तो वह अधिक मजदूरी जारी रहेगी। नई दरें किसी भी श्रमिक के हित के विरुद्ध लागू नहीं होंगी।
4. ठेका श्रमिकों के लिए जरूरी बात
अगर कोई नियोजक ठेकेदार के माध्यम से श्रमिक रखता है, चाहे ठेका श्रम का प्रमाण-पत्र लिया हो या नहीं, तो ऐसा श्रमिक सीधे रखा गया श्रमिक माना जाएगा। यह प्रावधान संयुक्त प्रान्त औद्योगिक झगड़ों का एक्ट, 1947 की धारा-9 के तहत है। ऐसे श्रमिक को भी इन्हीं दरों पर मजदूरी और भत्ता पाने का अधिकार होगा।
5. किशोर श्रमिक
किशोरों की न्यूनतम कालानुपाती (time-rate) मजदूरी किसी वयस्क की दर से कम नहीं होगी।
6. पीस-रेट (मात्रानुपाती) काम
अगर काम मात्रा के हिसाब से कराया जा रहा है, तो भी गारंटीड दर वही होगी जो समय के हिसाब से तय कालानुपाती दर है।
7. साप्ताहिक विश्राम दिवस
तय दरों में मजदूरी संहिता, 2019 (Code on Wages) की धारा-13 के तहत मिलने वाले विश्राम दिन का पारिश्रमिक भी शामिल है।
सरकारी कार्यालयों के लिए व्यावहारिक सुझाव
जो कार्यालय आउटसोर्सिंग एजेंसी या ठेकेदार के माध्यम से श्रमिक रखते हैं, वे बिल पास करने से पहले ये बातें जांच सकते हैं:
• अक्टूबर 2026 के बाद के बिलों में मूल मजदूरी के साथ परिवर्तनीय DA जोड़ा गया है या नहीं।
• जिले की सही श्रेणी (1, 2 या 3) ली गई है या नहीं।
• श्रमिक का वर्ग (अकुशल/अर्द्धकुशल/कुशल) अनुबंध के अनुसार सही है या नहीं।
• अंशकालिक श्रमिकों के लिए घंटेवार दर, दैनिक दर के 1/8 से कम तो नहीं है।
आम गलतियाँ जिनसे बचें
• केवल मूल मजदूरी देना: अक्टूबर 2026 से DA जोड़ना अनिवार्य है।
• गलत जिला श्रेणी लेना: नगर निगम वाले जिलों की दरें श्रेणी-3 से अधिक हैं।
• पूरे महीने को 30 से भाग देना: आदेश के अनुसार दैनिक दर मासिक मजदूरी का 1/26 है।
• ठेका श्रमिक को कम दर देना: ठेका श्रमिक भी इन्हीं दरों का हकदार है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: नया परिवर्तनीय DA कब से कब तक लागू है?
उत्तर: यह 01.10.2026 से 31.03.2027 तक की अवधि के लिए है।
प्रश्न 2: क्या यह आदेश राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों के DA से जुड़ा है?
उत्तर: नहीं। यह आदेश न्यूनतम मजदूरी पाने वाले अनुसूचित रोजगारों के श्रमिकों के लिए है। नियमित सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता अलग आदेशों से तय होता है।
प्रश्न 3: DA मूल मजदूरी का कितना प्रतिशत है?
उत्तर: इस अवधि के लिए DA मूल मजदूरी का 7.75% है, क्योंकि औसत सूचकांक 431 है और आधार 400 है।
प्रश्न 4: अगर मेरी मौजूदा मजदूरी नई दर से अधिक है तो क्या कटौती होगी?
उत्तर: नहीं। आदेश के अनुसार पहले से मिल रही अधिक मजदूरी जारी रहेगी।
प्रश्न 5: अंशकालिक श्रमिक किसे माना जाएगा?
उत्तर: जिसके काम के घंटे, विश्राम अंतराल सहित, रोज 6 घंटे या सप्ताह में 36 घंटे से कम हों।
प्रश्न 6: अगला DA संशोधन कब होगा?
उत्तर: व्यवस्था के अनुसार अगला संशोधन अप्रैल में होगा, जो जुलाई–दिसंबर 2026 के औसत सूचकांक पर आधारित होगा। उसके लिए अलग आदेश जारी होगा।
प्रश्न 7: कम मजदूरी मिलने पर क्या करें?
उत्तर: आदेश की प्रतिलिपि सभी जिलाधिकारियों और अपर/उप/सहायक श्रमायुक्तों को भेजी गई है। श्रमिक अपने जिले के श्रम कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
स्रोत
आदेश: उत्तर प्रदेश शासन, श्रम अनुभाग-02, कार्यालय-ज्ञाप संख्या I/1498869/2026-2041256, दिनांक 21-10-2026, लखनऊ मूल अधिसूचना: संख्या-374/36-2-2026-2041256, दिनांक 17-04-2026 संदर्भ: श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश का पत्र संख्या-1579/आई0आर0डी0-2026, दिनांक 30-09-2026 यह एक स्वतंत्र सूचना पोर्टल है; आधिकारिक पुष्टि के लिए मूल शासनादेश देखें। |