यूपी के कर्मचारियों को वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन का तदर्थ बोनस: शासनादेश 5 नवम्बर 2026 की पूरी जानकारी
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यूपी के कर्मचारियों को वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन का तदर्थ बोनस: शासनादेश 5 नवम्बर 2026 की पूरी जानकारी

उत्तर प्रदेश शासन के वित्त (वेतन आयोग) अनुभाग-1 ने 05 नवम्बर 2026 को एक शासनादेश जारी किया है। इसके तहत वर्ष 2025-2026 के लिए पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर तदर्थ बोनस की स्वीकृति दी गई है। इस लेख में आदेश की शर्तें, पात्रता, गणना और भुगतान का तरीका सरल भाषा में समझाया गया है।

📅 5 नवंबर 2026 ·👁 7 views

शासनादेश का पूरा विवरण

• शासनादेश संख्या: 6/2026/वे0आ0-1-362/दस-2026-36(एम)/08

• जारी करने की तिथि: 05 नवम्बर, 2026 (लखनऊ)

• जारीकर्ता: आलोक कुमार, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन

• विभाग: वित्त (वेतन आयोग) अनुभाग-1

• विषय: राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों के कर्मचारियों, राजकीय विभागों के कार्य प्रभारित कर्मचारियों और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को वर्ष 2025-2026 के लिए 30 दिन के तदर्थ बोनस का भुगतान

• संदर्भित आदेश: (1) शासनादेश संख्या 06/2025/वे0आ0-1-347/दस-2025-36(एम)/08, दिनांक 14 अक्टूबर 2025; (2) भारत सरकार, वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग का कार्यालय ज्ञापन संख्या 7/24/2007/ई-III(ए), दिनांक 15 अक्टूबर 2026

यह आदेश समस्त विभागाध्यक्षों, राज्य विश्वविद्यालयों के वित्त अधिकारी/कुल सचिव, शिक्षा निदेशकों, निदेशक प्राविधिक शिक्षा, निदेशक स्थानीय निकाय, जिलाधिकारियों/अध्यक्ष जिला पंचायत और निदेशक पंचायती राज को संबोधित है।

शासनादेश जारी करने का उद्देश्य

शासनादेश के अनुसार, उत्पादकता से जुड़ी किसी बोनस योजना के अंतर्गत न आने वाले कर्मचारियों के लिए बोनस की कोई विस्तृत योजना उपलब्ध नहीं है। इसी कारण पिछले वर्ष (2024-25) के लिए 14 अक्टूबर 2025 के आदेश से 30 दिन का तदर्थ बोनस दिया गया था।

अब भारत सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए वर्ष 2025-26 हेतु 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर तदर्थ बोनस स्वीकृत किया है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने समान व्यवस्था उत्तर प्रदेश के संबंधित कर्मचारियों के लिए लागू की है।

किन्हें लाभ मिलेगा?

आदेश के अनुसार तदर्थ बोनस इन श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए है:

• पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारी

• राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के कर्मचारी

• स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारी

• राजकीय विभागों के कार्य प्रभारित अधिष्ठान के कर्मचारी

• शर्तें पूरी करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी

यह लाभ उन्हीं को मिलेगा जिनका पद वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 (रू0 47600-151100) तक है। अपुनरीक्षित वेतनमानों में यह सीमा ग्रेड वेतन रू0 4800 है।

पात्रता एवं आवश्यक शर्तें

1. वेतन स्तर: कर्मचारी लेवल-8 तक के पद पर कार्यरत हो। आदेश स्पष्ट करता है कि यदि वित्तीय स्तरोन्नयन के रूप में उसे इससे ऊँचा मैट्रिक्स लेवल मिला है, तब भी वह पात्र रहेगा।

2. सेवा अवधि: कर्मचारी ने 31 मार्च 2026 को एक वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली हो।

3. अनुशासनात्मक स्थिति: वर्ष 2025-26 में विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही या आपराधिक मुकदमे में दंडित कर्मचारी को इस वर्ष का तदर्थ बोनस देय नहीं होगा।

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए शर्तें

• 06 कार्य दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में 31 मार्च 2026 को 03 वर्ष या अधिक समय तक लगातार कार्य किया हो और प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन कार्यरत रहे हों।

• 05 कार्य दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में तीन या अधिक वर्षों में हर वर्ष 206 दिन कार्यरत रहे हों।

• ऐसे पूर्णकालिक कर्मचारी, जिन्होंने 31 मार्च 2026 तक एक वर्ष की निरंतर सेवा पूरी नहीं की, लेकिन उस तिथि तक दैनिक वेतनभोगी के रूप में (दोनों अवधियों को मिलाकर) 03 वर्ष या अधिक लगातार कार्य किया हो और उपरोक्त दिनों की शर्त पूरी करते हों, उन्हें भी यह सुविधा अनुमन्य होगी।

मिलने वाले लाभ की विस्तृत जानकारी

नियमित कर्मचारियों के लिए

आदेश के अनुसार तदर्थ बोनस की गणना के लिए मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा रू0 7000 है। एक माह में औसत दिनों की संख्या 30.4 मानी गई है और 31 मार्च 2026 को ग्राह्य परिलब्धियों के आधार पर 30 दिन की परिलब्धियाँ आगणित होंगी।

यदि 31 मार्च 2026 को वास्तविक औसत परिलब्धियाँ रू0 7000 से अधिक हैं, तो रू0 7000 को परिकल्पित परिलब्धि मानकर गणना होगी:

रू0 7000 × 30 ÷ 30.4 = 6907.89, यानी रू0 6908

अर्थात ऐसे कर्मचारी को अधिकतम रू0 6908 तदर्थ बोनस अनुमन्य होगा।

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए

इनके लिए मासिक परिलब्धियाँ अधिकतम रू0 1200 प्रतिमाह मानी जाएंगी:

रू0 1200 × 30 ÷ 30.4 = 1184.21, यानी रू0 1184

जिन दैनिक वेतनभोगियों की वास्तविक मासिक परिलब्धियाँ रू0 1200 से कम हैं, उनका बोनस उनकी वास्तविक मासिक परिलब्धियों के आधार पर निकाला जाएगा।

गणना का उदाहरण (पाठकों को समझाने हेतु)

यह उदाहरण केवल समझाने के लिए है, शासनादेश में दिया गया नहीं है। मान लीजिए किसी दैनिक वेतनभोगी की वास्तविक मासिक परिलब्धि रू0 900 है। आदेश की पद्धति के अनुसार गणना होगी: 900 × 30 ÷ 30.4 = 888.16, जो नजदीकी रुपये में पूर्णांकित होकर रू0 888 होगा। अंतिम राशि विभाग/कोषागार द्वारा उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ही तय की जाएगी।

धनराशि का पूर्णांकन

आगणित राशि को नजदीकी एक रुपये में पूर्णांकित किया जाएगा। 50 पैसे या उससे अधिक को एक रुपया माना जाएगा और 50 पैसे से कम को छोड़ दिया जाएगा।

भुगतान का तरीका

• सभी पात्र श्रेणियों में तदर्थ बोनस की अनुमन्य धनराशि का 75 प्रतिशत कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में जमा होगा और शेष 25 प्रतिशत का नकद भुगतान होगा।

• जो कर्मचारी भविष्य निधि खाते का सदस्य नहीं है, उसे वह धनराशि नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एन0एस0सी0) के रूप में दी जाएगी या उसके पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पी0पी0एफ0) में जमा की जाएगी।

• जो कर्मचारी अधिवर्षता की आयु पर 31 मार्च 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके हैं या 30 अप्रैल 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें तदर्थ बोनस की संपूर्ण धनराशि का नकद भुगतान किया जाएगा।

आदेश में भुगतान की कोई विशिष्ट तिथि नहीं दी गई है। इसलिए भुगतान की तारीख के बारे में अपने कार्यालय या कोषागार से जानकारी लें।

महत्वपूर्ण नियम एवं प्रतिबंध

लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाही या मुकदमा: जिन कर्मचारियों के विरुद्ध वर्ष 2025-26 या पूर्व के वर्षों से अनुशासन एवं अपील नियमावली के अंतर्गत विभागीय कार्यवाही या न्यायालय में आपराधिक मुकदमा लंबित है, उनके तदर्थ बोनस का भुगतान परिणाम प्राप्त होने तक स्थगित रहेगा। यदि परिणाम में कर्मचारी दोषमुक्त होता है, तो भुगतान कर दिया जाएगा और जिन-जिन वर्षों का बोनस इस कारण स्थगित रहा, उन सभी वर्षों का भुगतान होगा।

एक बार बोनस की देयता पर निर्णय हो जाने के बाद, उस निर्णय के विरुद्ध अपील या पुनर्विचार के परिणाम के आधार पर बोनस की देयता पर दोबारा विचार नहीं किया जाएगा।

पूर्व आदेश की शर्तें: बोनस भुगतान से संबंधित शासनादेश संख्या वे0आ0-1-120/दस-1(एम)/84, दिनांक 18 जनवरी 1984 के प्रस्तर 1(7), 5 तथा 6 में उल्लिखित शर्तें और प्रतिबंध इस तदर्थ बोनस पर भी यथावत लागू रहेंगे।

लेखा शीर्ष: स्वीकृत तदर्थ बोनस को आय-व्ययक के उसी लेखा शीर्ष में डाला जाएगा जिससे संबंधित कर्मचारियों का वेतन व्यय वहन होता है, और इसे मानक मद "वेतन" के अंतर्गत दर्शाया जाएगा।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

• यह बोनस सभी कर्मचारियों के लिए नहीं है। पात्रता वेतन स्तर, सेवा अवधि और अनुशासनात्मक स्थिति पर निर्भर है।

• आपका वास्तविक बोनस आपकी 31 मार्च 2026 की परिलब्धियों पर आधारित होगा, अधिकतम सीमा के अधीन।

• भविष्य निधि में जमा होने वाला 75 प्रतिशत भाग तुरंत नकद नहीं मिलता, सिर्फ 25 प्रतिशत नकद मिलता है (सेवानिवृत्त होने वाले वर्ग को छोड़कर)।

• अपनी पात्रता और राशि की पुष्टि अपने कार्यालय के लेखा अनुभाग या कोषागार से अवश्य कराएं।

• शासनादेश की प्रमाणिकता आधिकारिक वेबसाइट shasanadesh.up.gov.in से जांची जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: यह तदर्थ बोनस किस वर्ष के लिए है?

उत्तर: यह वर्ष 2025-2026 के लिए है।

प्रश्न 2: अधिकतम कितना बोनस मिल सकता है?

उत्तर: नियमित कर्मचारियों के लिए अधिकतम रू0 6908 और दैनिक वेतनभोगियों के लिए अधिकतम रू0 1184, जैसा आदेश में गणना से स्पष्ट है।

प्रश्न 3: क्या लेवल-8 से ऊपर के पद के कर्मचारियों को यह मिलेगा?

उत्तर: आदेश लेवल-8 (रू0 47600-151100) तक के पद के लिए है। केवल वित्तीय स्तरोन्नयन के कारण ऊँचा मैट्रिक्स लेवल पाने वाले कर्मचारी भी पात्र हैं।

प्रश्न 4: क्या पूरा बोनस नकद मिलेगा?

उत्तर: सामान्यतः नहीं। 75 प्रतिशत भविष्य निधि खाते में जाएगा और 25 प्रतिशत नकद मिलेगा। 31 मार्च 2026 के बाद अधिवर्षता पर सेवानिवृत्त हो चुके या 30 अप्रैल 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पूरा भुगतान नकद होगा।

प्रश्न 5: दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी कब पात्र हैं?

उत्तर: जब उन्होंने 31 मार्च 2026 को निर्धारित वर्षों तक लगातार कार्य किया हो और प्रत्येक वर्ष न्यूनतम 240 दिन (पांच दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में 206 दिन) कार्य किया हो।

प्रश्न 6: अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित हो तो क्या होगा?

उत्तर: बोनस का भुगतान परिणाम आने तक स्थगित रहेगा। दोषमुक्त होने पर भुगतान कर दिया जाएगा।

प्रश्न 7: क्या भुगतान की तिथि आदेश में दी गई है?

उत्तर: नहीं, आदेश में भुगतान की कोई तिथि नहीं दी गई है।

निष्कर्ष

05 नवम्बर 2026 का यह शासनादेश केंद्र सरकार के निर्णय के क्रम में उत्तर प्रदेश के लेवल-8 तक के अराजपत्रित और संबंधित श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए वर्ष 2025-26 का 30 दिन का तदर्थ बोनस स्वीकृत करता है। राशि की गणना, भविष्य निधि और नकद के अनुपात तथा पात्रता की शर्तों को ध्यान से समझना जरूरी है। किसी भी संदेह की स्थिति में अपने विभाग या कोषागार से संपर्क करें और मूल शासनादेश आधिकारिक वेबसाइट पर देखें।

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